बारिश का मौसम आ चुका है। रिमझिम फुहारों के बीच पानी में भीगना सभी को पसंद आता है। तपती गर्मी के बाद अचानक जब मौसम ठंडा हो जाता है, तो इस सुहाने मौसम का लुत्फ़ हर कोई उठाता है। लेकिन यही मौसम अपने साथ कई बीमारियों को साथ लेकर आता है। इसमें सबसे आम है आंखों का संक्रमण। बारिश के मौसम में आंखों से जुड़ी कई ऐसी बीमारियां होती हैं, जिसकी चपेट में लोग आए दिन आते रहते हैं। इन संक्रमणों में फंगल इनफेक्शन, कंजेक्टिवाइटिस और आई स्टाइ कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनका खतरा बढ़ जाता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं आंखें हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण, लेकिन नाज़ुक अंग है, इसलिए मॉनसून में आंखों का विशेष ध्यान रखने की ज़रूरत होती है। आइए जानते हैं इस मौसम में आंखों से जुड़ी कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं।

कॉर्नियल अल्सर है सबसे ज़्यादा तकलीफदेह

कॉर्नियल अल्सर की शुरुआत में ही डॉक्टर को दिखाना बेहद ज़रूरी हो जाता है

आंखों की पुतली से लगी जो पतली झिल्ली होती है, उसे कॉर्निया कहते हैं। इस पर अक्सर फफोले हो जाते हैं, जिसे कॉर्नियल अल्सर का नाम दिया गया है। आय स्पेशलिस्ट नीलेश जैन की माने तो यह समस्या ज्यादातर बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से हुए संक्रमण से होता है। इसमें आंखों में बेहद दर्द होता है और पस निकलने की शुरुआत होती है। साथ ही आपको कई दिनों तक धुंधला भी दिखाई देता है। इसलिए कॉर्नियल अल्सर की शुरुआत में ही डॉक्टर को दिखाना बेहद ज़रूरी हो जाता है।

कंजेक्टिवाइटिस है आम समस्या

कंजेक्टिवाइटिस आंखों से जुड़ी एक ऐसी समस्या है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकती है। इसीलिए यह ज्यादा खतरनाक मानी जाती है। कंजेक्टिवाइटिस में आंखों में सूजन आ जाती है और पलकों को झपकने पर दर्द होने लगता है। आंखों की भीतरी परत पर कंजेक्टिवाइटिस के कारण सूजन हो जाती है, जिसकी वजह से आंखों से पानी निकलता है और आंखें लाल होकर इस में खुजली होने लगती है। यह हवा में मौजूद धूल या पराग कणों के कारण भी होता है। वहीं फंगस और वायरल इंफेक्शन के कारण भी ये समस्या होती है। इससे बचने के लिए आपको आंखों को साफ रखने की जरूरत पड़ती है। इसीलिए दिन में कम से कम तीन से चार बार ठंडे पानी से आंखों को धोना बेहद जरूरी है। इससे आंखों में मौजूद रोगाणु निकल जाते हैं और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

आय स्टाई से होती है परेशानी

आंखों की पलकों पर एक छोटे से उभार की तरह यह दिखाई देती है

आय स्टाई को आम भाषा में आंखों की फुंसी कहा जाता है। यह मानसून में कई लोगों को होती है। आंखों की पलकों पर एक छोटे से उभार की तरह यह दिखाई देती है, जिसमें से पस निकलने लगता है और पलकें लाल हो जाते हैं। यह समस्या भी बेहद दर्दनाक हो सकती है। इससे लगातार आंखों में दर्द बना रहता है। यह समस्या सामान्यतः हाथों के द्वारा गंदगी आंखों तक पहुंचने की वजह से होती है। कई बार लोग गंदे हाथों से आंखों को छूते हैं, जिससे हाथों के हानिकारक बैक्टीरिया आंखों तक पहुंचते हैं और यह आंखों में  स्टाई का निर्माण करते हैं। इसकी वजह मॉनसून में होने वाले बैक्टीरिया प्रमुख रूप से होते हैं।

इस तरह मॉनसून में आंखों से जुड़ी यह समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं, इसलिए इन समस्याओं के लक्षणों पर ध्यान रखते हुए डॉक्टर से चेकअप कराना आपके लिए बेहद ज़रूरी होता है।