भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन एक्टर्स में से एक इरफ़ान अली खान उर्फ़ इरफ़ान खान ने बॉलीवुड के अलावा ब्रिटिश और हॉलीवुड की फिल्मों में शानदार काम किया है। उन्होंने साल 1988 की फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ से अपनी शुरुआत की थी! उन्हें साल 2011 में पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया था। उनकी पिछली फिल्म साल 2018 की सस्पेंस थ्रिलर ‘ब्लैकमेल’ थी, जिसमे हमेशा की तरह उनका अभिनय फिल्म की कहानी को चार चांद लगा देता है।

चलिए आज ब्लैकमेल से पहले आ चुकी इरफ़ान की कुछ बेहतरीन फिल्मों पर एक नज़र डालें

साल 2017 की ‘करीब करीब सिंगल’ में इरफ़ान बने एक लापरवाह प्रेमी

यह एक रोमांटिक कॉमेडी है जिसे तनुजा चंद्रा ने निर्देशित किया है। इरफान को साउथ-इंडियन एक्ट्रेस पार्वथी के साथ कास्ट किया गया था। फिल्म की कहानी फिल्म के मुख्य किरदार जाया और योगी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने ज़िन्दगी की अजीबो गरीब परिस्थितियों में भी एक दूसरे से प्यार कर बैठते हैं। उनके जीवन की यह अनोखी जर्नी उनकी ज़िन्दगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है।

साल 2017 की ‘हिंदी मीडियम’ में एक कन्फ्यूज्ड फादर

इस फिल्म के लिए इरफान को फ़िल्म्फेयर द्वारा बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला था।
इस फिल्म के लिए इरफान को फ़िल्म्फेयर द्वारा बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला था।

साकेत चौधरी द्वारा निर्देशित और ज़ीनत लखानी द्वारा लिखित यह कॉमेडी ड्रामा, साल 2015 की ‘सॉल्ट मैंगो ट्री’ नाम की एक मलयालम फ़िल्म की रीमेक है। इस फिल्म में इरफान एक अमीर बिज़नसमैन की भूमिका निभाते हैं, जो अपनी बेटी को दिल्ली के सबसे शानदार स्कूल में एडमिशन दिलाने की कोशिशों में लग जाते हैं। इसी दौरान वह और उनकी बीवी का किरदार अदा कर रही सबा कुमार, हमारे समाज में वर्ग के कारण हो रहे भेदभाव की सच्चाई से रूबरू होते हैं।

साल 2016 की ‘मादारी’ में बदला लेनेवाला पिता

निर्मल एक ऐसा पिता है जो अपने बेटे की मौत के लिए राजनीतिक अधिकारियों को दोषी मानकर उनसे बदला लेने निकल पड़ता है
निर्मल एक ऐसा पिता है जो अपने बेटे की मौत के लिए राजनीतिक अधिकारियों को दोषी मानकर उनसे बदला लेने निकल पड़ता है

भारत के एक अहम सामाजिक मुद्दे पर बनी यह थ्रिलर बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन कहानियों में से हैं। फिल्म में इरफान होम मिनिस्टर के बेटे को किडनैप करते नज़र आते हैं। इस फिल्म की अनोखी कहानी बॉलीवुड की अन्य मैनस्ट्रीम फिल्मों से काफी अलग है।

साल 2015 की पीकू में बने पीकू के सच्चे दोस्त

फिल्म में इरफान और दीपिका के अभिनय की सभी ने प्रशंसा की
फिल्म में इरफान और दीपिका के अभिनय की सभी ने प्रशंसा की

सुजीत सरकार की पीकू सभी को बहुत पसंद आई थी और इस फिल्म ने हर बंगाली के दिल में एक ख़ास जगह बना ली थी। फिल्म में इरफान ने राणा चौधरी नाम के एक बिज़नेस मैन की भूमिका निभाई है। पूरी फिल्म में राणा एकमात्र व्यक्ति हैं, जो भास्कर यानी अमिताभ बच्चन के नखरे और शिकायतों का बराबर जवाब दे सकता है।

साल 2013 की ‘द लंचबॉक्स’ का एक अनोखा प्रेमी

इस फिल्म को साल 2014 में बाफ्टा अवार्ड्स जैसे बड़े प्लेटफार्म पर नॉमिनेट किया गया था
इस फिल्म को साल 2014 में बाफ्टा अवार्ड्स जैसे बड़े प्लेटफार्म पर नॉमिनेट किया गया था

साजन और इला की इस खूबसबूरत और अनोखी प्रेम कहानी को कौन भुला पाया है। यह फिल्म अपने क्लाइमेक्स तक आते-आते ज़्यादा देखने लायक बन जाती है। अनुराग कश्यप और गुनीत मोंगा द्वारा निर्मित इस फिल्म में इरफ़ान खान, निमरत कौर के साथ अभिनय करते नज़र आ रहे हैं।

साल 2012 की ‘द लाइफ ऑफ़ पाई’ के मुख्य पाई

इस फिल्म को 85 अकादमी अवार्ड्स और बाफ्टा 2013 में कई नॉमिनेशंस मिले
इस फिल्म को 85 अकादमी अवार्ड्स और बाफ्टा 2013 में कई नॉमिनेशंस मिले

यान मार्टेल की नॉवेल पर आधारित इस अमेरिकन सर्वाइवल ड्रामा को एंग ली ने निर्देशित की है। इरफान खान उस अडल्ट पाई की भूमिका निभातें है, जो एक शिपरेक से बच जाते हैं और फिर सबको अपनी इस एडवेंचरस कहानी के बारे में सुनाने निकल पड़ते हैं।

साल 2012 की ‘पान सिंह तोमर’ कहानी है एक एथलीट बने डकैत की

पान सिंह तोमर के रूप में इरफान ने हर दर्शक का दिल जीता
पान सिंह तोमर के रूप में इरफान ने हर दर्शक का दिल जीता

तिग्मांशु धूलिया द्वारा निर्देशित इस बायोपिक में इरफान इंडियन नेशनल गेम्स में 7 बार गोल्ड मैडल जीत चुके एथलीट, पान सिंह तोमर का किरदार अदा करते हैं, जो अपनी मां की हत्या के बाद एक डकैत बन जाता है, जिसके खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है।

इरफान निश्चित रूप से भारतीय सिनेमा को सबसे अच्छी तरह से रेप्रेज़ेंट करते हैं। उन्होंने बॉलीवुड के कुछ सबसे अनोखे और चुनौतीपूर्ण रोल्स किये हैं।