सन्नी देओल के बेटे करण देओल के साथ डेब्यू कर रही शिमला की सहर बचपन से ही फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का सपना देखती थी। कई महीनों के लगातार ऑडिशन के बाद अपनी पहली फिल्म ‘पल पल दिल के पास’ करने वाली सहर के मुताबिक उनका सपना वरुण धवन के साथ काम करने का है और निर्देशकों में करण जौहर की हीरोइन बनना उनकी लिस्ट में सबसे ऊपर है।

जब वरुण धवन के साथ हुई पहली मुलाकात

सहर शिमला से हैं

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करण देओल के साथ करियर की शुरुआत कर रही सहर को अगर इंडस्ट्री में किसी अभिनेता के साथ काम करने की इच्छा है तो वो है वरुण धवन। वरुण के काम को पसंद करती सहर हालांकि एक बार वरुण से मिल चुकी हैं, लेकिन इंडस्ट्री में नई होने के नाते वह वरुण से दिल खोल कर ना ही बात कर पाई और ना ही उन्हें बता भी पाई कि उन्हें वो बेहद पसंद करती हैं। वरुण के साथ अपनी इस मुलाकात के बारे में सहर का कहना है, “ वरुण एक बार सन्नी सुपर साऊंड स्टूडियो में डबिंग के लिए आए थे। तब मेरी उसके साथ मुलाकात हुई थी, उनको जब पता चला कि मैं करण के साथ अपनी पहली फिल्म में आ रही हूं, तो उन्होनें बहुत ही अच्छी तरह से बात की। हालांकि मैं इतनी शर्मायी हुई थी कि मैं उन्हें नही बता पाई कि मुझे वो पसंद है।”

कई सालों कर देती रही ऑडिशन

मनाली और शिमला में है उनके पिता के होटल

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शिमला से मुंबई के जय हिंद कॉलेज में ट्रैवल और टूरिज्म का कोर्स कर रही सहर को मुंबई आने का सिर्फ बहाना चाहिए था। इसलिए जैसे ही कॉलेज के बाद उन्हें आगे पढ़ाई को मौका मिला तो वह दिल्ली नहीं, बल्कि मुंबई आ गई। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ फिल्मों के कई ऑडिशन देने वाली सहर के मुताबिक उन्हें आज भी इस बात पर विश्वास नहीं होता कि वो अपनी पहली फिल्म के साथ जल्द ही बॉक्स ऑफ़िस पर आ रही हैं। सन्नी देओल के निर्देशन में बनी इस फिल्म का हिस्सा रही सहर लेकिन बहुत सारे निर्देशकों के साथ काम करना चाहती हैं। सहर के मुताबिक, “ करण जौहर की फिल्में देखकर तो मैं बड़ी हुई हूं। मैं उनके साथ-साथ , ज़ोया अख्तर, आन्नद एल राय जैसे निर्देशकों के साथ काम करना चाहती हूं। इतना ही नहीं माधुरी , प्रीति ज़िंटा और करीना से मैं बहुत प्रेरित हूं। मुझे लगता है कि कंगना, अनुष्का और दीपिका जैसी हीरोइने जो इंडस्ट्री से नहीं है फिर भी उन्होंने अपनी जगह बनाई है, जो वाकई काबिले तारीफ है।”

सहर बंबा और करण देओल की फिल्म पल पल दिल के पास 20 सितम्बर को रिलीज़ होगी

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।