तनाव से निपटने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। कभी डॉक्टर की सलाह, तो कभी घरेलू उपाय। लेकिन आप नहीं जानते होंगे कि एक उपाय ऐसा है, जो आपके तनाव को काफी हद तक कम कर सकता है। हम बात कर रहे हैं प्रार्थना की। जब आप तनाव के दौरान प्रार्थना का सहारा लेते हैं,  तो सिर्फ आपका तनाव ही कम नहीं होता, बल्कि यह आपको बीमारियों से बचने में भी मददगार साबित होता है।

एक शोध के मुताबिक प्रार्थना का तन के साथ-साथ मन पर भी प्रभाव पड़ता है। यही नहीं यह आपके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है और कई बीमारियों से आपको बचाता है। आइए जानते हैं प्रार्थना की शक्ति के बारे में कुछ और बातें।

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नोएटिक थेरेपी लेने के बाद मरीज़ लंबे समय तक बीमार नहीं पड़ता।

नोएटिक थेरेपी

नोएटिक थेरेपी, वह थेरेपी होती है, जिसमें दवाई, उपकरण और सर्जरी के बिना इलाज किया जाता है। नोएटिक थेरेपी में मंत्रों, संगीत, स्पर्श और प्रार्थना का सहारा लिया जाता है। इस तरह जो लोग सिर्फ दवाई लेते हैं, उनके मुकाबले में नोएटिक थेरेपी लेने वालों के ठीक होने की संभावना 30% ज़्यादा बढ़ जाती है।

इनमें लोगों को एक आश्वासन दिया जाता है, जो मरीज़ को जल्दी ठीक होने में मदद करता है। नोएटिक थेरेपी लेने के बाद मरीज़ लंबे समय तक बीमार नहीं पड़ता।

इसी के साथ साथ विशेषज्ञों की माने, तो पूजा और संगीत व्यक्ति में बढ़ रहे दबाव का स्तर कम करता है। इससे उसकी गतिविधियां संतुलित रहती हैं और सकारात्मक प्रभाव जीवन पर पड़ने लगता है।

जिस तरह नियमित योग करने से आप शारीरिक रूप से फिट रहते हैं, उसी तरह प्रार्थना करने से आपका मन सबल बनता है। नियमित रूप से पूजा और प्रार्थना करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इस तरह जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..