एलर्जी से जुड़ी कितनी ऐसी गलत, झूठी और चौंका देनेवाली धारणाएं हैं, जिनको सच मानकर आप आज तक डरकर जी रहे हैं। चलिए, आज एलर्जी से जुड़ी कुछ ऐसी ही धारणाओं को गलत साबित करें।

क्या अस्थमा पीड़ित व्यक्ति नहीं कर सकता एक्सरसाइज़ ?

अस्थमा के दौरान एक्सरसाइज़ करना है लाभकारी
अस्थमा के दौरान एक्सरसाइज़ करना है लाभकारी

सच तो यह है कि एक्सरसाइज़ करने से आपके शरीर की एलर्जी में सुधार आता है और आप उस एलर्जी से होनेवाले नुकसान से बच सकते हैं। हालांकि एक्सरसाइज़ करते समय आपको केवल अपने सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए। जब आप सांस लेते समय हवा अंदर लेते हैं, तो ये हवा आपके फेफड़ों तक पहुंचती है और फिर शरीर के ब्रोन्कियल भाग में सूजन पैदा करती हैं। यही कारण है कि लोग समझते हैं कि अस्थमा में एक्सरसाइज़ करना ठीक नहीं होता। हां, यदि कभी आपको लगातार छींक आएं, तो आपको डॉक्टर को ज़रूर दिखाना चाहिए क्योंकि यह अस्थमा का संकेत हो सकता है। अस्थमा और एक्सरसाइज़ दो अलग-अलग चीज़ें हैं।

सिंथेटिक केमिकल्स एलर्जी को बढ़ावा देते हैं

ब्यूटी प्रोडक्ट्स से लेकर खाद्य पदार्थों तक, सिंथेटिक केमिकल्स हर चीज़ में होते हैं।
ब्यूटी प्रोडक्ट्स से लेकर खाद्य पदार्थों तक, सिंथेटिक केमिकल्स हर चीज़ में होते हैं।

आप अक्सर घर पर कुछ क्लीनिंग प्रोडक्ट्स या कुछ पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते होंगे। इस प्रकार के ज़्यादातर प्रोडक्ट्स शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। बहुत से लोगों का मानना है कि मैन-मेड केमिकल से एलर्जी होती है, लेकिन असल में एलर्जी दूध, सूखे मेवे आदि जैसे नेचुरल एलर्जन्स से होती है। इसलिए यह धारणा भी गलत है।

फूड एलर्जी और फूड इन्टोलेरेंस एक ही हैं

फूड एलर्जी जानलेवा हो सकती है, लेकिन फूड इन्टॉलरेंस नहीं।
फूड एलर्जी जानलेवा हो सकती है, लेकिन फूड इन्टॉलरेंस नहीं।

जब आपका इम्यून सिस्टम ‘एनिमी फूड’ का सेवन करने के कारण हिस्टमीन और अन्य केमिकल्स को शरीर में रिलीज़ करता है, तब आपको फूड एलर्जी होती है। हालांकि, फूड इन्टॉलरेंस भोजन को लेकर आपकी असुविधा के बारे में होता है, जिसका आपके इम्युन सिस्टम से कोई लेना देना नहीं है। इस प्रकार यह दोनों बहुत अलग हैं और फूड एलर्जी जानलेवा हो सकती है, लेकिन फूड इन्टॉलरेंस नहीं।

क्या सच में ओज़ोन एयर प्यूरीफायर एलर्जी का इलाज कर सकता है ?

ओज़ोन एयर प्यूरीफायर हवा की क्वॉलिटी में सुधार नहीं ला सकता!
ओज़ोन एयर प्यूरीफायर हवा की क्वॉलिटी में सुधार नहीं ला सकता!

बहुत से लोगों का यह मानना है कि ओज़ोन एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद एलर्जन्स को दूर करता, जिससे आप साफ़ हवा में सांस ले सकते हैं। सच तो यह है कि यह प्यूरीफायर शरीर में अस्थमा और अन्य एलर्जी पैदा करनेवाले छोटे-छोटे एलर्जन्स को नष्ट नहीं कर सकता। असल में ओज़ोन एयर प्यूरीफायर की तुलना में HEPA फिल्टर बहुत बेहतर है क्योंकि वो छोटे-छोटे एलर्जन्स को नष्ट कर सकता है।

अगर आप बारिश के बाद की खुशबू को महसूस कर सकते हैं, तो यह ओज़ोन के कारण होता है। यही ओज़ोन आपके फेफड़ों, आंखों और नाक पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।

क्या हे फीवर का मतलब है कि आपको पेड़ और झाड़ियों से दिक्कत हैं ?

हे फीवर कभी-कभी होता है लेकिन यह एक बेहद चर्चित परेशानी है।
हे फीवर कभी-कभी होता है लेकिन यह एक बेहद चर्चित परेशानी है।

आपको एलर्जी सूखी घास के कारण नहीं, बल्कि आपके फेफड़ों की खराब क्षमता के कारण होती है। 19 वीं सदी में ब्रिटेन के एक वैज्ञानिक, जॉन बोस्तेक ने कहा था कि यह एलर्जी पूरी तरह से बलगम के निर्माण से संबंधित होती है और यह एक सीज़नल एलर्जी होती है। गुलाब की एलर्जी की तरह ही, घास का बुखार भी पहले टेम्पररी था, लेकिन धीरे-धीरे यह फैलने लगा।

हमे यकीन है कि इन मिथ्स के पीछे की सच्चाई को जानने के बाद आपकी चिंता दूर हुई होगी। यदि अगली बार आप कोई मिथ सुने, तो उसे मानने से पहले उसके पीछे की सच्चाई को जानने की कोशिश करें।