बारिश का मौसम आ चुका है। जहां एक ओर बारिश की फुहारों से वातावरण में ठंडक आती है, वहीं दूसरी ओर बारिश के कारण कीड़े-जंतुओं और मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। ऐसा होने की वजह से सूर्यास्त के बाद लोगों को मच्छरों की वजह से बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में खास तौर पर डेंगू के मच्छर आपको तकलीफ दे सकते हैं। अगर आपको लगता है कि डेंगू के मच्छर सिर्फ आपको दिन में ही काटेंगे, तो आप बिल्कुल गलत हैं। दरअसल, हम डेंगू से जुड़े कुछ ऐसे मिथकों पर भरोसा करते हैं, जो हमारे लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन मिथकों के बारे में।

डेंगू को लेकर सबसे बड़े मिथ की बात करें तो लोग सोचते हैं कि ये मच्छर सिर्फ दिन में ही काटते हैं। दरअसल ऐसा बिल्कुल नहीं है। डेंगू फैलाने वाले एडीज़ मच्छर दिन में ज़्यादा एक्टिव रहते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि ये मच्छर आपको रात को या दिन ढलने के बाद नहीं काट सकते। अगर ये आपके आस-पास हो, तो ये रात को भी आपको अपना शिकार बना सकते हैं।

अगर ये आपके आस-पास हो, तो ये रात को भी आपको अपना शिकार बना सकते हैं

कई लोग सोचते हैं कि यदि वे एक बार डेंगू का प्रहार झेल चुके हैं, तो उन्हें दोबारा डेंगू नहीं हो सकता। लेकिन ये भी एक बहुत बड़ा मिथ है। दरअसल डेंगू चार अलग-अलग वायरस के चलते हो सकता है। जिस वायरस से आपको डेंगू हो चुका है, तो भले ही आपका शरीर उस वायरस को लेकर इम्यून हो गया हो, लेकिन बाकी वायरस के चलते आप दोबारा डेंगू की चपेट में आ सकते हैं।

अगर आपको लगता है कि खून में प्लेटलेट्स की कमी का मतलब है कि आपको डेंगू हुआ है, तो आप बिल्कुल गलत हैं। यदि आपके प्लेटलेट्स काउंट में कमी आ रही है, तो ज़रूरी नहीं कि आपको डेंगू की समस्या है। इसलिए बेहतर है कि आप टेस्ट के ज़रिये इसकी तह तक जाएं। कई बार किसी डेफिशिएंसी की वजह से भी प्लेटलेट्स में कमी हो सकती है।

डेंगू के मच्छर सबसे ज़्यादा गर्मियों में और बारिश के मौसम में बाद पनपते हैं

कहा जाता है कि डेंगू के मच्छर सबसे ज़्यादा मानसून में पनपते हैं, लेकिन यह भी एक मिथ है। डेंगू के मच्छर सबसे ज़्यादा गर्मियों में और बारिश के मौसम में बाद पनपते हैं। इन मौसमों में वातावरण में हल्की गर्माहट होती है, जो इनकी पैदावार को बढ़ावा देती है।

डेंगू फैलानेवाले एडीज़ मच्छर किसी भी तापमान में नहीं पैदा होते। ऐसा मिथ है कि ये किसी भी वातावरण और तापमान में पैदा हो जाते हैं, लेकिन सच तो ये है कि इन्हे पैदा होने के लिए 16 डिग्री से ज़्यादा तापमान की ज़रुरत होती है। इससे कम तापमान में ये पैदा नहीं हो सकते।

डेंगू से जुड़े इन मिथकों पर लोग अक्सर लोग विश्वास कर लेते हैं, लेकिन सही जानकारी के साथ आप डेंगू से लड़ सकते हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..