क्या आपने कभी खूबसूरत वादियों के बीच बाइक राइड का मज़ा लिया है? बाइक राइड होती ही ऐसी है, जहां आपको हाइवे के चारों ओर बसे नज़ारों को देखने का मौका मिलता है और साथ ही साथ आप किसी भी नयी जगह की संस्कृति और वहां बसे लोगों को और भी करीब से जान पाते हैं। इसलिए बाइक राइडर्स ऐसी जगहें खोज निकालते हैं, जिनके बारे में कम लोग ही जानते हैं। आज हम एक ऐसी ही जगह के बारे में आपको बताएंगे, जो बाइकर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। हम बात कर रहे हैं राजस्थान में बसे चूलगिरि की, जो जयपुर से बेहद करीब है। आइये जानते हैं इस जगह की ख़ासियत।

बाइकर्स की पसंदीदा जगह

यहां तक का सफर भी काफी खूबसूरत है

पहाड़ी रास्ता, खूबसूरत जंगल और टेढ़ी-मेढ़ी घाटियां बाइक राइडर्स को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहां जंगल और खूबसूरत वादियां मौजूद हैं, जिसे देखने के लिए लोग बाइक पर ट्रेवल करना पसंद करते हैं। खास तौर पर यहां के पहाड़ों के तीखे घुमावदार रास्तों पर बाइक चलाकर राइडर्स को खुद को चैलेन्ज करने में बेहद मज़ा आता है। साथ ही यहां तक का सफर भी काफी खूबसूरत है। जयपुर-आगरा हाइवे यानी कि एनएच 11 पर सफर करते हुए चूलगिरि पहुंचने में आपको सुन्दर नज़ारों का लुत्फ़ उठाने का मौका मिलेगा।

जब ना करना हो बाइक राइडिंग

इस मंदिर में आप शाम 6 बजे तक दर्शन कर सकते हैं

जरूरी नहीं कि आप इस जगह पर बाइक राइड के लिए ही जाएं। आप चाहें तो फैमिली के साथ यहां के नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां एक खूबसूरत दिगंबर जैन मंदिर है, जिसकी बनावट लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां महावीर भगवान की 21 फुट ऊंची मूर्ति स्थापित की गई है, जहां हर साल मई के महीने में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर में आप शाम 6 बजे तक दर्शन कर सकते हैं। लेकिन पहाड़ी रास्ता ऐसा घुमावदार और जंगलों से घिरा हुआ है कि कई बार दिन ढलने के बाद और सूर्योदय से पहले यहां जाने की अनुमति नहीं दी जाती। इसका कारण यह है कि मंदिर तक जाने का पूरा रास्ता जंगली जानवरों से भरा हुआ है।

इसके अलावा आप यहां चूलगिरी की पहाड़ियों की सैर कर सकते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि ये पहाड़ियां शहर के बाहर मौजूद हैं, इसीलिए यहां आपको खुद की गाड़ी या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके पहुंचना होगा। इसके अलावा पहाड़ी पर चढ़ाई करने की भी आपको ज़रूरत होगी। आप चाहे तो सीढ़ियों की मदद से चूलगिरी तक पहुंच सकते हैं, जिसकी संख्या करीब एक हज़ार है। वहीं यदि आप चाहें तो इन पहाड़ियों पर ट्रैकिंग करके भी पहुंचा जा सकता है।

कैसे पहुंचे चूलगिरी?

जयपुर रेलवे स्टेशन से यह जगह करीब 15 किलोमीटर दूर है

यह पहाड़ियां जयपुर आगरा रोड या एनएच11 हाईवे पर स्थित है, इसीलिए यहां आप अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां के पहाड़ी रास्ते आपको रोमांच से भर देंगे और पहाड़ी पर चढ़ती आपकी गाड़ी से आप नीचे घाटी के खूबसूरत नजारों को देख पाएंगे। जयपुर से चूलगिरी की पहाड़ियों तक की दूरी करीब करीब 13 किलोमीटर की है, यहां से यहां तक आप बस का सफर तय कर सकते हैं। साथ ही जयपुर रेलवे स्टेशन से यह जगह करीब 15 किलोमीटर दूर है, जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर आप यहां से अपनी गाड़ी या बस कर सकते हैं। यदि आप हवाई रास्ते के ज़रिए यहां पहुंचना चाहते हैं, तो आपको जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट पहुंचना होगा, जिसके बाद चूलगिरी की पहाड़ियों तक की दूरी 18 किलोमीटर की है।

इस तरह आप राजस्थान के इस खूबसूरत इलाके को देख पाएंगे और यहां के नज़ारों का लुत्फ़ उठा पाएंगे।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..