यूटरस यानी गर्भाशय महिलाओं के शरीर का बेहद ज़रुरी अंग है। यह महिला जननांगों का मूल निर्माण करता है। यह जीवन के आधार को रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,इस लिहाज से इसका स्वस्थ होना बेहद ज़रूरी है। महिला जननांगों के बारे में बात करने से सभी बचते हैं और इसी वजह से कई महिलाओं को नहीं पता होता कि वह गर्भाशय की सेहत का ख्याल रखने के लिए क्या कदम उठाएं। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि गर्भाशय को हेल्दी रखने के लिए आपको अपनी डाइट कैसे रखनी चाहिए।

फल, सब्जियां और डेयरी प्रोडक्ट्स सुधारते हैं गर्भाशय की कार्यप्रणाली

सब्जियां खाने से नहीं होगा गर्भाशय में ट्यूमर

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फाइबर युक्त भोजन: डायटीशियन मंजरी ताम्रकार के मुताबिक, डाइट में संतुलित मात्रा में फाइबर लेने से शरीर के विषैले पदार्थ निकल जाते हैं। अगर दिन में दो से तीन बार भी आपका पेट साफ़ होता है तो घबराइए नहीं ये नॉर्मल है। इसके अलावा हाई फाइबर डाइट से एस्ट्रोजन हॉर्मोन की अतिरिक्त मात्रा भी बाहर निकल जाती है, जो आपके शरीर के अन्दर स्टोर होने के बाद यूटेरिन फाइब्राइड का रूप ले सकते हैं। ऐसे में फाइबर युक्त डाइट लें। बीन्स,अनाज,फल और सब्जियों में भरपूर फाइबर होता है। कोशिश करें कि पेस्टिसाइड से मुक्त ऑर्गनिक फल और सब्जियों का सेवन करें। इससे आप नुकसान पहुंचाने वाले कैमिकल्स के शरीर में प्रवेश को रोक पाएंगी और आपके कंसीव न करने के चांसेस कम हो जाएंगे। बस ध्यान रखें कि फाइबर युक्त डाइट लेने के बाद आठ से दस ग्लास पानी ज़रूर पिएं क्योंकि इससे आहार नली से फाइबर का मूवमेंट आसान हो जायेगा।

सब्जियां: सब्जियां कैल्शियम,पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन का बेहतरीन स्त्रोत होती हैं। इन्हें ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो फाइब्राइड जैसी गर्भाशय में पनपने वाली बीमारी से बच जाएंगी क्योंकि इससे एस्ट्रोजन का स्तर बराबर होगा। सब्जियों में पत्तागोभी, ब्रोकली, फलियां आदि सब्जियां फायटोएस्ट्रोजन से भरपूर होती हैं। फायटोएस्ट्रोजन के अन्दर शरीर के एस्ट्रोजन से लड़ने की क्षमता होती है और वह इसे काबू में कर लेते हैं जिससे गर्भाशय में ट्यूमर पनपने की आशंका नहीं होती।

फल: फल भी विटामिन सी, बायोफ्लेवानोइड्स से भरपूर होते हैं जिससे एस्ट्रोजन स्तर मेंटेन रहता है और ओवेरियन कैंसर सहित कई प्रजनन तन्त्र में होने वाली बीमारियों से बचाव होता है।

दूध से बने पदार्थ: दही, चीज़, दूध और मक्खन प्रजनन तन्त्र को कई बीमारियों से बचाते हैं। दरअसल डेयरी उत्पादों में कैल्शियम और विटामिन डी की मात्रा काफी होती है।जहां कैल्शियम हड्डियां मजबूत करता है वहीं, विटामिन डी यूटेरिन फाइब्राइड को दूर रखता है। साथ ही विटामिन डी कैल्शियम को पचाने में भी मदद करता है।

ग्रीन टी: ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। अगर आप लगातार आठ हफ़्तों तक ग्रीन टी पीती हैं तो यह गर्भाशय में गांठ या ट्यूमर कैंसर की सम्भावना को काफी हद तक कम कर देगी।

नट्स और बीज: बादाम, अल्सी और काजू जैसे नट्स और बीजों में हॉर्मोन के निर्माण को बढ़ाने की क्षमता होती है। इनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स और अच्छा कोलेस्ट्रोल पाया जाता है जिसकी वजह से गर्भाशय के कैंसर की सम्भावना कम हो जाती है।

नींबू: नींबू विटामिन सी का मुख्य स्त्रोत होते हैं और यह हमारे इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके नियमित सेवन से गर्भाशय का इम्यून सिस्टम भी ठीक ढंग से कार्य करता है और आप प्रजनन तन्त्र के इन्फेक्शन से भी बच जाएंगी।

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