इन दिनों कीटो या कीटोजेनिक डाइट का प्रचलन जोरों पर है। खासकर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज आपको इन दिनों कीटो डाइट के फायदे गिनाते नजर आ जाएंगे। सबकी बातें सुनकर आपके मन में भी सवाल उठता होगा कि यह कीटो डाइट आखिर है क्या? चलिए आज हम आपको बताते हैं।

कीटो डाइट से घटता है वजन, डायबिटीज भी होती है कंट्रोल

डायटीशियन प्रीति शुक्ला के मुताबिक, कीटो डाइट दरअसल एक लो-कार्ब डाइट होती है। इसमें ऐसे भोजन को खाने के लिए कहा जाता है जिसमें अन्य खाद्य पदार्थों के मुकाबले कम कार्बोहाइड्रेट हो। डाइट में कम कार्बोहाइड्रेट मात्रा करने के बाद यह डाइट शरीर में मौजूद फैट से ही ऊर्जा बनाने का काम करती है। इस डाइट से निकलने वाले ऊर्जा के स्त्रोत को कीटोन कहते हैं। इस डाइट की सहायता से ब्लड ग्लूकोज और इन्सुलिन का स्तर लेवल पर आता है और डायबिटीज़ और ब्लड शुगर के रोगियों को इससे बेहद फायदा होता है। साथ ही कम कार्बोहाइड्रेट डाइट से वजन नहीं बढ़ता और मौजूदा फैट ऊर्जा बढ़ाने में सहायक होता है जिससे फैट भी शरीर में जम नहीं पाता नतीजतन इससे शरीर को कई फायदे होते हैं। इस प्रोसेस को किटोसिस कहते हैं।

क्या खाना चाहिए कीटो डाइट के दौरान

कीटो डाइट में क्या खाएं और क्या नहीं?

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अब बात आती है कीटो डाइट में खाया क्या-क्या जा सकता है? हम आपको बता दें कि इस डाइट में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही तरीकों की डाइट को आप अपनी डेली लाइफ में शामिल कर सकते हैं। बाकी वजन घटाने वाली डाइट्स की तरह इसमें ये पाबन्दी नहीं होती कि आप मांसाहार नहीं खा सकते बल्कि इसमें उलट आप मीट, चिकन, मछली और अंडे खा सकते है। वहीं शाकाहार में पालक, गोभी, पत्तागोभी, ब्रोकली, डेयरी पदार्थ जैसे मक्खन, छाछ,पनीर भी खा सकते हैं। लेकिन आलू की मनाही होती है। इस डाइट में आप अनाज भी नहीं खा सकते और चीनी यानी शक्कर से भी दूर रहना पड़ता है। साथ ही फलों की बात करें तो सिट्रस फ्रूट्स जैसे संतरा इस डाइट में नहीं खाया जा सकता है,इसके अलावा केला और सेब जो कि कार्बोहाइड्रेट के उच्च स्त्रोत होते हैं को भी इस डाइट में जगह नहीं दी जाती है। ड्रायफ्रूट्स में अखरोट और सूरजमुखी के बीज खाने से फायदा होता है।

कीटो डाइट लेने से पहले ध्यान रखें ये बातें: इस डाइट को फॉलो करने की सलाह उन लोगों को नहीं दी जाती है जिनका बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स कम होता है। इसके अलावा डायबिटीज के मरीज़ जो ज्यादा मात्रा में इन्सुलिन लेते हैं उन्हें भी इस डाइट को अपनाने की सलाह नहीं दी जाती है। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाएं, बच्चे भी इस डाइट को फॉलो न करें तो बेहतर है। एक और बात ध्यान रखें कि किसी डायटीशियन या चिकित्सक की सलाह के बगैर कभी भी अपनी मर्जी से कीटो डाइट लेना ना शुरू कर दें। यह डाइट डॉक्टर्स की सलाह के बाद एक निश्चित समय के लिए दी जाती है इस बात का ध्यान ज़रूर रखें।

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