आजकल की बदलती लाइफस्टाइल के साथ ही हमारे खान-पान की आदतें भी बदलती जा रही हैं। हम जो खाते हैं उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। यह जानते हुए भी कि कुछ चीज़ों का सेवन करना हमारी सेहत के लिए ठीक नहीं है, हम उन्हें खाना-पीना नहीं छोड़ते। ऐसी ही एक चीज़ है ‘डाइट सोडा’। आपने खुद भी या कई लोगों को बड़े ही आनंद के साथ डाइट सोडा की चुस्कियां लेते देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि, बेहद कम कैलोरी वाली यह डाइट भी आपको बीमार करने में कोई कसर नहीं छोडती है। कई ऐसी स्टडीज हैं जो इस ओर इशारा करती हैं कि डाइट सोडा का सेवन करने से – डायबिटीज, फैटी लिवर, डिमनीशिया, ह्रदय संबंधी रोग और स्ट्रोक आने का ख़तरा बना रहता है। इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम आपको डाइट सोडा क्या होता है और इसके सेवन से होने वाले संभावित हेल्थ रिस्क के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या होता है डाइट सोडा

डायटीशियन प्रीति शुक्ला के मुताबिक, डाइट सोडा एक तरह से सॉफ्ट ड्रिंक्स या अन्य सोडा का एक विकल्प है। यह स्वाद में बिलकुल सोडे की तरह ही लगता है बस इसमें शक्कर की मात्रा सोडे से बेहद कम होती है। डाइट सोडे में आर्टिफीशियल स्वीटनर, सैक्रीन आदि का प्रयोग किया जाता है। अधिकांश लोग जो हेल्थ को लेकर अलर्ट रहते हैं वह नॉर्मल सोडे की जगह डाइट सोडा पीना पसंद करते हैं क्यूंकि इसमें बेहद कम मात्रा में शक्कर होती है। यहां तक कि डाइट सोडा का निर्माण करने वाले कंपनियां भी यह क्लेम करने से पीछे नहीं हटतीं कि यह ड्रिंक रेगुलर सोडा की तुलना में स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर है।

तो क्या डाइट सोडा हमारे लिए नुकसानदायक है

डाइट सोडा हेल्थ के लिए नुकसानदायक है या नहीं इसे लेकर रिसर्चर्स में भी दो मत हैं। कुछ स्टडीज इस और इशारा करती हैं कि एक लंबे समय तक यदि आप डाइट सोडा का सेवन करते हैं तो ऐसी ‘संभावना’ है कि आपको हृदय संबंधी रोगों, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, लिवर संबंधी रोगों के साथ ही डिमनीशिया और स्ट्रोक आदि की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, कुछ रिसर्चर्स इस थ्योरी से सहमत नज़र नहीं आते और हेल्थ को होने वाले नुकसान की मुख्य वजह वह ‘व्यक्तिगत’ खाने की आदतों को मानते हैं।

क्या डाइट सोडा होता है नुकसानदायक, जानिए

मीठे की ओर आकर्षित करता है डाइट सोडा
मीठे की ओर आकर्षित करता है डाइट सोडा

क्या कहती है रिसर्च

साल 2012 में हुई एक रिसर्च यह दावा करती है कि, डाइट सोडा का सेवन करने से हमारा दिमाग खाने-पीने की ‘मीठी’ वस्तुओं के प्रति अलग ही तरह से बर्ताव करने लगता है। दरअसल, डाइट सोडा का सेवन करने से ‘डोपामाइन’ पर प्रभाव पड़ता है। डोपामाइन हमारे शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर का काम करता है और इसकी मदद से ही ब्रेन हमें -मोटिवेट, ख़ुशी और उत्साहित होने की फीलिंग देता है। रिसर्च में सामने आया है कि डाइट सोडा का सेवन करने वाला व्यक्ति मीठी वस्तुओं के प्रति ज्यादा आकर्षित होता है।

अल्जाइमर होने का खतरा तीन गुना तक

साल 2017 में 2888 लोगों पर हुई एक रिसर्च में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए थे। यह रिसर्च 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों के बीच करवाई गई थी और प्रत्येक व्यक्ति की रोज एक डाइट सोडा पीने के लिए दिया गया। रिसर्चर्स ने पाया कि डाइट सोडा का सेवन करने से इन सभी लोगों में अल्जाइमर होने का खतरा तीन गुना तक बढ़ गया था। रिसर्च से यह स्पष्ट हो चला था कि डाइट सोडा का सेवन करने से सेहत को नुकसान है।

डायबिटीज का ख़तरा बढ़ जाता है

साल 2014 में जापान में हुई एक स्टडी से और भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। यहां एक फैक्ट्री में 2037 पुरुषों पर हुई एक मेडिकल रिसर्च से पता चला कि जो पुरुष लगातार डाइट सोडा का सेवन कर रहे थे उनमें डायबिटीज होने का ख़तरा कई गुना तक बढ़ गया था। वहीं, फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य पुरुषों जो डाइट सोडा का सेवन नहीं करते थे उनमें डायबिटीज होने की संभावना ना के बराबर थी।

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