ऐसी कोई एक चीज़ नहीं है, जो आपके ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को घटा या बढा सकती है। ये सच है कि आप क्या खाते हैं या क्या नहीं खाते, इस बात का आपकी सेहत पर काफी असर पड़ सकता है।

आपके खाने की आदत पर आपके ब्रेस्ट कैंसर के होने या ना होने की संभावना निर्भर करती है।

लेकिन कुछ ऐसी कुछ चीज़ें है जिसे अपनाकर आप ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रोटीन का सेवन आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है और आपके ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को भी कम कर सकता है।

रोज़ के खाने में प्रोटीन का होना ज़रूरी है

रिसर्च केे अनुसार आपके रोज़ के खाने में प्रोटीन को शामिल कर आप ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम कर सकते है। प्रोटीन का इस्तेमाल उन औरतों के लिए भी अच्छा है जिन्हें ब्रेस्ट कैंसर हो चुका है।

रिसर्च ये ये भी पता चला है कि सोया प्रोटीन ख़ास तौर से इस में मदद कर सकता है। लेकिन ध्यान रखिए कि जहां सोया और स्किम्ड दूध ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम कर सकते हैं, वहीं ज़्यादा मात्रा में मांस खाने से ये खतरा बढ़ भी सकता है। इसीलिए ये ज़रूरी है कि आप इसके बारे में एक बार अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

कैसे बढ़ता है आपका खतरा?

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पुराने ज़माने की अदाकारा मुमताज़ को भी ब्रेस्ट कैंसर हुआ था

पर्यावरण, हॉर्मोन और आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी ऐसी कई चीज़ें हैं जो आपका खतरा बढा सकती हैं। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित करीब ५ से १० प्रतिशत महिलाओं के परिवार में भी किसी ना किसी को ये पहले हो चुका है।

ऐसे में क्या कर सकते हैं?

अपने डॉक्टर से बात कीजिए और उन टेस्ट्स या जांच के बारे में पता करें जो आप करवा सकती हैं। ये भी पूछिए कि ये कब करवाना चाहिए।

अपने डॉक्टर को खून की जांच के बारे में भी पूछिए, जिससे आपके शरीर में कैंसर के खतरे के बारे में पता चल सकता है।

क्या ब्रेस्ट कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है?

कुछ ऐसी दवाइयां हैं, जो आपकी मदद कर सकती हैं। ब्रेस्ट कैंसर का अभी तक कोई इलाज तो नहीं है, लेकिन इन दवाइयों से आपकी मुश्किल थोड़ी कम ज़रूर हो सकती है। ये दवाइयां आपके शरीर में एस्ट्रोजेन को ब्लॉक करती हैं। पर आपके डॉक्टर आपको इनकी सलाह तभी देंगें अगर आपका खतरा बहुत ज़्यादा है।

सही वक़्त पर पता चलने से ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ आप अपनी लड़ाई जल्दी शुरू कर सकती हैं, और इससे ठीक से लड़ भी सकती हैं। डॉक्टर से और विस्तार में बात कीजिए और पूछिए कि आप इस खतरे को कैसे कम कर सकती हैं।