हर व्यक्ति का चेहरा उसकी पहचान होता है। इसलिए लोग अपनी पर्सनालिटी को संवारने के लिए अपने चेहरे का ख़ास ख्याल रखते हैं। लेकिन कई बार कई कारणों के चलते लोगों को अपने होंठों की रंगत खोनी पड़ती है। और तो और उनके होंठ काले पड़ने लगते हैं। यदि आप भी इसी समस्या से परेशान हैं, तो आज हम आपके लिए कुछ ऐसी टिप्स लेकर आए हैं, जो आपके काले होंठों की रंगत लौटा सकती है।

क्या है कारण?

होंठों की रंगत वापस लाना चाहते हैं, तो सबसे पहले उनके काले होने का कारण जानें। होंठों के काले होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें धूप, डिहाइड्रेशन, लिपस्टिक और लिप बाम का अधिक इस्तेमाल, ज़्यादा कैफीन का सेवन, इत्यादि का समावेश होता है। इसलिए सबसे पहले उस वजह को ख़त्म करें, जो आपके होंठों को काला बनाती है। कई बार दवाइयों के अधिक इस्तेमाल से भी होंठों की रंगत खराब हो जाती है। इसलिए काले होंठों का कारण जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

नीम्बू का इस्तेमाल

नीम्बू में भरपूर मात्रा में सिट्रिक एसिड होता है

होंठों का कालापन तब बढ़ता है, जब मेलानिन की मात्रा बढ़ती है। नीम्बू में भरपूर मात्रा में सिट्रिक एसिड होता है, जो मेलानिन को कम करता है। यदि आप रोज़ सोने से पहले होंठों पर नीम्बू के छिलके से मसाज करते हैं और सुबह हलके गुनगुने पानी से इसे धो लें, तो एक महीने में होंठों का प्राकृतिक गुलाबी रंग निखार के आ जाएगा।

चुकंदर का इस्तेमाल

चुकंदर यानी कि बीटरूट आपके होंठों के कालेपन को दूर करने में सहायक साबित हो सकता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं चुकंदर का प्राकृतिक रंग लाल होता है, जो आपके होंठों के रंग को बढ़ाता है। एक टेबलस्पून चुकंदर के रस में मलाई मिलाकर इसे हलके हाथों से होंठों पर लगाएं और 10 मिनट बाद इसे धो लें। कुछ ही दिनों में इस प्रक्रिया से आपके होंठों में फर्क दिखने लगेगा।

एलोवीरा और हल्दी करेगी मदद

हल्दी भी आपके होंठों के लिए फ़ायदेमंद मानी जाती है

एलोवीरा जेल भी मेलानिन के स्तर को घटाता है, इसलिए लिप बाम के तौर पर यदि आप एलोवीरा जेल का इस्तेमाल होंठों पर करते हैं, तो आपके होंठों की रंगत में निखार आ जाएगा। इसके अलावा हल्दी भी आपके होंठों के लिए फ़ायदेमंद मानी जाती है। हल्दी में दूध मिलकर गाढ़ा पेस्ट बना लें और इसे होंठों पर 10 मिनट रख कर गुनगुने पानी से धो लें। ये आपके होंठों को बेहतर बनाएगी।

यदि आप इन टिप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो काले होंठों से छुटकारा पा सकते हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..