हिन्दी सिनेमा में जब भी किसी इंटेन्स लवस्टोरी को बड़े पर्दे पर दिखाने की बात आती हैं, तो निर्देशक नई जोड़ियों की ओर रुख करते हैं। फिल्म ‘मलाल’ भी एक लवस्टोरी ही है, जिसके नायक और नायिका दोनों ही नए हैं। नायक शिवा यानी मीज़ान, जावेद जाफरी के बेटे हैं, तो नायिका आस्था यानी शर्मिन सहगल, संजय लीला भंसाली की बहन बेला सहगल की बेटी हैं। इस फिल्म का निर्देशन मंगेश हडावले ने किया हैं।

फिल्म ‘मलाल’ तमिल फिल्म ‘7जी रेनबो कॉलोनी’ की है रीमेक

फिल्म ने निर्देशक मंगेश हडावले ने इस फिल्म से पहले फिल्म ‘टिंग्या’ का निर्देशन किया था

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1998 यानी 90 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी शिवा (मीज़ान) की है, जो एक चॉल में रहता हैं। गुंडा गर्दी, मार-पीट और बड़ों का आदर ना करना उसकी आदतों में शामिल है। उस दौर में जब ‘टाइटैनिक’ और ‘हम दिल दे चुके सनम’ जैसी फिल्मों को देखकर युवा प्यार की क्लासेस लेते थे, वहीं इस फिल्म की नायिका आस्था (शर्मिन) को इस गुंडे यानी शिवा से प्यार हो जाता हैं। शिवा की नई-नई पड़ोसी बन कर आई आस्था त्रिपाठी खुद पढ़ने और लिखने में विश्वास रखती हैं, लेकिन दिल एक टपोरी को दे बैठती हैं। दरअसल, टपोरी से प्यार होना हिंदी सिनेमा में कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन आज के दौर में दर्शक शायद ही इस बात को पचा पाए।

कहानी का सेटअप मुंबई का हैं और इस फिल्म के निर्देशक भी मुंबई से होने की वजह से, इस शहर की खासियतों को बहुत ही बेहतरीन तरीके से फिल्म में पेश किया है। लेकिन इस फिल्म की प्रेम कहानी के बीच, शहर और उसकी संस्कृति को इस कदर दिखाने की कोशिश की गई है कि कई जगहों पर वह थोपी हुई लगती हैं। स्थानीय पार्टियों का उत्तर भारत से आ रहे लोगों का विरोध, मुंबई की चॉल का जीवन, मुंबई की बारिश, गणपति का त्यौहार और दीवाली का जश्न, फिल्म को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि मानो मुंबई की कहानी में दो लोगों की कहानी को फिट करने की कोशिश की जा रही हैं। जिन लोगों ने मंगेश हडावले की ‘टिंग्या’ फिल्म देखी होगी, वह इस फिल्म को देखकर जान सकते हैं कि यह मंगेश की कम और संजय लीला भंसाली ( इस फिल्म के निर्माता) की फिल्म ज़्यादा लगती हैं।

फिल्म के हीरो और हीरोइन दोनों ही फिल्मी परिवार से आते हैं

खास बात है कि मीज़ान और शर्मीन ने एक साथ स्कूल में पढ़ाई की हैं

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फिल्म एक प्रेम कहानी हैं, ज़ाहिर है कि दर्शक इस बात की उम्मीद करेंगे ही कि हीरो और हीरोईन के बीच बेहतरीन केमेस्ट्री हो, लेकिन अफसोस इस फिल्म में इन दोनों किरदारों के बीच कोई केमेस्ट्री ही नहीं दिखती। फिल्म के हीरो यानी मीज़ान में दम हैं, वह जब भी स्क्रीन पर आते हैं, तो वह दमक उठती हैं, वहीं फिल्म की हीरोइन शर्मिन को अपनी पहचान बनाने में समय लगेगा। जहां मीज़ान को कैमरे से प्यार हैं, वहीं शर्मिन कैमरे के आगे काफी सहमी दिखाई देती हैं। शिवा टपोरी है, लेकिन फिर भी दर्शक उससे प्यार करने लगेंगे और इस बात का क्रेडिट मीज़ान की एक्टिंग को जाता हैं। शर्मिन यानी आस्था की वजह से मीज़ान अपनी ज़िंदगी को सुधारता है और सही रास्ते पर चलने लगता हैं, लेकिन आपको फिर भी शर्मिन के किरदार में अधूरापन सा महसूस होता हैं। फिल्म में पहली बार शिवा का दिल टूटने पर, उसकी और उसकी मां के बीच का दृश्य हो या फिर पहली नौकरी मिलने पर शिवा और उसके बाप के बीच का दृश्य हो, यह कुछ ऐसे सीन्स है, जो फिल्म देखने के बाद भी आपको याद रह जाएंगे। लेकिन अफसोस लव स्टोरी होने के बावजूद भी आपको हीरो और हीरोइन के बीच का कोई दृश्य शायद ही याद रहें।

इस फिल्म का निर्माण संजय लीला भंसाली ने किया हैं

फिल्म के गीत फिल्म की सबसे बड़ी कमज़ोरी है

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किसी भी लवस्टोरी की खास बात होती है उसका संगीत। इस फिल्म का संगीत खुद संजय लीला भंसाली ने दिया है, लेकिन मलाल तो इस बात की इस फिल्म का कोई भी गीत ऐसा नहीं जो दर्शकों को पसंद आए। लवस्टोरी है तो थोड़ा ड्रामा और इमोशन तो बनता ही हैं, लेकिन मलाल कि इस फिल्म में इमोशन तो है लेकिन दोस्तों के बीच, मां-बेटे के बीच और बाप-बेटे के बीच , लेकिन अगर नहीं दिखता तो हीरो और हीरोइन के बीच ही नहीं दिखता और यही इस फिल्म की कमज़ोरी भी हैं।

इन सब के बावजूद अगर फिल्म में कुछ वाकई खूबसूरत है तो वो है मीज़ान, जो पहले ही सीन से आपका दिल जीत लेंगे। उनका एक्शन, डांस और इमोश्न सभी कुछ बेहतरीन है। अपनी पहली फिल्म के मुकाबले उन्होनें बहुत ही बेहतरीन काम किया हैं। इसके अलावा इस फिल्म की सिनेमाटोग्राफी भी बेहतरीन है।. मुंबई के फ्लेवर को सिनेमाटोग्राफर रागुल धारुमन ने काफी खूबसूरती से कैप्चर किया है।

आवाज़ डॉट कॉम इस फिल्म को ढाई स्टार देता हैं।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।