आप खाना बनाते हुए स्वास्थ को लेकर कितनी बातों का ख़याल रखते हैं। मसाले ज़्यादा ना हों, तेल का इस्तेमाल कम हो और पता नहीं क्या क्या। पर क्या आपने कभी खाना पकाने वाले बर्तनों पर ध्यान दिया है? कभी-कभी ये बर्तन आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं। मार्केट में उपलब्ध नॉन स्टिक बर्तन किस तरह आपको नुक्सान पहुंचाते हैं, ये तो आप जानते ही होंगे, लेकिन क्या आप एल्युमिनियम के बर्तनों के बारे में जानकारी रखते हैं? असल में एल्युमिनियम के बर्तन आपके स्वास्थ के लिए ज़्यादा हानिकारक हैं। एल्युमिनियम में आयोन्स नामक कण होते हैं, जिसके निरंतर शरीर में जाने से अल्ज़ाइमर जैसे रोग हो सकते हैं। जब आप एल्युमिनियम के बर्तनों में खाना बनाते हैं, तो इसमें मौजूद कण आपके शरीर में जाकर रक्त में पहुंचते हैं और आपको नुक्सान पहुंचाते हैं। तब क्या करें? इसका भी उपाय है। असल में आप लोहे फिर स्टील के बर्तनों का प्रयोग आसानी से कर सकते हैं। इससे आपके स्वास्थ को बेहद फायदा होता है। इन दोनों में से आज हम आपको लोहे के बर्तन में खाना बनाने के फायदों के बारे में बताएंगे।

आयरन की पूर्ती

भोजन को अधिक देर तक लोहे के बर्तन में पकाने से यह ज्यादा मात्रा में आयरन को सोख लेता है

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लोहे की कढ़ाई में खाना बनाने का सबसे बड़ा फायदा है कि इससे बर्तन में मौजूद आयरन हमारे खाने में मिलता है, जो हमारे शरीर के लिए बेहद फ़ायदेमंद माना जाता है। अमेरिका में हुई एक रिसर्च के अनुसार जब भी हम कच्चा खाना लोहे के बर्तन में बनाते हैं, तो एसिडिक फूड जैसे टमाटर इत्यादि आयरन को जल्दी अवशोषित करता है। वहीं दूसरी ओर भोजन को अधिक देर तक लोहे के बर्तन में पकाने से यह ज़्यादा मात्रा में आयरन को सोख लेता है। इस तरह खाना आयरन से परिपूर्ण होता है और हमें स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होती।

एनीमिया से बचाए

आपको जानकर हैरानी होगी कि नए लोहे के बर्तन और पुराने लोहे के बर्तन में खाना बनाने में भी अंतर होता है। नया लोहे का बर्तन कम गति से आयरन छोड़ता है, लेकिन पुराना लोहे का बर्तन खाना बनाने के लिए ज़्यादा उपयुक्त माना जाता है। जब हम लोहे के बर्तन में खाना बनाने की शुरुआत करते हैं, तो इसमें मौजूद आयरन खाने के ज़रिए शरीर में पहुंचता है और यही आयरन रक्त में मिल जाता है। इससे रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है और एनीमिया जैसी समस्या, जिसमें खून की कमी हो जाती है, इससे बचाव होता है। यदि आपको पहले से हीमोग्लोबिन की कमी या एनीमिया जैसी समस्याएं हैं, तो रोज़ाना लोहे की कढ़ाई में खाना बनाना आपके लिए फ़ायदेमंद माना जाता है।

ध्यान से करें लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल

लोहे के बर्तन में जंग लगने का खतरा होता है

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इस बात का भी बेहतरी से ध्यान रखना ज़रूरी है कि लोहे का बर्तन किस स्थिति में और किस ढंग से घर पर रखा हुआ है। अक्सर लोहे के बर्तन में जंग लगने का खतरा होता है, ऐसे जंग लगे बर्तनों में खाना बनाना हमारे सेहत को फायदे से ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इसीलिए बर्तनों का इस्तेमाल सावधानी से करना ज़रूरी है। यदि आप रोजाना लोहे की कढ़ाई या लोहे के बर्तन में बने खाने को खाते हैं, तो आपकी सेहत को दुगना फायदा पहुंचता है। वहीं लोहे के बर्तन में पालक, आंवला और टमाटर जैसी चीजें बनाने से इसमें पोषक तत्व तत्व बढ़ जाते हैं, क्योंकि यह पहले से ही आयरन युक्त होती हैं और बाद में जाकर यह शरीर के लिए और भी फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

इस तरह लोहे से बने बर्तन किचन के लिए बेहद ज़रूरी माने जाते हैं। तो आप भी शामिल कीजिए लोहे के बर्तन अपनी रसोई में।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..