बारिश के मौसम में बीमारियां तो लगी ही रहती हैं, और इन्हीं में से एक है आंखों का इन्फेक्शन। क्या आपको पता है कि मॉनसून में सबसे ज़्यादा आंखों की बीमारी फैलने का खतरा लगा रहता है?

दो ऐसी बीमारियां हैं जिनसे आपकी आंखों को सबसे ज़्यादा खतरा है, पर सही वक़्त पर इसका इलाज करने से आपको राहत मिल सकती है।

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जानिये डॉक्टर प्रकाश नायक से कि कैसे आप इन बीमारियों से बच सकते हैं और बारिश के पूरे मज़े ले सकते हैं

डॉक्टर प्रकाश नायक आंखों के सर्जन हैं और राइट साइट आई केयर के डायरेक्टर भी हैं। वह बॉम्बे सिटी आई इंस्टीट्यूट और रिसर्च सेन्टर के पूर्व कन्सल्टेंट भी रह चुके हैं। उनके अनुसार बारिश के मौसम में खास तौर पर बैक्टीरिअल कन्जंक्टिवाइटिस और एलर्जिक कन्जंक्टिवाइटिस से बचने की ज़रुरत होती है।

बैक्टीरिअल कन्जंक्टिवाइटिस में आपके आंखों के ऊपरी हिस्से में सूजन आती है, जिसमे पस ( दूध जैसे रंग का सफेद पदार्थ) उस सूजन से निकलता है। आंखों को ठंडे पानी से धोते रहने से आपको आराम मिलेगा। ध्यान रखे कि अगर आप कॉन्टेक्ट लेन्स पहनते हैं तो कुछ हफ़्तों तक उसे ना पहनें। एक बात का ज़रुर ध्यान रहे कि आप इस इन्फेक्शन के बाद नए कॉन्टेक्ट लेन्स का इस्तेमाल करे, पुराने लेंस के इस्तेमाल से इन्फेक्शन वापस आने का खतरा बना रहता है। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर मत जाइये और अगर आपके घर या दफ्तर में किसी को भी आंखों का इन्फेक्शन हुआ है, तो उनसे दूरी बनाये रखिये।

आंखों की एक और बीमारी जो बारिश में अक्सर लोगों को होती है, वो है एलर्जिक कन्जंक्टिवाइटिस। इसमें आपकी आंख गुलाबी या लाल रंग की दिखती है और आपको आंखों में काफी खुजली होती है। इस इन्फेक्शन में भी आखों को ठंडे पानी से धोना आपको आराम दे सकता है। ध्यान रहे कि कुछ हफ़्तों तक काजल, आई लाइनर या आंखों का मेकअप इस्तेमाल ना करे। कुछ हफ़्तों तक कॉन्टैक्ट लेन्स पहनना भी टालिए।

अगर आपको इन में से कोई भी बीमारी है तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से जांच कराइये। अगर आपके पास आंखों की कोई पुरानी दवाई भी रखी है, तो उसका इस्तेमाल ना करे क्योंकि इससे इन्फेक्शन का खतरा और बढ़ सकता है।

अगर आप चश्मा पहनते हैं तो अपने डॉक्टर से प्लानो ग्लास के बारे में भी पूछिए, क्योंकि ये आंखों के इन्फेक्शन को रोकने में सहायक होता है।

आंखों के साथ किसी भी तरह की कोताही ना बरतें, किसी भी तरह की आखों की तकलीफ में डॉक्टर से तुरंत जांच कराइये और उनकी सलाह लीजिये, जिससे आपकी आंखें जल्दी ठीक हो सकें।