ऑफिस के काम को लेकर अक्सर हम ज़्यादा स्ट्रेस ले लेते हैं और इसी वजह से हमें न सिर्फ मानसिक, बल्कि कई शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। शायद यही कारण है कि कई बार काम ज़्यादा ना होने के बावजूद भी आप अजीब सी थकान महसूस करते हैं। हाल ही में डब्ल्यूएचओ ने इस तरह की थकान और स्ट्रेस की वजह से होनेवाली समस्या, जिसे आम भाषा में ‘बर्नआउट’ कहा जाता है, इसे बीमारी के रूप में पहचान दी है। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने इस बात को साफ़ किया है कि यह समस्या सिचुएशनल हो सकती है। यदि आप भी ऑफिस स्ट्रेस की वजह से बर्नआउट को महसूस कर पा रहे हैं, तो आपको इन टिप्स की मदद से इसे दूर करना चाहिए।

काम हो, तो ब्रेक भी ज़रूरी

कई बार लगातार काम करने की वजह से आपको पीठ और गर्दन दर्द की शिकायत हो सकती है

यदि आप काम को तवज्जो देते हैं, तो ब्रेक लेना भी आपके लिए बेहद ज़रूरी हो जाती है। इसलिए आपको काम के बीच-बीच में ब्रेक लेना चाहिए। कई घंटों तक लगातार काम करने की बजाय आप दो-दो घंटों के अंतराल के बाद ब्रेक ज़रूर लें। इससे ना सिर्फ आपकी शारीरिक थकान दूर होगी, बल्कि आप मानसिक रूप से भी फ्रेश महसूस करेंगे। कई बार लगातार काम करने की वजह से आपको पीठ और गर्दन दर्द की शिकायत हो सकती है, साथ ही इससे आपकी आंखों को भी नुकसान पहुंचता है।

लैपटॉप और मोबाइल से कुछ देर की दूरी

यदि आप काम के बीच ब्रेक ले रहे हैं, तो उस दौरान 15 मिनट के लिए ही सही, आपके फ़ोन से दूर रहें। कुछ देर के लिए भी यदि आप खुली हवा में वॉक ले लेते हैं, तो बेहतर महसूस करते हैं। अधिक देर तक ऐसी में बैठे रहने से भी आपके शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जिससे आपको अवसाद के अलावा कई मानसिक समस्याएं भी हो सकती है। साथ ही काम करते वक्त लैपटॉप को एक सही सिधाई और दूरी में रखें, जिससे आपको ड्राय आइज़ की समस्या ना हो। इसके अलावा हमेशा पलकों को झपकना ना भूलें। इससे आपकी आंखों को आराम मिलेगा।

ब्लड सर्क्युलेशन का रखें ध्यान

आप चाहें तो ऑफिस में बैठकर हलकी-फुलकी एक्सेर्साइज़ भी कर सकते हैं

यदि आप लगातार बैठकर काम करते हैं, तो इससे आपका ब्लड सर्क्युलेशन ठीक से काम नहीं करता। इसलिए फिसिकल एक्टिविटी होना बेहद ज़रूरी है। हमेशा लिफ्ट का इस्तेमाल करने की बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें। इससे शरीर का रक्तप्रवाह बेहतर बन रहेगा और आप फ्रेश महसूस करेंगे। साथ ही इससे स्ट्रेस भी कम होगा। आप चाहें तो ऑफिस में बैठकर हलकी-फुलकी एक्सेर्साइज़ भी कर सकते हैं या चाहें तो कुछ देर के लिए खुली हवा में मेडिटेशन कर सकते हैं।

यदि आप इन टिप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको बर्नआउट की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही आपको इस समस्या से भविष्य में भी दूरी बनाने में मदद मिल सकती है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..