यदि आप पैरों को क्रॉस करके या कहें पैरों को एक के ऊपर एक रखकर बैठते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। खास तौर पर महिलाओं को इस तरह बैठने की सीख दी जाती है, क्योंकि इस तरह बैठना स्टाइलिश माना जाता है। लेकिन ऐसा करने से आपके पैरों की नसों पर प्रेशर पड़ता है और मांसपेशियों में दबाव बढ़ने लगता है। यदि आपको स्वास्थ्य समस्याओं का सामना नहीं करना है, तो आज ही इस तरह बैठना छोड़ दीजिए।

कई बार ज़्यादा देर तक पैर क्रॉस करके बैठना आपके लिए हानिकारक हो सकता है। वेरीकोस वेन्स, जो आपके पैरों के पंजों में होती है, यह उभरकर पैरों में दिखने लगती है और इनका दिखना गंभीर समस्या की शुरुआत मानी जा सकती है। कहा जाता है कि पैरों को क्रॉस करके बैठने की वजह से वेरीकोज वेन पर दबाव बढ़ता है और इससे रक्त प्रभाव में बाधा आती है।

ज़्यादा समय तक और हमेशा पैरों को क्रॉस करके बैठने वाले लोगों में अस्थाई पैरालिसिस के लक्षण भी देखे गए हैं

पैरों को क्रॉस करके बैठने से दूसरी तकलीफ जो आपको हो सकती है, वह है मांसपेशियों के सुन्न हो जाने की। कई बार ऐसे बैठने से आपके पैरों की नसों में रक्त का बहाव कम हो जाता है और इसके लिए पैर सुस्त हो सकते हैं। यह कई बार आपके दर्द का कारण बन सकता है। इसमें सुई चुभने जैसा दर्द होता है और आपको इससे उबरने में समय लग सकता है।

ज़्यादा समय तक और हमेशा पैरों को क्रॉस करके बैठने वाले लोगों में अस्थाई पैरालिसिस के लक्षण भी देखे गए हैं। इस स्थिति में आप पैरों की उंगलियों को मोड़ नहीं सकते और आपको अस्थाई पैरालिसिस की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

यदि आप अक्सर पैरों को क्रॉस करके बैठते हैं, तो आपकी पेल्विक बोन का रोटेशन प्रभावित होता है। यह रीड की हड्डी पर आधारित समस्याओं को बढ़ावा देता है और गर्दन और पीठ के निचले हिस्से पर दबाव पड़ने की वजह से आपको दर्द की शिकायत हो सकती है।

यदि आप इन समस्याओं से बचना चाहते हैं, तो आज ही इस तरह से बैठना टालिये।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..