क्या आप स्वादिष्ट चिकन बर्गर या पिज्जा को बिना चीज़ के खाने की कल्पना कर सकते हैं? हम में से ज्यादातर के लिए जवाब न में होगा! लेकिन डायबिटीज के रोगी के लिए चीज़ से भरा पिज्जा खाना एक सपने के सच होने जैसा है। इंटरनेट पर कई मिथक हैं जिनमें चीज़ खाने से होने वाले नुकसानों के बारे में बताया गया है। इसलिए, हमने यह पता लगाने के बारे में सोचा कि क्या चीज़ एक डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति के लिए अच्छा है या बुरा।

दरअसल, उच्च रक्त शर्करा यानी हाई ब्लड शुगर वाले मरीजों का आमतौर पर मेटाबोलिज्म लो होता है, इससे शरीर में कार्बोहाइड्रेट का अवशोषण प्रभावित होता है। लेकिन एक संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। दिलचस्प बात यह है कि, कई प्रकार के चीज़ मार्केट में मौजूद हैं जिनमें कई सेहत के लिए फायदेमंद भी हैं। हालांकि, हम अक्सर डायबिटीज होने पर चीज़ के पौष्टिक होने पर संदेह करते हैं। लेकिन सच ये है कि अगर सावधानी से खाया जाए तो डायबिटीज में भी चीज़ आपको नुकसान नहीं बल्कि लाभ पहुंचा सकता है क्योंकि इसमें कई खूबियां भी हैं।हालांकि इसके कुछ नुकसान भी हैं जिनके बारे में हम आपको जरुर बताएंगे।

लो कार्बोहायड्रेट

जबलपुर रिसर्च हॉस्पिटल की डायटीशियन मंजरी ताम्रकार के अनुसार, डायबिटीज में हेल्दी डाइट लेना एक चुनौती है। वास्तव में, दिन भर में कार्बोहाइड्रेट की एक निश्चित मात्रा ही एक स्वस्थ व्यक्ति ले सकता है। ऐसे में एक डायबिटिज रोगी के लिए कार्ब्स की औसत मात्रा एक दिन में लगभग 40-50 ग्राम कार्ब्स होती है। चीज़ के 1स्लाइस में लगभग 1 ग्राम कार्ब होता है, वहीं मोज़ेरेला या चेडर चीज़ में बहुत कम कार्ब कंटेंट होता है। हालांकि, इसे हमेशा अपने आहार में एक निश्चित मात्रा में शामिल करने की सलाह ही दी जाती है।

डायबिटीज में चीज़ खाने के ये हैं फायदे और नुकसान

वजन कम करने में मदद करता है चीज़

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मोटापा टाइप -2 डायबिटीज की ओर ले जाता है। वास्तव में, पेट के चारों ओर वसा का जमाव अक्सर डायबिटीज का पहला संकेत है। यह स्थिति हमें डाइट मैनेजमेंट और एक्सरसाइज की ओर जाने के लिए संकेत करती है। ऐसे में वसा रहित स्नैक्स या फल या सब्जी के साथ जोड़े जाने पर चीज़ एक अच्छा स्नैक बन सकता है। यह आपके भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ आपकी भूख भी शांत कर सकता है, पनीर आपको लंबे समय तक आपको पेट भरा हुआ लगता है यह वजन कम करने में मदद करता है, जो डायबिटीज रोगियों के लिए आवश्यक है।

इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है चीज़

सभी डेयरी उत्पादों में कैल्शियम की मात्रा भरपूर पाई जाती है, जो हड्डियों के खनिज घनत्व को बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। चीज़ न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि साथ ही कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत होता है, जो शरीर को फिट और डायबिटीज में फिट रहने के लिए पर्याप्त पोषक तत्व का भी काम करता है। न्यूट्रिशन हॉस्पिटलियारिया के जर्नल में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, दैनिक रूप से डेयरी उत्पादों की कम से कम तीन-चार सर्विंग्स का सेवन इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार कर सकता है, यह व्यक्ति और उसके शुगर लेवल पर निर्भर करता है।

ये तो हुई फायदों की बात लेकिन डायबिटीज में चीज़ खाने के कुछ नुकसान भी हैं जिनके बारे में जानना जरुरी है। इसे बहुत अधिक मात्रा में कभी न खाएं क्योंकि चीज़ में फैट और कैलोरीज बहुत ज्यादा होता है जिससे कार्डियोवस्कुलर डिसीज का खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा कई चीज़ प्रोडक्ट्स में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है और डायबिटीज में सोडियम कम से कम लेने की सलाह दी जाती है।ऐसे में मार्केट से वही चीज़ लें जिनमें लो-सोडियम हो।

चीज़ का आपके ग्लूकोज पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है, इसलिए कोशिश करें कि चीज़ को उच्च जीआई खाद्य पदार्थों के साथ मिलाकर खाएं। चीज़ के साथ सेब जैसे स्नैक्स या साबुत अनाज से बने पिज्जा, ताजी सब्जियां अच्छे विकल्प हैं। ये आपकी सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाएंगी।

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