नीम के अनेक फायदे हैं। नीम में रोग दूर करने की ऐसे अद्भुत क्षमता है जिसके चलते इसका उपयोग आयुर्वेद की चिकित्सा पद्धति में लंबे समय से हो रहा है। नीम ही एक ऐसा पेड़ है जिसकी छाल से लेकर पत्तियों और निबोरी तक का सेवन करने से स्वास्थ्य में ज़बरदस्त लाभ होता है। नीम का प्रयोग ना सिर्फ विभिन्न त्वचा संबंधी रोगों में लाभकारी है बल्कि इससे डायबिटीज जैसी बीमारी को भी काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। आइए जानते हैं नीम से हमारे स्वास्थ्य को मिलने वाले लाभों के बारे में।

डायबिटीज में बेहद कारगर

भोपाल मेडिकल एंड रिसर्च सेण्टर की डायटीशियन स्वर्णा व्यास के मुताबिक, बदलती लाइफस्टाइल और तनाव के चलते इन दिनों डायबिटीज की बीमारी बहुत से लोगों को हो रही है। इस बीमारी में नीम का सेवन करना विशेष लाभकारी है। यदि कोई व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है तो नीम के सेवन से उसके रक्त में शर्करा की मात्रा संतुलन में रहती है। वहीँ, यदि कोई स्वस्थ्य व्यक्ति समय रहते नीम का सेवन करता है तो उसे डायबिटीज जैसी भयावह बीमारी होने के चांसेज ना के बराबर रहते हैं। दरअसल, डायबिटीज के मरीजों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का विकास होता है, जिसके चलते यह बीमारी और बढ़ जाती है। नीम का सेवन करने से मरीज का ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का लेवल गिर जाता है जिससे डायबिटीज की बीमारी में लाभ मिलता है।

कैसे करें प्रयोग

नीम की कुछ पत्तियों को गर्म पानी में अच्छी तरह से उबाल लें, फिर इस पानी को ठंडा कर लें। अब इस काढ़े को दिन में एक या दो बार पियें। इससे आपके स्वास्थ्य को विशेष लाभ मिलेगा। यह काढ़ा डायबिटीज की बीमारी के रोकथाम के लिए एक रामबाण उपाय है।

कई बीमारियों की रोकथाम में कारगर हैं नीम

पेट की समस्या और अल्सर में लाभकारी
पेट की समस्या और अल्सर में लाभकारी

नीम पेट की बीमारियों जैसे अल्सर, कब्ज, गैस आदि में बेहद लाभ देता है। कुछ हालिया स्टडीज में इस बात का पता चला है कि नीम की छाल के सेवन से कब्ज की बीमारी दूर होती है। साथ ही यदि नियमित तौर पर सुबह खाली पेट नीम की पत्तियों का सेवन किया जाए तो पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं जैसे दस्त, गैस, कब्ज, भूख ना लगना और पाचन तंत्र की कमजोरी दूर होती हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो अल्सर की समस्या में भी नीम का सप्लीमेंट खाने से विशेष लाभ मिलता है।

एलर्जी और सीजनल रोगों से बचाए

नीम के नियमित सेवन से कई सीजनल एलर्जी और रोगों से बचा जा सकता है। नीम में एंटीफंगल, जीवाणुरोधी, एंटीवायरल, एंटीऑक्सिडेंट और एंटीकार्सिनोजेनिक गुण मौजूद होते हैं। यह सभी गुण रोगों से लड़ने में बहुत उपयोगी साबित होते हैं। साथ ही नीम के नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है जिससे कई प्रकार की एलर्जी और सीजनल रोगों से बचाव मिलता है।

कैसे करें प्रयोग

सुबह खाली पेट नीम की पत्तियों का सेवन करें। यदि संभव हो तो नीम का काढ़ा बना कर पिएं। नीम के काढ़े के लिए इसकी पत्तियों को गर्म पानी में बहुत अच्छे से उबाल लें फिर इस अर्क को ठंडा कर लें। अब इस काढ़े का सेवन दिन में कम से कम दो बार करें। यह काढ़ा एंटीऑक्सिडेंट का काम करता है शरीर में मौजूद सभी विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।

स्किन प्रॉब्लम में लाभकारी

नीम को त्वचा (स्किन) संबंधी रोगों में भी लाभकारी माना गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, रात को एक बाल्टी पानी में नीम की कुछ पत्तियों को भिगो कर रख देना चाहिए फिर इस पानी से सुबह नहाना चाहिए। ऐसा करने से आपकी त्वचा में ना सिर्फ निखार आएगा बल्कि फोड़े-फुंसी आदि भी काफी हद तक दूर हो जाएंगे। फोड़े-फुंसी से बचने के लिए आप नीम की पत्तियों के पाउडर में थोड़ी हल्दी मिलाकर इसका लेप लगाएं इससे आपकी त्वचा पर ना सिर्फ चमक आएगी बल्कि झुर्रियों और झाइयों की समस्या भी इससे काफी हद तक दूर हो जाएगी।

गर्मियों में लाभकारी नीम

इन दिनों समूचा उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है। तेज धूप में बाहर निकलने से स्किन पर बर्निंग सेंसेशन हो जाता है और काले निशान आ जाते हैं। इससे बचने के लिए नीम काफी कारगर है। आप नीम की पत्तियों का पेस्ट लीजिये और उसमें थोड़ा दही मिला लीजियेगा अब इस पेस्ट को जहां भी टैनिंग हुई है वहां लगाएं और कम से कम 15 मिनट तक रुकें फिर उस जगह को धो लें। ऐसा करने से गर्मी से पड़े डार्क सर्कल्स और इन्फेक्शन में बहुत लाभ मिलता है।

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