पॉवर और पॉलिटिक्स का लालच किसी भी इंसान को कहां से कहां पहुंचा सकता है इस पर ही बनी है देवा कट्टा की फिल्म प्रस्थानम। ‘हर इंसान के अंदर अच्छाई और बुराई दोनों होती है और वो उसी से लड़ता रहता है।’ फिल्म का सार इसी में है। तेलुगू फिल्म की इस रीमेक में संजय दत्त, अली फज़ल, जैकी श्राफ, मनीषा कोइराला और चंकी पांडे जैसे कई बेहतरीन कलाकार देखने को मिलेंगे।

फिल्म की कहानी

साल 2010 में यह फिल्म तेलुगू में रिलीज़ हुई थी

Image Credit: Movie – Prassthanam

राजनीति और सिहांसन के लिए ही महाभारत भी हुआ और रामायण भी, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि ‘हक दोगे तो रामायण शुरू होगी, छीनोगे तो महाभारत’। फिल्म के इस डायलॉग के ईर्द-गिर्द ही पूरी फिल्म घूमती हैं। खास बात है कि ऐसी कहानियों को हम इससे पहले भी देख चुके है, जहां गद्दी और राजनीति के लिए अपने ही घर में अपने ही लोगों के कत्ल हो जाते हैं। प्रस्थानम में भी बलदेव सिंह(संजय दत्त) साम,दाम,दंड सब भूल राजनीति के लिए कुछ ऐसी गलती कर बैठता है, जिसका पश्चाताप वो 25 सालों तक करता है। फिल्म में बलदेव, मनीषा का दूसरा पति है और अली फज़ल मनीषा और उसके पहले पति का बेटा, तो सत्यजीत दुबे संजय दत्त और मनीषा का बेटा। बलदेव सिंह की राजनीति की गद्दी क्या विरासत से मिलेगी या काबलियत से, इसी को लेकर सारी लड़ाई है।

किरदारों का अभिनय

1जून 2018 को नरगिस दत्त के जन्मदिन पर संजय दत्त ने इस फिल्म के निर्माण की घोषणा की थी

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फिल्म में संजय दत्त,अली फज़ल, मनीषा कोईराला, जैकी श्राफ, चंकी पांडे जैसे कई मंझे हुए कलाकार है। फिल्म बलदेव सिंह के इर्द गिर्द घूमती है,जिसका बड़ा बेटा आयुष (अली फज़ल) उसकी पत्नी और उसके पहले पति की औलाद है, लेकिन उसके खुद के बेटे से बढ़कर उसका ध्यान रखता है। सत्यजीत दुबे जो उसकी और मनीषा की औलाद है, और अपने पिता की गद्दी विरासत में चाहता है, लेकिन बलदेव सिंह उसको गद्दी के काबिल नहीं समझता।

जैकी श्राफ, बादशाह के किरदार में है, जो कई सालों से उसका वफादार रहा है और राजनीति के लिए बलदेव ने कितने पाप किए है यह सारे राज़ वो जानता है।

मनीषा कोईराला, सुकमणि के किरदार में है, जिसके पहले पति की मौत के बाद उसका ससुर उसको और उसके बच्चों को बलदेव को सौंप तो देता है, लेकिन उसका यही रिश्ता उसके परिवार की कमज़ोरी भी बन जाता है और उसकी बेटी से उसे दूर कर देता है।

ज़ाहिर है कि फिल्म के हर किरदार की ज़िंदगी राजनीति, पावर और गद्दी की वजह से बदली है।

संजय दत्त ने बतौर बलदेव बेहतरीन अभिनय किया है। लेकिन अगर कोई आपको सरप्राइज़ करता है, तो वो है अली फज़ल का अभिनय। संजय दत्त और जैकी श्राफ जैसे मंझे हुए कलाकार के सामने उभर कर आना किसी भी कलाकार के लिए मुश्किल है, लेकिन अली ने अपने किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाया है।

दक्षिण कलाकार सत्यजीत दुबे ने बलदेव और मनीषा कोइराला के बेटे की भूमिका निभाई है। वो खुद को गद्दी का असली वारिस समझता है। इसलिए जब वो देखता है कि सब कुछ बड़े भाई आयुष को मिल रहा है , तो वो राजनीति और पॉवर को पाने के लालच में कई हदें पार करता है।

फिल्म देखें या नहीं

फिल्म का निर्माण संजय दत्त की बीवी मान्यता दत्त ने किया है

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फिल्म में कुछ भी ऐसा नया नहीं, जो हम पहली बार देख रहे हो। इससे पहले भी कई फिल्मों में राजनीति के लिए मार-धाड़ को दिखाया गया है। फिल्म की कहानी में ऐसी कोई बात नहीं जो नयी हो। कहानी को आसानी से प्रेडिक्ट किया जा सकता है।

हालांकि फिल्म में लेकिन अगर कुछ देखने लायक है तो कलाकारों का अभिनय। संजय दत्त, अली फज़ल और जैकी श्राफ आपको हर सीन में सरप्राइज़ करते हैं। कई बार कहानी भले अच्छी ना हो, लेकिन जिस तरह कलाकार उसे निभाते है, वो देखना काफी बेहतरीन होता है। प्रस्थानम ऐसी ही फिल्म है, जिसमें कलाकारों का बेहतरीन अभिनय फिल्म को खूबसूरत बनाता है।

आवाज़ डाट कॉम इस फिल्म को ढाई स्टार देता है।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।