भरपूर नींद लेना स्वस्थ शरीर के लिए बेहद ज़रूरी है लेकिन क्या आपकी नींद बाकी लोगों के लिए परेशानी का सबक बनती जा रही है ? आप सोच रहे होंगे वो कैसे ? तो हम आपको बताते हैं कैसे- दरअसल, कई लोगों हैं, जिन्हें नींद में खर्राटे लेने की आदत होती है। जाने-अनजाने ही सही खर्राटे भरने वाले शख्स को शर्मिंदगी का शिकार बनना पड़ता है। यह एक ऐसी ख़राब आदत है जिसके चलते आस-पास के लोग भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि खर्राटे लेने की आदत से कैसे छुटकारा पाया जाए। ऐसा क्या किया जाए जिससे यह दिक्कत अपने न्यूनतम स्तर पर आ जाये। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बताएँगे, जिनका सेवन नहीं करने से आपको खर्राटों की दिक्कत में एक बड़ा आराम मिल सकता है। तो आइये जानते हैं-

शक्कर

डायटीशियन अंजू विश्वकर्मा के अनुसार, हम सब यह जानते हैं अधिक मात्रा में शक्कर का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि रात के समय शक्कर युक्त सॉफ्ट ड्रिंक्स और मीठा खाने से खर्राटों की समस्या कई गुना तक बढ़ सकती है। दरअसल, रात के समय ज़्यादा मीठा खाने से गले के टिशूज पर बुरा असर पड़ता है और फ्लैम (एक प्रकार के म्यूकस) का अनियंत्रित विकास होता है, जिसके चलते खर्राटे की दिक्कत होती है। इसलिए रात के समय जितना हो सके मीठा खाना अवॉयड करें।

हाई फैट युक्त मीट

मीट में फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है, इसके साथ ही इसमें प्रोटीन पाया जाता है। मीट के सेवन से शरीर में सैच्युरेटेड फैट जमने लगता है जो आगे चलकर ख़र्राटों की दिक्कत पैदा करता है। इसलिए एक्सपर्ट्स की मानें तो रात के खाने में हमेशा लो फैट मीट का इस्तेमाल ही किया करें। आपको बता दें कि ऐसा करने से खर्राटे लेने की आपकी समस्या में ग़जब का सुधार होगा।

खर्राटे की समस्या से जूझ रहे हैं तो बदल दें ये आदतें

कम खाएं दूध से बने पदार्थ
कम खाएं दूध से बने पदार्थ

Image Credit: nutritionadvance.com

डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल

रात को दूध पीकर सोना हमेशा से ही अच्छा माना जाता है। लेकिन यदि आपको खर्राटे लेने की समस्या है, तो रात के समय दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट्स के अनुसार, रात के समय दूध पीने से बॉडी में म्यूकस और कफ बनने की दिक्कत होती है, जो खर्राटे लेने की समस्या को कई गुना तक बढ़ा देती है। इसलिए रात के समय दूध पीना अवॉयड करें और खर्राटों की दिक्कत से छुटकारा पाएं।

शराब का सेवन

शराब का सेवन करना वैसे भी सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में यदि आपको खर्राटे लेने की आदत है तो शराब का सेवन करना तत्काल बंद कर दीजिये। कई लोगों का ऐसा सोचना होता है कि शराब पीने से बॉडी रिलैक्स हो जाती है और नींद अच्छी आती है हालाँकि यह सच नहीं है। शराब के सेवन के मसल्स लूज हो जाते हैं, जिसके चलते खर्राटों की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

स्मोकिंग ना करें

खर्राटों की दिक्कत से परेशान लोगों को स्मोकिंग नहीं करना चाहिए। बल्कि, यह कहें कि स्मोकिंग करने वालों को खर्राटों की दिक्कत कुछ ज्यादा ही होती है तो यह कहना गलत नहीं होगा। दरअसल, स्मोकिंग करने वाले लोगों की नाक और गले की चमड़ी सिकुड़ने लगती है, इसका नतीजा यह होता है कि सोते समय सांस लेने में कठिनाई होती है और व्यक्ति जोर-जोर से खर्राटे लेता है। इसलिए यदि आप चाहते हैं कि खर्राटे लेने की आपकी आदत में कुछ सुधार हो तो तत्काल सिगरेट पीना बंद कर दें।

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