अपने अक्सर हर्बल टी, ग्रीन टी, रेड टी के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आपने पपीते की चाय के बारे में सुना है? पपीते से बनी चाय उन लोगों को पीने की सलाह दी जाती है, जिनके जोड़ों में दर्द की अक्सर शिकायत होती है। आज कल बहुत सारे लोग गठिया जैसी गंभीर बीमारी से परेशान हैं। शरीर में जब यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तब पपीते की चाय पीने से गठिया के रोग में आराम मिलता है। वहीं इससे आपको दर्द में भी राहत मिलती है और हड्डियां भी मजबूत होती है। आइए जानते हैं क्यों गठिया में पपीते की चाय पीना ज़रूरी है।

पपीते की चाय के बारे में आम तौर पर लोग नहीं जानते। मगर मेडिकल साइंस की दुनिया में इस चाय का बड़ा महत्व है। गठिया के अलावा यह चाय कई रोगों को ठीक करती है। यदि आप गठिया जैसी समस्या को प्राकृतिक तरीके से ठीक करना चाहते हैं, तो पपीते से बनी यह चाय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। पपीता शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को घटाता है और इससे जोड़ों में आई सूजन दूर होती है।

कैसे बनाएं पपीते की चाय?

यह चाय पीने से गठिया के दर्द में राहत मिलती है

पपीते की चाय बनाने के लिए आपको एक कप पानी, 180 ग्राम पपीता टुकड़ों में कटा हुआ और दो ग्रीन टी बैग्स की ज़रुरत होगी। एक बर्तन में पानी लेकर उसमें पपीते के टुकड़े डालें और इस से धीमी आंच पर पकने दें। जब यह पानी उबलने लगे, तो आंच बंद कर दें और 10 मिनट के लिए पानी को थोड़ा ठंडा होने दें। अब इस पानी को छानकर पपीते के टुकड़ों को अलग कर लें। इसी पानी में ग्रीन टी के बैग्स डालकर 3 मिनट के लिए छोड़ दें। अब इस गरमा गरम चाय को पिएं।

क्या है पपीते की चाय के फायदे?

यह चाय पीने से गठिया के दर्द में राहत मिलती है और इसके अलावा किसी और कारणों से शरीर में होने वाली सूजन भी कम होती है। इसके अलावा यह चाय आपका पाचन ठीक रखती है और शरीर में प्लेटलेट्स काउंट भी बढ़ाती है। इस चाय को पीने से आपकी बॉडी डिटॉक्स हो जाती है।

यदि आपने इससे पहले पपीते की चाय के बारे में नहीं सुना, तो अब इस चाय को ट्राई कर ही लीजिये।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..