एक ज़माना था जब हमें लगता था कि दिल का दौरा सिर्फ उनको होता है, जिनकी उम्र काफी ज़्यादा हो चुकी है, लेकिन ऐसा नहीं है। हमारी भाग दौड़ वाली ज़िन्दगी और बढ़ते स्ट्रेस लेवल्स के कारण यह किसी को भी, किसी भी उम्र में हो सकता है।

आज कल हालात ऐसे हैं कि कोई कितना ही सेहतमन्द क्यों ना दिखे, दिल का दौरा उन्हें भी हो सकता है, इसका उम्र से कोई लेना देना नहीं है।

ज़रा सोचिये, कैसा होता अगर ऐसा कोई यंत्र होता, जो आपको दिल के दौरे के खतरे की सूचना पहले ही दे सकता ? वो भी सिर्फ आपकी आंखों को देखकर?

पिछले साल गूगल आई/ओ में सुन्दर पिचई ने दिखाया था कि कैसे गूगल अपनी नई और एडवांस तकनीकों के सहारे, भारत के कुछ आंखों के अस्पताल के साथ मिल कर काम कर रहा है। पिचई के मुताबिक गूगल, डॉक्टर्स की टीम के साथ मिलकर ऐसा यंत्र बनाने के प्रयास में था, जिससे ख़ास तौर पर उन मरीज़ों की सेहत के बारे में पता चल सके जिन्हें मधुमेह है।

इस साल हुए गूगल आई/ओ में ये बात साफ़ की गई कि गूगल का आई.ओ. (आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स) ना केवल आंखों में देखकर आंखों की बीमारी के बारे में पता लगा सकता है, बल्कि दिल के दौरे या स्ट्रोक जैसे खतरे के बारे में भी बता सकता है।

एक स्टडी में ये पाया गया कि गूगल ए.आई. ७० प्रतिशत तक सही नतीजा दिखता है

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गूगल द्वारा बनाया गया ये ए.आई. हर मरीज़ के लिए करीब १००,००० तक डेटा पॉइंट्स का निरीक्षण करता है, जो अभी तक इंसानों द्वारा कर पाना असम्भव है। इस डेटा की मदद से गूगल आपको दिल की बीमारी की सूचना दे सकता है। इतना ही नहीं, अगर आने वाले भविष्य में आपकी सेहत में कोई परेशानी आने वाली है, या अगर आपको अस्पताल जाने की ज़रुरत है, वो आपको इसके बारे में भी सूचना दे सकता है।

गूगल ए.आई. का मकसद है डॉक्टरों को २४ से ४८ घंटे पहले चेतावनी देना, जिससे किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति को ठीक से सम्भाला जा सके। अभी तो ये शुरुआती दौर में है, और गूगल कई ऐसे परीक्षण कर रहा है, जिससे वो इस तकनीक को और भी ज़्यादा एडवांस कर सके। जाहिर है कि वो दिन दूर नहीं, जब आप गूगल के सहारे अपनी सेहत का बेहतर ध्यान रख पाएंगे और अपने दिल को भी खुश रख सकेंगे।