भारत के पहले स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर जाने जाते सायरा नरसिम्हा रेड्डी की कहानी हैं बॉक्स ऑफ़िस पर रिलिज़ हुई ये फ़िल्म। दक्षिण भारत से आज़ादी की लहर शुरू करने वाले नरसिम्हा रेड्डी ने भारत के जिस अज़ादी के आंदोलन को शुरू किया था, उसी आंदोलन ने हमें आगे चल कर 1947 में आज़ादी दिलाई। सुरेन्द्र रेड्डी की इस फ़िल्म में चिरंजीवी सहित किच्चा सुदीप, अमिताभ बच्चन , रवि किशन, नयनतारा और तमन्ना जैसे कई सितारे हैं।

फ़िल्म की कहानी


Image Credit: Movie – Sye Raa Narasimha Reddy

‘जीवन संबंधों के लिए नही बल्कि कर्तव्यों के लिए होना चाहिए’। सायरा नरसिम्हा फ़िल्म में नरसिम्हा यानी चिरंजीवी का यही डायलॉग फ़िल्म का सार भी है। दरअसल जब भी आज़ादी की बात आती है, तो हमें यही लगता है कि भारत की स्वतंत्रता का संघर्ष 1857 से शुरू हुआ था, लेकिन ये फ़िल्म उससे पहले के दौर को दिखाती हैं। अंग्रेज़ो ने भारत में पैर पसारने शुरू ही किये थे ओर लोगो से लगान वसूल कर लोगों को सताना शुरू कर दिया था। ऐसे में जहां भारत की कई सल्तनत ने अंग्रेज़ो के आगे घुटने टेक दिए थे, वहीं नरसिम्हा रेड्डी ने अपनी प्रजा के सम्मान के लिये खून बहाया लेकिन सिर नहीं झुकाया। एक योगी और बहादुर के तौर पर जाने जाते नरसिम्हा आज़ादी के पहले शहीद बने। सन 1847 में शहीद हुए नरसिम्हा के कटे हुए सिर को लगातार तीन साल तक किले पर लटककर रखा गया, जिससे लोगों में डर फैलाया जा सके। लेकिन उससे उलट उनके बलिदान ने कई लोगों को प्रेरणा दी।

फ़िल्म के किरदार


Image Credit: Movie – Sye Raa Narasimha Reddy

बात करते है किरदारों की। नरसिम्हा रेड्डी पर बनाई गई बायोपिक है और इसीलिए इस फिल्म में चिरंजीवी का किरदार सबसे मुख्य है। वह एक बहादुर लीडर है, जो जल्दी हार मानने वालों में से नहीं। यहां तक कि वह अपने दुश्मन को भी अपना दोस्त बनाने का माद्दा रखते हैं। फिल्म में उनके साथ नयनतारा और तमन्ना है। जहां अनुष्का उनकी पत्नी के तौर पर है, वहीं तमन्ना प्रेमिका। एक उनका परिवार देखती है तो एक उनके आज़ादी के आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम करती हैं। अपने कर्तव्यों को अपने सम्बंधो से ऊपर रखने वाले स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर चिरंजीवी बहुत ही दमदार लगे हैं। अपनी मातृभूमि के लिए कुछ भी कर गुजरने वाले स्वतंत्रता सेनानी के रूप में उनका किरदार काफी सराहनीय है।

इसके अलावा इस फिल्म में अमिताभ बच्चन भी है जो कि मुख्य गुरु की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि उनका किरदार काफी छोटा है लेकिन जो लोग अमिताभ बच्चन के फैन है, वह उन्हें इतने से ही किरदार में देखकर खुश हो जाएंगे। फिल्म के अंत में आते उनके डायलॉग काफी प्रेरणादायक है। किच्चा सुदीप और रविकिशन भी इस फिल्म में अहम किरदार निभा रहे हैं। खास बात है कि पैन इंडिया को ध्यान में रखते हुए फिल्म की कास्टिंग की गई है।

फ़िल्म देखें या नही


Image Credit: Movie – Sye Raa Narasimha Reddy

इस फ़िल्म का कैनवास बहुत बड़ा है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी की जितनी तारीफ की जाए कम है। फ़िल्म की एडिटिंग भी कमाल की हैं। हालांकि फिल्म की तुलना बाहुबली से की जा रही थी लेकिन आप फ़िल्म को बाहुबली को दिमाग में रख कर बिल्कुल न जाए। अगर आप स्वतंस्त्रा सेनानियों के बारे में जानना चाहते हैं कि तो ये फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए।

आवाज़ डाट कॉम इस फिल्म को साढ़े तीन स्टार देता है

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।