लाल कप्तान का टीज़र जब लगभग एक महीने पहले आया था, तो सैफ का लुक और टीज़र में डायलॉग इतने दमदार थे कि इस फिल्म को देखने के लिए फिल्म प्रेमी उत्सुक थे। माथे पर भस्म लगाते, तो कभी हाथों से तलवार चलाते सैफ अली आखिर इस फिल्म में क्या बने है, यह जानने की हर किसी को उत्सुकता थी। बक्सर के युद्ध के बाद, ईस्ट इंडिया कम्पनी, भारत की कई सल्तनतों को अपने कब्ज़े में लेना चाहती थी, उसी दौर के इर्द-गिर्द इस फिल्म को बुना गया है। फिल्म में सैफ अली खान के साथ दीपक डोबरियाल, मानव विज, जोया हुसैन और सिमोन सिंह जैसे सितारे मुख्य भूमिका में है। फिल्म का निर्देशन नवदीप सिंह ने किया है।

फिल्म की कहानी

फिल्म की नवदीप सिंह और दीपक वैंकटेश ने लिखी हैं

Image Credit: Movie Laal Kaptaan

मराठा, रोहिया, मुगलों को विभाजित कर भारत पर शासन करने की जो नीति इस्ट ईंडिया कम्पनी ने अपनाई थी, यह फिल्म उसी को बयान करती हैं। कहानी शुरु होती है 1707 में औरंगजेब की मौत के बाद से। कहानी गैसाई यानी सैफ अली खान की है, उसके बदले की हैं, जो रहमत खान (मानव विज) से बदला लेना चाहता है। फकीर, नागा साधु और कभी शिवभक्त गोसाई की ज़िंदगी का अगर कोई मकसद है, तो वो है रहमत खान से बदला लेना। लेकिन यह बदला वो क्यों लेना चाहता है? आखिर क्यों कई बार मौका मिलने पर वो रहमत खान को छोड़ देता है, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

किरदारों का अभिनय

फिल्म का निर्माण आन्नद एल राय ने किया है

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सैफ का अभिनय बेहतरीन है। हालांकि कई बार उनको इस फिल्म में देखते हुए आपको ओमकारा के उनके किरदार लंगड़ा त्यागी की याद आ जाती हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं कि फिल्म में सैफ को देखकर हर बार इस बात का एहसास ज़रुर होता है कि वो एक बेहतरीन एक्टर है, लेकिन उनकी फिल्मों का चयन उनकी प्रतिभा को दर्शकों तक पहुँचने ही नहीं देता। फिल्म में दीपक डोबरियाल का मनमौजी किरदार लोगों को ज़रुर पसंद आएगा। फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा भी स्पेशल अपीरियंस में है। ज़ोया हुसैन का किरदार छोटा और रहसयम्यी है, लेकिन वो दर्शकों में उसके बारे में अधिक जानने के लिए उत्सुकता जगता है। सिमोन सिंह भी इस फिल्म में काफी समय बाद वापसी कर रही हैं।

फिल्म देखें या नहीं

सुदीप शर्मा के लिए फिल्म के डायल़ग सराहनीय है

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फिल्म की सबसे कमज़ोर कड़ी है फिल्म की कमज़ोर कहानी। इंटरव्ल तक समझ ही नहीं आता कि आखिर फिल्म क्या कहना चाहती है औऱ इसकी कहानी क्या है। आम दर्शक के लिए इस फिल्म को समझना काफी मुश्किल है। फिल्म का निर्देशन नवदीप सिंह ने किया है, जिन्होनें मनोरमा 6 फीट अंडर और NH10 जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है, लेकिन इस फिल्म में उनका निर्देशन भी काफी कमज़ोर है। यह फिल्म एक अच्छी किताब ज़रुर हो सकती हैं, लेकिन बतौर फिल्म इस फिल्म में ऐसी कोई बात नहीं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करें।

आवाज़ डाट कॉम इस फिल्म को सिर्फ और सिर्फ सैफ के अभिनय के लिए डेढ स्टार देता है।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।