2 जुलाई यानी कि आज सूर्यग्रहण लगनेवाला है। सूर्यग्रहण के दौरान के समय को भारतीय संस्कृति में सूतक के नाम से जाना जाता है। इस सूतक के दौरान लोगों को अपनी सेहत और खाने-पीने का ख़ास ध्यान रखना चाहिए। मेरठ के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य उमेश शास्त्री जी की मानें तो आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या को होनेवाला ये सूर्यग्रहण भारतीय समयानुसार रात 10 बजकर 25 मिनट से सुबह 3 बजकर 21 मिनट पर ख़त्म होगा। देखा जाए तो भारतीय समयानुसार यह ग्रहण रात को होनेवाला है, इसलिए भारत में इसका असर ज़्यादा दिखाई देगा, लेकिन दुनिया के कुछ भागों में इसका असर साफ़ दिखाई देने के आसार हैं। खास तौर पर दक्षिण महासागर से जुड़े इलाकों में इसका असर ज़्यादा दिखाई देगा और अर्जेंटीना में यह खग्रास रूप में होगा। आइये जानते हैं सूर्यग्रहण से जुड़ी कुछ ख़ास बातें और कैसे इसका असर होगा आपकी सेहत पर।

कैसे होता है सूर्यग्रहण?

साइंस के अनुसार ये सिर्फ एक खगोलीय घटना है

भारत में सूर्यग्रहण को लेकर कई मिथ या मान्यताएं हैं, जिसका अनुसरण लोग सदियों से करते आ रहे हैं। लेकिन साइंस के अनुसार ये सिर्फ एक खगोलीय घटना है। इस घटना में सूर्य, चन्द्रमा और पृथ्वी एक ही कतार में कुछ समय के लिए चलते हैं। इससे चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और इससे सूर्य पूरी तरह से चन्द्रमा से ढक जाता है। यह आंशिक रूप से होता है, लेकिन इसे दिन में आसानी से देखा जा सकता है। इसी खगोलीय घटना को सूर्यग्रहण कहा जाता है। लेकिन हमारे ज्योतिष शास्त्रों में इस घटना को अच्छा नहीं माना जाता। ज्योतिषाचार्य उमेश शास्त्री जी कहते हैं, “सूर्यग्रहण में सूर्य पर चन्द्रमा की छाया पड़ती है, जिसकी वजह से सूर्य की रौशनी धरती तक नहीं पहुंचती। भारतीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान नकारात्मकता लोगों पर हावी हो सकती है, जो उनके लिए नुकसान का कारण बन सकती है।”

कैसे होता है सेहत पर असर?

सूर्यग्रहण के बाद नमकवाले पानी से नहाने की सलाह दी जाती है

सूर्यग्रहण एक ऐसी घटना है, जिसका असर आपकी सेहत और खाने-पीने पर भी देखा जाता है। वैज्ञानिकों की माने तो सूर्यग्रहण के दौरान प्रकृति में कुछ बदलाव आते हैं, जिसकी वजह से आपके आसपास मैग्नेटिक फील्ड का निर्माण होता है और सूरज की पैराबैंगनी यानी कि अल्ट्रा वॉइलेट किरणें आपके संपर्क में आती है, जिससे आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है।

सूर्यग्रहण के दौरान रौशनी और ताप कम होती है, जिससे घर में रखे हुए खाने में बैक्टीरिया तेज़ी से बढ़ते हैं। इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान खाना ना खाने और खाना ना बनाने की सलाह भी दी जाती है।

जैसा कि आप सभी जानते हैं, नमक एक एंटीसेप्टिक के रूप में आपको फायदा पहुंचाता है। इसलिए सूर्यग्रहण के बाद नमकवाले पानी से नहाने की सलाह दी जाती है। जब आप ऐसा करते हैं, तो इन किरणों से आपके शरीर में होनेवाले नुकसान को नमक हील कर देता है।

साथ ही आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि सूर्यग्रहण को बिना किसी आवरण के नहीं देखना चाहिए यानी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। ऐसा इसलिए कहा जाता है कि क्योंकि सूर्यग्रहण के दौरान निकलनेवाली हानिकारक किरणें आंखों से संपर्क में आकर उन्हें खराब कर सकती है और इससे आंखों की रौशनी जा सकती है।

सूर्यग्रहण के दौरान आपको कम सोने की सलाह भी दी जाती है। जब सूरज की रौशनी धरती तक ठीक से नहीं पहुंच पाती, तो आपके शरीर में भी कई बदलाव इसकी वजह से होते हैं। यदि आप इस दौरान नींद में होते हैं, तो आपका ब्लड सर्क्युलेशन धीमा होने के कारण आप जल्दी बीमार पड़ते हैं। इसलिए आपको सूर्यग्रहण के दौरान अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखने की हिदायत दी जाती है।

इस तरह सूर्यग्रहण के दौरान आप सेहत को तरजीह देकर बीमार होने से बच सकते हैं।