बीमारी ना सिर्फ आपको शरीर से तोड़ देती है बल्कि यदि यह लंबी खिंच जाए तो आर्थिक नुकसान भी करवाती है। आजकल के भागदौड़ भरे कॉर्पोरेट कल्चर में बीमार होने का मतलब है करियर में पिछड़ना। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि ऐसी सिचुएशन आ ही जाए तो क्या और कैसे क्या किया जाए। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि गंभीर बीमारी के बाद ऑफ़िस में वापसी के लिए क्या करें। तो आइए शुरू करें।

नया जोश नई शुरुआत

बीमारी से वापस आने के बाद आपको लाइफ को देखने का एक अलग ही नज़रिया मिलेगा। गंभीर बीमारी से बचकर वापस आना अपने आप में नया जन्म लेने जैसा है। ऐसे में आप नहीं चाहेंगे कि पूर्व में अपने प्रोफेशनल जीवन में आपने जो भी गलतियां की हों उन्हें वापस से दोहराया जाए। इसलिए, गंभीर बीमारी से बचकर, वापस ऑफ़िस लाइफ में लौटना सही मायनों में आपके लिए ‘फ्रेश स्टार्ट’ करने की एक ज़बरदस्त संभावना है। इस मौके को आप एक ‘नया जोश और नई शुरुआत’ के तौर पर देख सकते हैं।

पॉजिटिविटी

बीमारी के दौरान आप एक बेहद उदासीन और नकारात्मक दौर देख चुके हैं। हालांकि, अब आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं और ज़िंदगी, परिवार और पैसों के मूल्य को पहले की तुलना में कहीं बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। ऐसे में आगे की लाइफ और करियर को आप सकारात्मकता से जितना भरेंगे आपके लिए यह उतना ही फ़ायदेमंद साबित होगा। जी हां, पॉजिटिव रहने से ना सिर्फ आपका स्वास्थ्य जल्दी-जल्दी ठीक होगा, बल्कि ऑफ़िस के काम में भी आपका मन लगेगा। याद रखें, ऑफ़िस के तनावपूर्ण माहौल से बचने का सबसे कारगर तरीका है ‘पॉजिटिव’ रहें।

यह बातें भी रखती है मायने

समय और एनर्जी की कीमत जानें

Image Credit: intoday.in

बीमारी आपकी पूरी रफ़्तार पर ही अंकुश सा लगा देती है। अब जब आप बीमारी से लौटकर आ चुके हैं तो पहले की तुलना में ‘रफ़्तार’ यानी काम की ‘डेड लाइन’ का क्या महत्व है यह बखूबी समझ पा रहे होंगे। ठहराव जहां जीवन को रोक देता है वहीं गति इसे आगे बढ़ाती है। यही फिलॉसफी ऑफ़िस के काम में अपनाइए, डेड लाइन्स को फॉलो कीजिये, समय और एनर्जी को जाया नहीं होने दीजिए, डेड लाइन को फॉलो करिए ताकि आपका काम आगे बढ़ सके। जैसे-जैसे काम का विस्तार होगा आपकी ग्रोथ की कहानी भी आगे बढ़ेगी।

थैंकफुल रहें

बीमारी ने आपको एक बात तो ज़रूर सिखा दी होगी और वो है ‘थैंकफुल’ रहना। जी हां, जीवन में कल कब क्या हो जाए इसकी गारंटी नहीं है, इसलिए आप जो भी काम करें उसको लेकर थैंकफुल रहें। ऑफ़िस लाइफ में जब आप वापसी कर रहे हैं तो यह सीख आपके बड़े काम आएगी। खासकर ऑफ़िस में वापसी के बाद काम को लेकर शिकायत करना बंद कर दें और जो भी काम आपके पास है उसे लेकर थैंकफुल रहें। इससे ना सिर्फ आपको काम करने में मजा आएगा, बल्कि ऑफ़िस में आपका इम्प्रेशन भी सुधेरगा और लोग आपको एक पॉजिटिव व्यक्ति के तौर पर देखेंगे।

टारगेट सेट करें

जैसे बीमारी के वक़्त आपका सिर्फ एक ही लक्ष्य था कि ‘मुझे कैसे भी इससे ठीक होकर बाहर निकलना है’। इसी स्पिरिट को आप ऑफिस लाइफ में भी फॉलो करें। जब आप यह चुन लेते हैं कि आपको किसी भी कीमत पर कुछ हासिल करना ही है तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको रोक नहीं सकती। जैसे बीमारी के वक़्त आपका लक्ष्य स्वस्थ होना था ठीक उसी तरह ऑफिस में अपना एक लक्ष्य तय करिए और उसे पूरा करने के लिए पूरे जी जान से भिड़ जाइए।

This is aawaz guest author account