हमारे घरों में अक्सर कई ऐसे लोग होते हैं, जिनके खर्राटों से हमारी नींद में खलल पड़ता है। कई बार शादीशुदा कपल्स के साथ भी ये बड़ी समस्या होती है कि दोनों में से एक खर्राटों से परेशान रहता है। लोगों ने अपने मन में ये मिथ मान लिया है कि खर्राटों का मतलब होता है गहरी नींद, लेकिन यह धारणा बिलकुल गलत है। अगर आपको खर्राटे लेने की समस्या है, तो ये स्लीपिंग डिसऑर्डर की तरह देखा जाता है और इसमें सामान्य कुछ भी नहीं है। इसलिए आपको जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाकर अपनी समस्या का समाधान करना चाहिए। आपको बताते चलें कि खर्राटे लेने की आदत कई वजह से हो सकती है, जिसमें से कुछ सामान्य समस्याएं हैं, वहीं कुछ गंभीर। आइये जानते हैं हमें किन वजहों से खर्राटों की समस्या हो सकती है।

क्या है खर्राटों की वजह?

If you have sinus, avoid sleeping on your back at all costs as this will make your symptoms worse
गले में वेक्यूम पैदा होता है और लोग खर्राटे लेने लगते हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी की खर्राटों का संबंध जेंडर से भी है। पुरुषों में श्वसन नलिका महिलाओं की श्वसन नलिका की तुलना में पतली होती है इसीलिए वह महिलाओं की अपेक्षा ज़्यादा खर्राटे लेते हैं। यह समस्या जेनेटिक भी हो सकती है। वहीं दूसरी ओर कई बार लोग ऐसी कई स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार हो जाते हैं, जिसकी वजह से आपको खर्राटे लेने की आदत हो सकती है। इसमें साइनस, एलर्जी, नाक की नली में सूजन की वजह से सांस लेने में मुश्किल पैदा होती है। इससे गले में वेक्यूम पैदा होता है और लोग खर्राटे लेने लगते हैं।

आप की लाइफस्टाइल से भी खर्राटों का संबंध गहरा है। यदि आपका वज़न ज्यादा है तो फैटी टिशु और वसा की वजह से आप खर्राटे ज़्यादा लेते हैं। साथ ही शराब, सिगरेट और रोज़मर्रा की दवाइयों की वजह से भी खर्राटे की समस्या हो सकती हैं। आप शायद नहीं जानते होंगे कि आपके सोने के तरीके की वजह से भी आपको खर्राटों की समस्या हो सकती हैं। यदि आप किसी ऐसे पोश्चर में सो रहे हैं, जिससे सोते समय आपके गले का पिछला हिस्सा ब्लॉक हो जाए, तो ऐसे में ऑक्सीजन कम जगह से अंदर जाती है और इसी की वजह से आसपास की मांसपेशियां वाइब्रेट होते हैं. जिसे हम खर्राटों का नाम देते हैं।

जिन लोगों को वातावरण में बदलाव की वजह से सर्दी की समस्या रहती है, उन्हें भी रात को नींद नहीं आती। नींद की दवाइयां के अलावा एलर्जी के लिए ली गई दवाइयां आपकी श्वसन मांसपेशियों को सुस्त बना देती है, जिससे खर्राटों का आना सामान्य बात हो जाती है।

खर्राटों से बचने के लिए क्या करें?

Sleeping enough and at the right time are the prerequisites to having a beautiful pair of eyes
फैटी टिशु यदि कम होते हैं तो आप खर्राटों से मुक्ति पा सकते हैं

जैसा कि अब तक आप जान गए हैं कि आप की लाइफस्टाइल की वजह से नींद में खलल पड़ता है और इसी वजह से खर्राटों की समस्या होती है, इसीलिए सबसे पहले आपकी लाइफस्टाइल को बदलने की ज़रूरत है। वज़न कम करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। गले के आसपास जमा हुए फैटी टिशु यदि कम होते हैं तो आप खर्राटों से मुक्ति पा सकते हैं।

वहीं दूसरी ओर दैनिक रूप से व्यायाम करना आपके लिए बेहद फायदेमंद होगा। जब आप एक्सरसाइज़ करते हैं तो गले की मांसपेशियों पर भी जोर पड़ता है और इससे खर्राटे कम आते हैं। अक्सर लोग पार्टियों में सिगरेट और शराब का सेवन करते हैं, जिससे सांस लेने के मार्ग को नुकसान पहुंचता है पर नाक और गले से आवाज़ आती है। साथ ही सोने का समय निश्चित करके आप अपने शरीर को पूरा आराम दे सकते हैं और अपने पोश्चर का ध्यान रख कर आप खर्राटों से मुक्ति पा सकते हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि रात में ज़्यादा भोजन करने से भी आपको खर्राटों की समस्या हो सकती है। वहीं दूसरी और नींद की गोलियां भी खर्राटे आने का कारण बनती है। यदि आप अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाएंगे, तो खर्राटों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

तो देर किस बात की जल्द से जल्द इन खर्राटों से बचने के लिए यह उपाय ज़रूर अपनाएं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..