भारत में लोग वायु प्रदूषण और स्मॉग से, या कहें धुंध से बेहद परेशान हैं। खास कर से दिवाली के बाद तो लोगों को इस समस्या का सामना करना ही पड़ रहा है। आप इस प्रदूषण से छुटकारा पाना चाहते हैं और चाहते है कि आपकी सेहत पर इसका असर ना पड़े तो एक उपाय है। अगर एलोवेरा प्लांट जैसे पौधों की संख्या बढ़ाई जाए तो कुछ हद तक इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है। एलोवेरा कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड को अवशोषित करता है और ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाता है। साथ ही एलोवेरा का पौधा 9 एयर प्यूरीफायर के बराबर होता है। यही वजह है की एलोवेरा को आयुर्वेदिक संजीवनी कहा जाता है।

इसमें अमीनो एसिड की मात्रा भरपूर होती है और विटामिन बी12 की मौजूदगी शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। एलोवेरा त्वचा की देखभाल से लेकर बालों की खूबसूरती तक आपको हर तरह से सहायक होता है। आइए जानते हैं इस प्रदूषण के माहौल में एलोवेरा किस तरह आपके शरीर का ख्याल रख सकता है।

ज़्यादातर देखा गया है कि कंप्यूटर के सामने बैठे रहने से या टीवी लगातार देखने से आंखों की समस्या पैदा हो जाती है। ऐसे में दो चम्मच एलोवेरा जेल को पानी में मिला कर इससे आंखें धो लें। ऐसा करने से आंखों को आराम मिलेगा और जलन से छुटकारा मिलेगा।

अगर आप प्रदूषण से परेशान है और इसका असर आपकी त्वचा पर पिंपल्स और टैनिंग होने की वजह से हो रहा है, तो आप एलोवेरा की मदद से इससे मुक्ति पा सकते हैं। अगर आप चाहे तो एलोवेरा के जूस का सेवन कर इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं।

अगर आप को चोट लगी हुई है या कोई घाव हुआ है या फिर किसी कीड़े ने काट लिया है, तो इस जलन से राहत पाने के लिए एलोवेरा का सेवन ज़रूर करें। यह आपके ज़ख्म को जल्दी भरेगा।

प्रदूषण के कारण अक्सर लोगों को साइनस की समस्या हो जाती है। यह समस्या सर्दियों में ज़्यादा बढ़ती है। ऐसे में दवाई लेने पर मजबूर होना पड़ता है। यदि आप एलोवेरा का सेवन करते हैं तो साइनस की समस्या से दूर रह सकते हैं।

बालो का झड़ना प्रदूषण के कारण ही होता है। यही वजह है कि लोग परेशान रहते हैं। ऐसे में अपने कंडीशनर में केवल दो चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर बालों में लगाएं। इससे बालों की चमक के साथ साथ मजबूती भी आएगी।

इस तरह आप एलोवेरा का इस्तेमाल कर प्रदूषण से होने वाली समस्याओं को दूर कर सकते हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..