करवा चौथ की ही तरह वट सावित्री के व्रत को भी पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन मनाया जाता है, जिसे बड़अमावस का नाम भी दिया गया है। इस साल ये तिथि 3 जून को आई है। इस व्रत के पीछे मान्यता है कि पतिव्रता सावित्री ने सत्यवान के प्राणों की रक्षा इसी दिन यमराज से की थी।

इस दिन सुहागन महिलाएं पूरा श्रृंगार करके बरगद के पेड़ की पूजा करती है और साथ ही अपने पति की लंबी उम्र की कामना भी करती है। इसी दिन सावित्री के दृढ़ संकल्प से हारकर यमराज ने उसके पति सत्यवान के प्राण वापस लौटाए थे, इसीलिए तब से यह मान्यता चली आ रही है कि सावित्री की तरह जो भी स्त्री यह व्रत करेगी, उसके पति पर आने वाला संकट दूर हो जाएगा। इस दिन बरगद के पेड़ का पूजन इसीलिए की जाती है, क्योंकि सावित्री और सत्यवान ने इसी पेड़ के नीचे अपने इष्ट देवों की पूजा की थी।

इस व्रत के दौरान सुहागन स्त्रियां बरगद के पेड़ की पूजा करके फल और वस्त्र अर्पित करती हैं, जिसके बाद वे पूरा दिन उपवास रखती हैं और शाम को मीठे प्रसाद से अपना उपवास तोड़ती है। यदि आप भी इस साल वट सावित्री का व्रत कर रही हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए, जिससे आपकी सेहत ठीक बनी रहे।

भरपूर पानी पिएं

यह तो सभी जानते हैं कि शरीर के लिए पानी बहुत ज़रूरी है। यह शरीर के तापमान को सहीं बनाए रखने के साथ ही विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। खास तौर पर जब आप उपवास रखते हैं तो पानी आपके लिए बेहद ज़रूरी हो जाता है। ये आपके शरीर को हायड्रेट रखता है और आपको कमज़ोरी महसूस नहीं होने देता। इसलिए उपवास के दौरान रोज़ से ज़्यादा पानी पिएं।

सूर्योदय से पूर्व ज़रूर कुछ खाएं

जैसा कि आप जानते हैं, कुछ स्त्रियां इस व्रत मन पूरा दिन कुछ नहीं खातीं। यदि आप भी ऐसा कठोर व्रत कर रही हैं, तो सूर्योदय से पूर्व ज़रूर कुछ खा लें। इस भोजन में आप रात भर बिगोए हुए बादामों का सेवन कर सकती हैं, भिगोए हुए बादाम सुबह खाने से दिन भर के लिए शरीर तंदुरुस्त रहता है। साथ ही आपको भरपूर मात्रा में फल और सलाद का सेवन करना चाहिए। याद रहे कि आप कुछ मात्रा में दूध भी पिएं, जिससे आपका पेट लम्बे समय तक भरा रहे।

हर्बल चाय का करें सेवन

अक्सर आपने लोगों को उपवास के दौरान दूध से बनी हुई चाय पीते देखा होगा। ये चाय खाली पेट में एसिडिटी का कारण बनती है और दूसरे दिन आपको कब्ज़, अपच और मितली की समस्या देकर जाती है। इसलिए तरोताज़ा रहने के लिए चाय पिएं, लेकिन ध्यान रहे कि ये चाय हर्बल हो। आप उपवास में ग्रीन टी के साथ-साथ हर्बल चाय भी पी सकते हैं। इसके अलावा आप आइस टी भी पिएं, तो आपके लिए अच्छा होगा।

क्या खाएं व्रत के दौरान

वैसे तो लोग इस उपवास में पूरा दिन खाने को हाथ नहीं लगाते, लेकिन यदि आप कुछ खा रही हैं, तो चीज़ों का चुनाव सोच-समझकर करें। फल उपवास में बेहद अच्छे माने जाते हैं, इसलिए फल खाकर आप एनर्जी ले सकती हैं। फल न केवल शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते, बल्कि आपको पूरे दिन की ताकत भी देकर जाते हैं। इसलिए व्रत के दौरान अपनी डाइट में फलों को शामिल करना आपके लिए बेहतर साबित होगा।

साथ ही आपको ड्राय फ्रूट्स का सेवन भी करना चाहिए। ड्राई फ्रूट्स में एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स फलों की अपेक्षा ज्यादा होते हैं। इससे इंस्टेंट एनर्जी मिलती है। जब भी आपको मौका मिले आप ड्राय फ्रूट खा सकती हैं।

यदि आप इन दोनों में से किसी का भी सेवन नहीं करना चाहती, तो सलाद आपके लिए बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है। सलाद में सभी तरह के विटामिन्स और मिनरल होते हैं, जो उपवास के दौरान पूरी तरह से आपके शरीर का ख़याल रखते हैं। इसके अलावा यह आपके पाचन तंत्र को भी ठीक से काम करने में मदद करते हैं। सलाद खाने से पेट में ठंडक बनी रहती है और आपको पेट सम्बन्धी समस्याएं नहीं होती।

इस तरह वट सावित्री का व्रत आप आसानी से और अपनी सेहत का ख़्याल रख कर पूरा कर सकती हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..