रिज़्यूम किसी भी नौकरी को पाने के लिए आपका पहला चरण माना जाता है, इसलिए रिज़्यूमे को सही तरीके से बनाया जाना ज़रूरी है। रिज़्यूमे का प्रभावशाली होना आपके लिए बेहद ज़रूरी है, यही आपकी परीक्षा का पहला पड़ाव पार करने में मदद करता है। इसलिए ज़रूरी है कि आपके रिज़्यूमे में सभी बातें सटीक लिखी हों। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे पॉइंट्स, जो आपके रिज़्यूमे में नहीं होने चाहिए। क्या है ये पॉइंट्स, आइये जानते हैं।

क्या होता है रिज़्यूमे?

रिज़्यूमे आपको नौकरी के लिए इंटरव्यू तक ले जाता है

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मुंबई की एक जानीमानी कंपनी में एचआर के तौर पर कार्यरत शीतल पवार बताती हैं, रिज्यूम आपके करियर को लेकर बनाया हुआ एक ऐसा फॉर्मेट होता है, जिसमें आपके अचीवमेंट के बारे में शॉर्ट में लिखा होता है। जिसे आसानी से पढ़ा जा सके और जल्द से जल्द उसके बारे में फैसला लिया जा सके। रिज़्यूमे आपको नौकरी के लिए इंटरव्यू तक ले जाता है, जिसे आपको एचआर को आधिकारिक मेल पर भेजना होता है।

रिज़्यूमे बनाते हुए रखें ये ख्याल

रिज्यूमे में हर जानकारी शॉर्ट में लिखी जाती है, आपकी स्किल्स और क्वालिफिकेशन के बारे में या किसी स्पेशलाइजेशन के बारे में शार्ट जानकारी दी होती है। इससे रिक्रूटर को आपके अनुभव और क्वालिफिकेशन के बारे में जानकारी आसानी से मिल जाती है। रिज़्यूमे हमेशा सिर्फ एक या दो पेज का होना चाहिए, जिसमें सिर्फ ज़रूरी बातें लिखी जाती हैं। इसमें आपको करियर, आपके पास्ट जॉब और अचीवमेंट के बारे में लिखने की ज़रूरत नहीं होती। रिज़्यूमे सिर्फ उस जॉब तक पहुंचने का रास्ता बनता है, वहीं इंटरव्यू के दौरान आप से सीवी की मांग की जाती है। इसीलिए किसी भी जॉब के लिए अप्लाई करने से पहले आपको सबसे पहले रिज्यूम भेजना होता है। इसके बाद जब आप इंटरव्यू के लिए जाते हैं तो आपको सीवी की ज़रूरत पड़ती है।

इन बातों को ना जोड़ें रिज़्यूमे में

जरूरी नहीं कि आप हर जॉब के बारे में जानकारी दें

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कुछ लोग अपनी हॉबीज़ में ऐसी गैर जरूरी बातों का समावेश करते हैं, जिसकी जरूरत नहीं होती ऐसे में यह आपकी मदद नहीं करता, बल्कि इसका असर उल्टा पड़ता है। इसीलिए आपको कुछ बातों का ख्याल रखने की ज़रूरत होती है। जैसे अपने रिज्यूमे में हॉबी का उल्लेख तभी करें, जब इसका आपकी करेंट जॉब से कोई लेना देना हो। बेवजह हॉबीज़ गिनाने से रिज्यूमे लंबा होगा और यह अपना प्रभाव खो देगा

यदि आपने कुछ महीने का गैप लिया है और पिछली कंपनी में कुछ ही महीनों के लिए काम किया है, तो इसे रिज़्यूमे में मेंशन ना करें। 6 महीने या साल भर के गैप को रिज़्यूमे में जोड़ना आपकी एप्लिकेशन को खराब कर सकता है। इसीलिए जरूरी नहीं कि आप हर जॉब के बारे में जानकारी दें।

आपको ध्यान रखना चाहिए कि आप उन्ही जॉब्स के बारे में डिटेल में लिखें, जिसका आपके करियर से लेना देना है और आपकी करंट पोजिशन से इसका कोई ताल्लुक हो। उसी जॉब के बारे में विस्तार से लिखें।

कई लोग अगली जॉब में अपेक्षित सैलरी के बारे में भी रिज़्यूमे में जानकारी जोड़ते हैं। यह आपके रिज़्यूमे के प्रभाव को कम करता है और अच्छा इंप्रेशन नहीं बनाता। वहीं यदि आप अपने बारे में निजी जानकारी देना चाहते हैं, तो उन्हीं बातों का उल्लेख करें, जिसका आप के काम से लेना देना है। बेवजह की निजी जानकारी देने से आपका रिज़्यूमे खराब हो सकता है, जिसका खामियाजा आपको चुकाना पड़ सकता है।

यदि आप इन टिप्स का ध्यान रखते हैं, तो आपको नौकरी मिलना आसान हो जाएगा।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..