इंडिया में थायरॉइड से जुड़ी बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, देश में इस समय तकरीबन 42 मिलियन लोग थायरॉइड के डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं। तितली के शेप की थायरॉइड ग्लैंड एक पावरफुल बॉडी ऑर्गन है जिसकी मदद से शरीर के कई बॉडी पार्ट्स सुचारू ढंग से काम करते हैं। इसकी मदद से आपके दिल और दिमाग को ऊर्जा मिलती रहती है और वह निरंतर काम करते रहते हैं। थायरॉइड डिसऑर्डर के दो प्रकार होते हैं-हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म। हाइपोथायरायडिज्म में शरीर में थायरॉइड हॉर्मोन की मात्रा कम हो जाती है। वहीं, हाइपरथायराइडिज्म में यह हॉर्मोन ज़रुरत से ज़्यादा हो जाता है। थायरॉइड के असंतुलित होने पर शरीर कई संकेत देता है जिन्हें समझकर आप समय पर इसका इलाज करा सकते हैं जो कि आसानी से हो सकता है। आज आपको बताते हैं इन्हीं संकेतों के बारे में

वजन बढ़ना या घटना: डॉक्टर आर.पी.पटेल के अनुसार, थायरॉइड कम या ज़्यादा होने पर बेवजह वज़न बढ़ और घट जाता है। आपको ज़्यादा भूख लगने लगती है। भले ही आप हेल्दी लाइफस्टाइल जी रहे हों लेकिन बिना कारण ही वज़न बढ़ने लग जाए तो यह थायरॉइड डिसऑर्डर हो सकता है। हाइपरथायरायडिज्म में वज़न घटता है।

थकान: जिन लोगों को हाइपोथायरायडिज्म होता है,वह अक्सर थकान महसूस करते हैं। भरपूर नींद लेने के बावजूद उन्हें थकान महसूस होती है। इससे आप चाहकर भी काम पर ध्यान नहीं लगा पाते।

रुखे-सूखे बाल: हाइपोथायरायडिज्म होने पर बालों का टेक्सचर बदल जाता है। बाल रूखे होने पर आसानी से टूट जाते हैं अगर आपको भी कभी ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

थायरॉइड की समस्या से पहले आपका शरीर देता है ये संकेत


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कब्ज: हाइपोथायरायडिज्म की वजह से पाचन तंत्र कमज़ोर होने लगता है जिससे पेट साफ़ होने में भी परेशानी होने लगती है और कब्ज होने लगता है। दरअसल,ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके खाए खाने से शरीर उतना पानी नहीं बना पाता जितना उसे बनाना चाहिए और साथ ही आपका कोलोन भी उस तरह से कार्य नहीं करता जितना उसे करना चाहिए।

ज्यादा ठण्ड या गर्मी लगना: हाइपरथायराइडिज्म होने पर आपको औरों के मुकाबले ज्यादा ठण्ड लगती है,ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि आपकी बॉडी उतनी एनर्जी रिलीज़़ नहीं कर पाती जितनी इसे करनी चाहिए। वहीं, हाइपोथायरायडिज्म होने की शक्ल में आपको गर्मी ज़्यादा लगने लगती है क्योंकि आपकी बॉडी टेम्परेचर को रेग्युलेट करने में फेल हो जाती है। थायरॉइड ही बॉडी टेम्परेचर को नियंत्रित करने का काम करता है और अगर यह संतुलित नहीं तो शरीर को ज़रुरत से ज़्यादा ठण्ड और गर्मी लगने लगती है।

पीरियड्स पर भी पड़ता है असर: थायरॉइड की प्रॉब्लम महिलाओं को ज़्यादा होती है। हाइपरथायराइडिज्म में पीरियड्स का फ्लो बेहद कम या नाममात्र के लिए हो जाता है। अगर पीरियड्स में ब्लड फ्लो ठीक भी है तो ये तय समय से काफी देर में आते हैं। अगर आप भी कभी ऐसा महसूस करें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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