सर्दियों का मौसम अस्थमा मरीजों के लिए परेशानी भरा साबित होता है। हाल ही में यूके में हुई एक रिसर्च में यह खुलासा किया गया है कि इस साल वहां सर्दियों में तकरीबन 26000 लोगों को अस्थमा के चलते अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है। वैसे, ठंडी हवाएं,सर्दी-जुखाम की आंशका और धूल-मिट्टी की वजह से इस मौसम में अस्थमा के अटैक आने की संभावना बाकी मौसमों के मुकाबले कई गुना बढ़ जाती है।

अस्थमा से जूझने वाले मरीज सर्दियों में बरतें यह छह सावधानियां

कई बार अस्थमा का अटैक अचानक ही आ जाता है इसलिए इससे बचने के लिए इन्हेलर हमेशा अपने पास रखें या जो अस्थमा पीड़ित हैं, उन्हें हमेशा इन्हेलर रखने की आदत डालें। इन्हेलर इस समस्या में तेजी से राहत पहुंचाता है इसलिए खासकर सर्दियों में बाहर निकलने से पहले इसे अपने पास ज़रुर रखें।

हाथ साफ रखें

हाथों का साफ रखना है बेहद ज़रुरी

अपने हाथों को दिनभर में कई बार साबुन और पानी से धोएं। इससे सर्दी जुखाम के कीटाणु और अन्य वायरस आपसे दूर रहेंगे और आप अस्थमा की चपेट में आने से बच जाएंगे। आप हाथ धोने के लिए अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनीटाइज़र का भी इस्तेमाल कर अपने हाथों को जर्म फ्री बना सकते हैं।

आग के पास न बैठें

सर्दियों में बोनफायर के पास बैठकर हाथ सेंकना अस्थमा के मरीजों के लिए घातक साबित होता है। दरअसल, विशेषज्ञों के मुताबिक, जलती हुई लकड़ी जलते हुए तंबाकू की तरह ही जहरीली हो जाती है और धुआं फेफड़ों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाता है खासकर तब जब आपको अस्थमा हो।

मुंह बंद या ढंक कर रखें

जी हां, मुंह बंद रखने की सलाह हम इसलिए नहीं दे रहे कि आप बातचीत कम करें बल्कि इसलिए दे रहे हैं क्योंकि इससे आप स्वस्थ रहेंगे। दरअसल, कई लोग सर्दियों में नाक के साथ-साथ मुंह खोलकर भी सांस लेते हैं,ऐसा करने से आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है और आपको अस्थमा का अटैक पड़ सकता है इसलिए जितना हो सके मुंह को ढंककर रखें। इसके लिए आप स्कार्फ या मफलर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

हीटर की करें सफाई

सर्दियों में अक्सर हम ब्लोअर या हीटर का इस्तेमाल करते हैं और फिर इन्हें घर के किसी कोने में रख देते हैं जिससे इनमें काफी धूल जम जाती है। ऐसे में इन्हें इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से साफ़ कर लें और उसके बाद ही चलाएं क्योंकि धूल से अस्थमा पीड़ित को काफी तकलीफ हो सकती है।

घर में करें वर्कआउट

ठंड के दिनों में सुबह की जगह दोपहर में थोड़ी ठंड कर होने पर वर्कआउट करें
ठंड के दिनों में सुबह की जगह दोपहर में थोड़ी ठंड कर होने पर वर्कआउट करें

अगर आपको अस्थमा है और आप जिम में जाकर वर्कआउट करना पसंद करते हैं तो सर्दियों में थोड़ा ध्यान रखें.जब बहुत ही ज्यादा सर्दी हो तो जिम में जाने से बेहतर है कि आप घर में ही वर्कआउट कर लें क्योंकि जिम के अंदर का तापमान आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। एसी में वर्कआउट करने से बेहतर है आप घर के बाहर दिन में थोड़ी सर्दी कम होने पर वर्कआउट कर लें और हां, जिम में वर्कआउट करने के दौरान भी अस्थमा के मरीज को कम से कम 20 मिनट का वार्मअप जरुर करना चाहिए क्योंकि इससे आपके फेफड़े बेहतर तरीके से काम करने में सक्षम हो जाते हैं।

इसके अलावा अपनी दवाइयां लेने में कभी भी कोताही न बरतें. भले ही आप कितने भी बिजी क्यों न हों,अपनी हेल्थ को लेकर कभी कोई समझौता न करें। अगर तब भी आपकी अस्थमा प्रॉब्लम कम नहीं हो रही तो सर्दियों में डॉक्टर के पास जाकर चेकअप जरुर कराएं और उनके निर्देशों का पालन अवश्य करें।

This is aawaz guest author account