आज-कल इतने अलग-अलग प्रकार के डाइट पैटर्न्स और स्वास्थ्य सम्बन्धी बाधाएं है कि सही ढंग से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में शरीर को कितनी मात्रा में प्यूरीन की ज़रुरत है, इस बात का भी हमें ध्यान नहीं रहता। दरअसल, प्यूरीन मूल रूप से सभी खाद्य पदार्थों में मौजूद होता है, जो ब्लड के माध्यम से होता हुआ हमारी किडनी में पहुंचता है। शरीर में प्यूरीन के टूटने से यूरिक एसिड बनता है। हालांकि लोगों में प्यूरीन से संबंधित जागरूकता जगने के बाद अब जाकर लोग उस पर ध्यान देने लगे हैं। लेकिन अगर आप प्यूरीन के बारे में नहीं जानते, तो पहले इस पदार्थ को समझें और फिर इस बात कि जांच करें कि हमारे शरीर में प्यूरीन कितनी मात्रा में होना चाहिए।

प्यूरीन – शरीर में एमीनो एसिड बनाने में मदद करता है

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शरीर में प्यूरीन ज़्यादा होने से यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जिससे आपके शरीर के मेटाबॉलिज़्म में दिक्कत आती है।

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प्यूरिन एक ऐसा पदार्थ है जिसके खाने से शरीर में एमिनो एसिड बनता है। एमिनो एसिड की ज़रुरत हर किसी को होती है और वह ज़्यादातर खाद्य पदार्थों में प्यूरीन में ही पर्याप्त मात्रा में होता है। प्यूरीन मूल रूप से कार्बन और नाइट्रोजन से बनता है और ये हमारे आर.एन.ए और डी.एन.ए में मौजूद होता है।

बाहर से जब और अधिक प्यूरीन का सेवन किया जाता है तब वह हमारे शरीर में टूटकर यूरिक एसिड का उत्पादन करता है। वैसे तो यूरिक एसिस यूरिन के माध्यम से बाहर आ जाता है, लेकिन कई बार शरीर में यूरिक एसिड मात्रा बढ़ जाने से आपके गुर्दो में पथरी होने की संभावना हो सकती है।

हाई या लो प्यूरीन वाला खाना – अच्छे स्वास्थ्य के लिए किसे चुने?

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यदि आपको दौड़ लगाते समय शरीर में दर्द महसूस होता है तो समय आ गया है कि आप अपने शरीर में प्यूरीन की मात्रा पर ध्यान दें।

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दरअसल, आपके शरीर द्वारा सहज रूप में उत्पादित हुआ प्यूरीन आपके लिए पर्याप्त है। फिर भी यदि आपको अचानक से जोड़ों में दर्द महसूस होता हैं, तो यह एक संकेत है कि आपके शरीर में प्यूरीन का स्तर बढ़ चुका है। इसका कारण है आपके शरीर में प्यूरीन की वजह से यूरिक एसिड की बढ़ती हुई मात्रा, जिससे आपके शरीर के मेटाबॉलिज़्म पर असर पड़ सकता है।

जब आप मांस खाते हैं तो यह आपके शरीर में चरबी बढ़ाने वाला भोजन है, जिसकी वजह से प्यूरीन स्तर तेज़ी से ऊपर आता है। खासतौर पर सी फूड का आपके शरीर पर बहुत प्रभाव पड़ता है, क्योंकि इससे पैदा हो रही प्यूरीन की मात्रा को आपका शरीर पचा नहीं पाता है। साथ ही सोडा, बीयर, ग्रेवी और खमीर के खाद्य पदार्थो में प्युरीन की मात्रा अधिक होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप यह पदार्थ खाना छोड़ दें। आपको अपने आहार में बस थोड़े से बदलाव की ज़रूरत हैं।

आप मशरूम, पालक, एक गिलास बीयर, एक चौथाई कप गेहूं का चोकर , कॉर्न सिरप के बिना फलों का रस और मांस के सूप स्टॉक का सेवन करना शुरू कर दें। इन् पदार्थों से आपके शरीर में प्यूरीन का स्तर नियंत्रित रहेगा। यदि आपको किसी कारण असहनीय दर्द महसूस हो तो आप तुरंत ही ऐसे पदार्थ खाना शुरू कर दें जिसमे प्यूरीन का स्तर एकदम कम हो जैसे – साग, चावल, तेल, आलू, ब्रेड, नट्स, फल, अंडे और डेयरी के उत्पाद। यह पदार्थ आपके शरीर में प्यूरीन का स्तर ठीक बनाए रखने में मदद करेंगे।

आपको ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिसमे प्यूरीन की मात्रा सामान्य हो! स्वाद से ज़्यादा हमारा स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है। इसलिए कई बार अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अपने पसंदीदा खाद्य पदार्थों से समझौता कर लेना चाहिए।

किसी भी समस्या से डरे बिना आप बस अपने आहार पर नियंत्रण रखें और अपने शरीर का ख्याल रखें!