अक्सर हम लोगों को कहते हुए सुन सकते हैं कि उन्हें बॉडी पेन या कहें शरीर दर्द की शिकायत होती है। लेकिन तरह-तरह के टेस्ट करने के बावजूद भी ये पता नहीं चलता कि आखिर समस्या क्या है। लेकिन इन लोगों को बाद में जाकर पता चलता है कि उन्हें अवसाद यानी डिप्रेशन की समस्या है। अक्सर लोगों को लगता है कि डिप्रेशन सिर्फ दिमाग से जुड़ा हुआ है, लेकिन ये बात गलत है। क्योंकि डिप्रेशन सिर्फ व्यक्ति के मन पर ही नहीं, बल्कि शरीर पर भी बहुत बुरा असर डालता है। डिप्रेशन दिमाग के उन हिस्सों को प्रभावित कर देता है, जो शरीर में दर्द पैदा करते हैं। ऐसे में आपको मांसपेशियों में, जोड़ों में और पीठ में दर्द की समस्या हो सकती है।

कैसे बनता है डिप्रेशन शरीर के दर्द का कारण?

शरीर में ऐसी असहज स्थिति पैदा हो जाती है, तब दर्द बढ़ता चला जाता है

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मानसिक रोगतज्ञ डॉ सतीश नगरगोरजे की माने तो शरीर का दर्द डिप्रेशन के कारण हो सकता हो सकता है। दरअसल, दिमाग में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर डिप्रेशन की वजह से सेरोटोनिन और नोरएपिनेफ्रीन नामक हार्मोन के रिलीज़ में रूकावट पैदा करते हैं, जिसकी वजह से मस्तिष्क को संकेत जाता है कि शरीर में दर्द है और आपका मूड और मानसिक स्वस्थ गिरता चला जाता है। जब शरीर में ऐसी असहज स्थिति पैदा हो जाती है, तब दर्द बढ़ता चला जाता है और हम दिन पर दिन डिप्रेशन के हाथों हारते चले जाते हैं।

क्या करें जब हो साइकोसोमेटिक दर्द?

डिप्रेशन दिमाग के उन हिस्सों को प्रभावित कर देता है, जो शरीर में दर्द पैदा करते हैं।

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डिप्रेशन से होनेवाले इस दर्द को साइकोसोमेटिक दर्द कहा जाता है। इसमें मन की परेशानी शारिरिक रूप में बाहर आती है। यदि आपको लगता है कि बगैर किसी समस्या के आपको शारीरिक दर्द है, तो आपको तुरंत किसी अच्छे मनोरोगतज्ञ या सायकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। यदि ज़रुरत हो तो डॉक्टर की बातों को नज़रअंदाज़ ना करते हुए दवाइयां लेने में न हिचकिचाएं।

कई बार लोग आपसे कहते हैं कि आप दवाइयों के आदि हो जाएंगे, इसलिए आपको इन दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए। ये एक मिथ है, जो लोगों के बीच पैदा हो चुका है। यदि आप चाहें तो अपनी इच्छाशक्ति से इन दवाइयों को धीरे धीरे करके छोड़ सकते हैं और ये शॉट टर्म में आपके शरीर को नुक्सान नहीं, बल्कि फायदा पहुंचाती है। इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह को तवज्जो देनी चाहिए।

इसके अलावा आपको डिप्रेशन से लड़ने के लिए जीवन शैली में बदलाव करना ज़रूरी है। यदि आपको शरीर दर्द की शिकायत है, तो आपको रोज़ व्यायाम करना चाहिए। इससे आपके मस्तिष्क को ज़्यादा ऑक्सीजन मिलती है और डिप्रेशन से लड़ने की ताकत मिलती है।

यदि आप वर्कोहोलिक हैं तो तुरंत कुछ दिनों का ब्रेक लें और दोस्तों और परिवारजनों के साथ समय बिताएं। परिवार और दोस्त आपको सकारात्मक ऊर्जा देते हैं, जिससे आप जल्दी डिप्रेशन से छुटकारा पा सकते हैं।

यदि आपको पालतू जानवरों या पैट्स से लगाव है, तो आप थेरेपी पैट्स का सहारा ले सकते हैं। ये पैट्स आपके आसपास की नकारात्मकता को दूर करते हैं और अपनी पॉज़िटिव वाइब से आपको खुश रखते हैं।

यदि आप इन टिप्स को फॉलो करते हैं, तो ये आपकी सेहत को जल्द से जल्द ठीक करने में मदद करेंगी।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..