अक्सर आपने लोगों को ताम्बे के बर्तनों में पानी पीने के फायदे बताते हुए देखा होगा। आयुर्वेद में भी तांबे के बर्तनों के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। लेकिन हर धातु की एक प्रकृति होती है, जिसकी वजह से ही ये धातु हमारे शरीर को फायदा पहुंचाती है। उसी तरह तांबे के इस्तेमाल से हमारे शरीर को फायदा होता है। लेकिन यदि इसका सही ढंग से इस्तेमाल ना किया जाए, तो यह हमारे शरीर के लिए बेहद नुक़सानदेह साबित हो सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे तांबे के बर्तनों में रखने से या रख कर खाने से आप बीमार पड़ सकते हैं।

दूध और तांबे का कोई मेल नहीं

तांबे के बर्तन में यदि दूध रखा जाए तो यह दूध जहरीला हो जाता है
कॉपर यानी कि तांबा एक ऐसी धातु है, जो कुछ खाद्य पदार्थों से मिलकर केमिकल रिएक्शन कर सकती है। इसमें से एक है दूध। तांबे के बर्तन में कभी भी दूध स्टोर करके नहीं रखना चाहिए। तांबे के बर्तन में यदि दूध रखा जाए तो यह दूध जहरीला हो जाता है और इससे आपको फूड पॉइज़निंग की शिकायत हो सकती है।

दही और तांबे को रखें दूर

दूध की ही तरह दही को भी तांबे के बर्तनों में नहीं रखा जाता। जहां एक ओर दही के सेवन से शरीर को बहुत से फायदे होते हैं, वहीं यदि इसे तांबे के बर्तन में रखा जाए, तो यह ज़हर बन जाता है। तांबे में मौजूद तत्व दही के साथ मिलकर केमिकल रिएक्शन करते हैं, जिसे खाने से आपके पाचन तंत्र को बेहद नुकसान पहुंच सकता है।

अचार को ना रखें तांबे के बर्तनों में

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तांबे के बर्तन में यदि अचार रखा जाए, तो इसमें मौजूद सिरके की वजह से यह प्रतिक्रिया करता है
कुछ लोगों को हर मौसम में अचार खाना पसंद होता है, इसीलिए इन्हें रखने के लिए कांच के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी वजह है अचार में मौजूद तत्व अलग-अलग धातुओं से मिलकर अलग-अलग तरह के रिएक्शन करते हैं। खास तौर पर तांबे के बर्तन में यदि अचार रखा जाए, तो इसमें मौजूद सिरके की वजह से यह प्रतिक्रिया करता है और इसीलिए यह आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

खट्टे फलों का तांबे से नहीं बैठता तालमेल

यदि काटे हुए खट्टे फलों को आप तांबे के बर्तन में रखते हैं, तो यह आपके लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है। खट्टे फलों में मौजूद सिट्रिक एसिड तांबे के साथ मिलकर रासायनिक प्रतिक्रिया करता है और आपको पेट संबंधी समस्या दे सकता है। जिसमें उल्टी, दस्त, बेचैनी और चक्कर आना आम बात है। उसी तरह नींबू में भी मौजूद सिट्रिक एसिड तांबे के साथ रिएक्ट करता है, इसकी वजह से आपको एसिडिटी के साथ-साथ अपच की समस्या भी हो सकती है। इसीलिए नींबू या नींबू से जुड़े पदार्थों को तांबे के बर्तनों में रखने का चलन नहीं है। यदि आप इन टिप्स को आज़माएंगे, तो कभी भी तांबे के बर्तनों में इन खाद्य पदार्थों को रखने की गलती नहीं करेंगे।
मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..