भारत प्राकृतिक सुंदरता का भंडार है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी आते हैं। भारत में ऐसे कई खूबसूरत नज़ारे हैं, जिसे देखकर लोग मोहित हो जाते हैं। इसकी खूबसूरत वादियां, ऊंची-ऊंची पहाड़ियां और कल-कल करते झरने इतने खूबसूरत हैं कि एक बार इसे देखकर इससे आसानी से नज़र नहीं हटाई जा सकती। आज हम आपको बताने जा रहे हैं भारत के एक ऐसी ही खूबसूरत, लेकिन रहस्यमयी झरने के बारे में, जो सिर्फ अपनी खूबसूरती से आपका मन नहीं मोहता, बल्कि सही और गलत व्यक्ति की पहचान भी कर सकता है। कैसे? आइये जानते हैं!

क्या है इस झरने से जुड़ी मान्यता?

यदि कोई व्यक्ति बुरे कर्मों में लिप्त नहीं रहता, तो वह इस झरने के पानी को छू सकता है।

भारत में झरनों की खूबसूरती से लगभग हर व्यक्ति परिचित है। कई लोग हैं, जो झरने के नीचे जाकर नहाना बेहद पसंद करते हैं। लेकिन आज हम एक ऐसे झरने के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपने आप में एक रहस्य को छुपाए बैठा है। कहा जाता है कि यह झरना सही और गलत व्यक्ति में सबके सामने फर्क कर सकता है। एक चर्चित मान्यता लोगों के बीच है, जिसमें कहा जाता है कि झरने का पानी किसी भी बुरे व्यक्ति पर या ये कहें कि किसी पापी व्यक्ति पर नहीं गिरता। यदि व्यक्ति झरने के नीचे खड़ा हो जाए और उसने जीवन में पाप किए हों, तो वह इस पानी के स्पर्श से वंचित रह जाएगा। वहीं यदि कोई व्यक्ति बुरे कर्मों में लिप्त नहीं रहता, तो वह इस झरने के पानी को छू सकता है।

कहां स्थित है झरना?

यह झरना हिंदुओं के जाने-माने धार्मिक स्थल बद्रीनाथ से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस झरने को वसुधरा झरना या वसुधरा फॉल्स के नाम से जाना जाता है। यह झरना करीब 400 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता है, इसलिए ऊंचाई से गिरने की वजह से इसका पानी हर तरफ फैलता है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति ऐसा है, जिसके मन में बुरे विचार होते हैं, तो उस पर पानी का स्पर्श नहीं होता। इस जगह की एक धार्मिक मान्यता भी है। पौराणिक कथाओं की माने, तो कहा जाता है कि इस जगह पर पांच पांडवों में से सबसे छोटे पांडव सहदेव ने अपने प्राण त्यागे थे।

सेहत के लिए भी फायदेमंद

यहां का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता

कहा तो यह भी जाता है कि यह झरना जिस रास्ते से होकर गुजरता है, वहां बहुत सारी जड़ी-बूटियां उगी हुई है। इसीलिए इस झरने के पानी को छूते ही लोग निरोगी हो जाते हैं। यह अपने अंदर बहुत सारी चिकित्सकीय शक्तियां समाए हुए है, इसलिए इस झरने के पानी से लोग नहाना ख़ास तौर पर पसंद करते हैं।

इस झरने की विशालता इसके सामने आकर ही देखी जा सकती है। यह झरना वैसे तो बेहद छोटा है, जिसकी वजह से पर्वत के टोंक पर जाकर इसे नहीं देखा जा सकता। इसलिए इसे देखने के लिए पहाड़ के तल में आपको उतरना पड़ता है। लेकिन यहां का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता। यदि आप भी बद्रीनाथ की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो वसुधरा झरने को देखना ना भूलें।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..