शिलौंग मेघालय की एक ऐसी खूबसूरत जगह है, जो अपने प्राकृतिक नज़ारों के लिए जानी जाती हैं। शिलांग की खूबसूरती में अब चार चांद लगाने के लिए यहां जल्द ही ऑटम उत्सव की तैयारियां हो रही है। यदि आप हाल ही में मेघालय की सैर के लिए जा रहे हैं, तो आपको इस उत्सव से जुड़ी ख़ास बातें हम आपको बताएंगे। दरअसल, शिलौंग में होनेवाला ये उत्सव शरद उत्सव कहलाता है, जो शिलौंग की उमियम झील के किनारे मनाया जाता है। ये उत्सव खूबसूरत मौसम की शुरुआत का आभास दिलाता है। ये खास तौर पर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, इसलिए इस उत्सव में ग्लैमर की चमक भी आप देख सकते हैं।

क्या है ऑटम फेस्टिवल?

शिलौंग के लोकल बैंड भी इसमें हिस्सा लेंगे

शिलौंग का शरद उत्सव यानी कि ऑटम फ़ेस्टिवल सबसे पहले मेघालय सरकार द्वारा 2006 में शुरू किया गया था। जिसके बाद इसे कुछ कारणों के चलते इसे 2012 में बंद कर दिया गया था। लेकिन इस साल से इसे दोबारा शुरू करने के बारे में सोचा गया है। इस साल ये फेस्टिवल अक्टूबर महीने की 26 और 27 तारीख को मनाने का फैसला किया गया है। लोगों को उम्मीद है कि इस उत्सव में हज़ारों की तादाद में पर्यटकों का जमावड़ा लग सकता है। इस साल ओपस प्रोडक्शन इस उत्सव का आयोजन कर रहा है, जिसमें मुंबई का रॉक बैंड, यूएस से इंटरनैशनल डी जे इत्यादि को बुलाया जाएगा। इसके अलावा शिलौंग के लोकल बैंड भी इसमें हिस्सा लेंगे।

ऑटम फेस्टिवल की ख़ासियत

यहां लोग लोकल नृत्य का लुत्फ़ भी उठा पाएंगे

इन सभी के अलावा इस उत्सव में और भी कई खास शो इस उत्सव में रखे जाएंगे। जिसमें बच्चों के लिए प्लेरूम, कैम्पिंग, वाटर स्पोर्ट्स, फ़ूड कोर्ट इत्यादि की सुविधाएं भी होंगी। इसके अलावा लोगों को यहां लोग मेघालय का स्वादिष्ट और यूनीक खाना और लोकल नृत्य का लुत्फ़ भी उठा पाएंगे। साथ ही साथ यहां वे मेघालय के लोकल मार्केट में मिलनेवाली चीज़ों को भी खरीद पाएंगे।

शिलौंग की खूबसूरत जगहें

इस उत्सव के अलावा आप शिलौंग की और भी कई खूबसूरत जगहों को देख सकते हैं। इन जगहों में उमियम लेक, वार्ड लेक, लेटकोर पीक का फेमस शिलौंग व्यू पॉइंट, डॉन बोस्को म्यूज़ियम, लेडी हैदर पार्क, कैलोंग रॉक, मीठा झरना इत्यादि बेहद फेमस हैं। इसके अलावा आप शिलौंग से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टूरिस्ट डेस्टिनेशन जैसे चेरापूंजी, मौसिनराम पहाड़ियां, जैकरम हॉट स्प्रिंग और महादेव खोला मंदिर की भी सैर कर सकते हैं।

यदि आप भी शिलौंग की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो यहां के शरद फेस्टिवल यानी कि ऑटम फ़ेस्टिवल का लुत्फ़ ज़रूर उठाए।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..