भीषण गर्मी के बाद अब मानसून की शुरुआत हो चुकी है। अक्सर बदलते मौसम के साथ हमें शारीरिक बीमारियां घेर लेती हैं। ऐसे में सबसे ज़्यादा परेशान करने वाली तकलीफ होती है साइनोसाइटिस, जिसकी वजह से हमें लगातार छींक आती है। इससे बचने के लिए हमें मेडिकेशन की ज़रूरत पड़ती है। लेकिन आप इस तकलीफ से कुछ घरेलू उपाय कर आप उससे बच सकते हैं, आइए जानते हैं कैसे?

क्यों होता है साइनोसाइटिस?

डॉ. देवाशीष चटर्जी बताते हैं कि हमारी नाक के आस-पास साइनस मौजूद होता है, जो खतरनाक धूल कणों को अंदर पहुंचने से रोकता है। साइनोसाइटिस की समस्या में साइनस में वायरल इन्फेक्शन होने लगता है, जिसकी वजह से बार बार नाक में पानी आना, सिर दर्द, बुखार, नाक बंद होना, सर्दी, खांसी, आंखों में आंसू आना और लगातार छींक आना इस समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसे में ये टिप्स आपको इस तकलीफ से बचा सकती है।

पानी पीएं: दिन में ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीने से शरीर हायड्रेट तो रहता ही है, साथ में नाक में जमा होने वाला कचरा भी पतला होता है और नाक की ब्लॉकेज खत्म होती है। इससे साइनोसाइटिस रोकने में मदद मिलती है।

नाक को साफ रखने का सबसे बेहतरीन तरीका है भाप लेना

नाक रखें साफ: इस तकलीफ से बचने के लिए नाक को साफ रखना बेहद ज़रूरी है, इसीलिए सवेरे-सवेरे नाक में थोड़ा पानी डालकर सफाई करें। यह काम आप सोने से ठीक पहले भी कर सकते हैं।

बरतें नरमी: साइनोसाइटिस या नाक की किसी भी समस्या से परेशान होकर नाक के साथ ज़्यादती ना करें। इसे जोर से मसलना और जोर से नाक छिड़कना आपके लिए हानिकारक हो सकता है। इससे नाक की अंदरूनी दीवारें कमजोर होकर छिलने लगती है।

भाप लें: नाक को साफ रखने का सबसे बेहतरीन तरीका है भाप लेना। भाप लेने से साइनस में बनने वाला म्यूकस पिघलता है और नाक साफ रहती है। रोज़ाना 10 से 15 मिनट तक आप भाप ले सकते हैं। यदि आपको इससे आराम मिले तो आप इसे दोहरा सकते हैं।

रूखे वातावरण से दूर रहें: अगर आपके आस-पास ह्यूमिड ज़्यादा है, तो भाप लेने की आपको ज़रूरत नहीं पड़ेगी। ह्यूमिड नाक के नज़ल पैसेज को रुखा बना देता है। इससे साइनस में सूजन कम हो जाती है। लेकिन वहीं यदि आप शुष्क वातावरण में ज़्यादा देर बैठे हैं, तो आपको यह समस्या फिर से हो सकती हैं।

यदि आप भी साइनोसाइटिस की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इन टिप्स को अपनाकर आराम पा सकते हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..