ऑफिस के काम को लेकर अक्सर हम ज़्यादा स्ट्रेस ले लेते हैं और इसी वजह से हमें न सिर्फ मानसिक, बल्कि कई शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। शायद यही कारण है कि कई बार काम ज़्यादा ना होने के बावजूद भी आप अजीब सी थकान महसूस करते हैं। हाल ही में डब्ल्यूएचओ ने इस तरह की थकान और स्ट्रेस की वजह से होनेवाली समस्या, जिसे आम भाषा में ‘बर्नआउट’ कहा जाता है, इसे बीमारी के रूप में पहचान दी है। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने इस बात को साफ़ किया है कि यह समस्या सिचुएशनल हो सकती है। यदि आप भी ऑफिस स्ट्रेस की वजह से बर्नआउट को महसूस कर पा रहे हैं, तो आपको इन टिप्स की मदद से इसे दूर करना चाहिए।

क्या है बर्नआउट और क्या है इसका का कारण?

कई घंटों तक लगातार काम करने की बजाय आप दो-दो घंटों के अंतराल के बाद ब्रेक ज़रूर लें

credit: amazonaws.com

बर्नआउट का कारण ज़रूरत से ज्यादा काम करना होता है। ज़रूरत से ज़्यादा तनाव, बेवजह जिम्मेदारियां, सराहना की कमी और बेवजह उम्मीदों पूरा करने की जद्दोजहद बर्नआउट के कारण माने जाते हैं। यदि आप अपने काम से खुश नहीं है और आराम नहीं कर पा रहे, अपने कामों में दूसरों का सहयोग ना के बराबर हो, तो बर्नआउट की समस्या हो सकती है। इस समस्या के दौरान ना सिर्फ व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक थकान होती है, बल्कि उसकी भूख भी मर जाती है। व्यक्ति में उत्साह और पॉजिटिविटी की कमी दिखाई देती है। खुद पर संदेह करना और निराशा आना सामान्य हो जाता है। यदि आप भी इन्ही कारणों से जूझ रहे हैं, तो आपको इन टिप्स को अपनाना चाहिए।

उम्र नहीं देखती बर्नआउट की समस्या

एक्सट्रीम स्ट्रेस होना किसी भी उम्र में संभव है। यदि यह स्थिति लम्बे समय तक रहती है, तो आपको बर्नआउट की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जानेमाने मनोचिकित्सक डॉ सतीश नगरगोरजे का मानना है कि बर्नआउट की समस्या को ठीक करने के लिए सबसे पहले ज़रूरी है सजग रहने की। यदि आप खुद की बदली हुई स्थिति को समझ सकते हैं, तो उसे ठीक भी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले ज़रूरी है आपकी जीवनशैली में बदलाव। व्यायाम आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहद फायदा पहुंचाता है। इसलिए रोज़ाना करीब 30 मिनट तक व्यायाम ज़रूर करने।

खान-पान को लेकर आपको ख़ास ख्याल रखने की ज़रुरत पड़ती है। आपको रिफाइंड कार्बोहायड्रेट और चीनी से सबसे पहले दूरी बनानी चाहिए। इसके अलावा जंक फ़ूड जैसे बर्गर, पास्ता, फ्रेंच फ्राइज़ आदि खाने से परहेज़ करना चाहिए। कैफीन, ट्रांस फैट्स और प्रिज़र्वेटिव्स भी आपके तनाव को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ते, इसलिए आपको खानपान से जुड़ी इन बातों का ख़्याल रखना चाहिए।

आप खुद की बदली हुई स्थिति को समझ सकते हैं, तो उसे ठीक भी कर सकते हैं

credit: straitstimes.com

यदि आप काम को तवज्जो देते हैं, तो ब्रेक लेना भी आपके लिए बेहद ज़रूरी हो जाती है। इसलिए आपको काम के बीच-बीच में ब्रेक लेना चाहिए। कई घंटों तक लगातार काम करने की बजाय आप दो-दो घंटों के अंतराल के बाद ब्रेक ज़रूर लें। इससे ना सिर्फ आपकी शारीरिक थकान दूर होगी, बल्कि आप मानसिक रूप से भी फ्रेश महसूस करेंगे। कई बार लगातार काम करने की वजह से आपको पीठ और गर्दन दर्द की शिकायत हो सकती है, साथ ही इससे आपकी आंखों को भी नुकसान पहुंचता है।

बर्नआउट से बचने के लिए सबसे पहले ज़रुरत है नकारात्मकता से दूर रहने की। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ समय बिता रहे हैं जो नकारात्मक सोच रखता हो, तो उससे दूरी बना लें। साथ ही अपने दोस्तों और परिजनों से समय-समय पर मिलते रहें। कार्यस्थल में भी अपने कॉलीग्स से मेलजोल बढ़ाएं, ऐसे में आपको काम का बोझ कम महसूस होगा। साथ ही अपने बॉस से बातचीत करते रहें, ऐसे में आप मोटिवेट होते हैं और काम करने की तत्परता बनी रहती है।

आपके लिए यह जानना बेहद ज़रूरी है कि आप हर काम नहीं कर सकते, ऐसे में आपको ‘ना’ बोलने की आदत डालनी होगी। यदि आप हर काम की ज़िम्मेदारी लेने लगेंगे, तो यह आपके लिए बेहद तनावपूर्ण साबित होगा। इसलिए अपनी क्षमताओं के हिसाब से ज़िम्मेदारियां लें।

यदि आप इन टिप्स को अपनाते हैं, तो आपको बर्नआउट की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..