मुबंई में 24 अक्टूबर को खत्म हुए मामी फिल्म फेस्टिवल में यूं तो कई फिल्में दिखाई जाती है, लेकिन इस साल स्पेशल यानी बेस्ट ज्यूरी अवार्ड दानिश रेंझू की फिल्म ‘इललीगल’ को मिला। कश्मीरी निर्देशक दानिश के निर्देशन में बनी यह दूसरी फिल्म थी, जिसे मामी फिल्म फेस्टिवल में 19 अक्टूबर को दिखाया गया था।

कश्मीरी निर्देशक दानिश ने जीता बेस्ट ज्यूरी अवार्ड

उनकी पहली फिल्म ‘हॉफ विडो’ को भी काफी सराहा गया था।

21वे मामी फिल्म फेस्टिवल में दानिश रेंझू की फिल्म द इललीगल ने स्पेशल ज्यूरी अवार्ड जीता। दरअसल यह फिल्म कहानी है दिल्ली के दरियागंज से लॉस एंजेलिस अपने सपना को पूरा करने गए एक लड़के की, जिसका किरदार ‘लाइफ ऑफ पाई’ फेम सूरज शर्मा ने निभाया है। पढ़ाई के साथ-साथ वहाँ के एक भारतीय रेस्त्रां में काम करने वाला यह लड़का पारिवारिक समस्याओं के चलते अपने सपनों को छोड़ने के लिए मजबूर हो जाता है। फिल्म में सूरज शर्मा के साथ-साथ श्वेता त्रिपाठी और आदिल हुसैन जैसे कई कलाकार फिल्म में नज़र आएँगे। फिल्म को मामी में मिले बेस्ट ज्यूरी अवार्ड पर खुशी जताते हुए दानिश ने कहा, “ मैं इस फिल्म पर काफी समय से काम कर रहा था। इस फिल्म को अवार्ड मिलना मेरे लिए आश्चर्य की बात थी। यह फिल्म मेरे दिल के काफी करीब है।”

दरअसल, दानिश की पहली फिल्म ‘हॉफ विडो’ कश्मीरी कलाकारों को लेकर कश्मीर में ही बनाई गई फिल्म थी, जिसे काफी सराहा गया था। दानिश बहुत ही जल्द अपनी अगली फिल्म ‘पश्मीना’ शुरु करने वाले है, जिसे कश्मीर में ही शूट किया जाएगा।

कई फिल्मों को मिले अवार्ड

फिल्म की क्लोज़िंग सेरेमनी कल थी

Image Credit: flixster.com

मामी का सबसे प्रतिष्ठित अवार्ड गोल्डन गेट वे अवार्ड फिल्ममेकर प्रतीक वत्स की ’Eeb Allay Ooo!’ को मिला, वहीं सिल्वर गेटवे अवार्ड गीतांजली राव की एनिमेटिड फिल्म ‘बॉम्बे रोज़’ और ग्रांड ज्यूरी अवार्ड, स्क्रीन राइटर सौरव राय को ‘निमतोह’ के लिए मिला है। इन सबके अलावा अंतराष्ट्रीय केटेगरी के लिए भी कई अवार्ड दिए गए। फिल्म क्रिटीक अवार्ड किसले (Kislay) की ‘ऐसे ही को’ मिला तो दीप्ति गुप्ता की सोना मोहापात्रा की ज़िंदगी पर बनाई गई डाक्यूमेंट्री ‘शट पर सोना’ को स्पेशल ज्यूरी मैंशन अवार्ड मिला।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।