जब वजन कम करने की बात आती है तो सबसे पहले यही कहा या माना जाता है कि डाइट से कार्ब्स यानी कार्बोहाइड्रेट को हटा देना चाहिए। हम अपनी पूरी जिंदगी ये सुनते आते हैं कि वजन तब तक कम नहीं हो सकता जब तक हम कार्बोहाइड्रेट खाना बंद नहीं कर देते। लेकिन, आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि कार्ब्स कई प्रकार के होते हैं और सभी तरह के कार्ब्स वजन नहीं बढ़ाते। कुछ कार्बोहाइड्रेट ऐसे भी होते हैं जो कि वजन कम करने में मददगार होते हैं। आपको बस इतना करना है कि अपनी डाइट में उन सही कार्ब्स को शामिल करना है। आइए आज हम आपको बताते हैं उन सही कार्ब्स के बारे में जिनका उपयोग कर आप वेट लॉस कर सकते हैं।

डायटीशियन अंजू विश्वकर्मा के अनुसार अच्छे कार्बोहाइड्रेट वो होते हैं जो सीधे ज़मीन से निकालकर उपयोग में लाये जाते हैं जैसे आलू अच्छा र्बोहाइड्रेट होता है लेकिन उससे बने पोटैटो चिप्स नुकसानदायक होते हैं। अगर वजन घटाना है तो जौ सुपरफ़ूड का काम करती है। जौ की रोटी आंत में हॉर्मोन उत्तेजित करती है जिससे मेटाबॉलिज्म दुरुस्त होता है और भूख बढ़ती है। साथ ही इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जिससे आपको लम्बे समय तक भूख नहीं लगती और पेट भरा हुआ लगता है।

कार्बोहाइड्रेट केवल वजन बढ़ाता ही नहीं, घटाता भी है, जानिए कैसे?

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दालों में भी होता है अच्छा कार्बोहाइड्रेट

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कई प्रकार की दालें जैसे चना दाल, मसूर दाल और काबुली चना-चना, मटर और बीन्स भी हेल्दी कार्बोहाइड्रेट होती हैं। यह ओवरइटिंग रोकती हैं क्योंकि इनसे भी पेट अच्छे से भर जाता है।साथ ही काबुली चना हो या मटर, ये स्नैक्स का काम भी करती हैं। आप बस इन्हें डीप फ्राय करने की बजाए ऑलिव ऑइल में भिगोकर थोड़े से ऑइल में फ्राय कर लें और उसमें नमक और काली मिर्च मिलाकर भरपूर स्वाद लें। ये स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी हैं। हरी मटर में 4 ग्राम प्रोटीन और फाइबर होते हैं जबकि 12.5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होते हैं। साथ ही सेम की फल्ली खाने से कब्ज की परेशानी दूर होती है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर फैट को फैलने से रोकता है जिससे दिल की बीमारियां, डायबिटीज और कई तरह के कैंसर पनप सकते हैं।

फल: सेब, नाशपाती, चेरी, अखरोट, बादाम, आडू, केसर, खूबानी, शहतूत तथा बेर में दूसरे फलों के मुकाबले 6 ग्राम ज्यादा फाइबर होता है। एक रिसर्च के मुताबिक, अगर आप 30 ग्राम फाइबर हर दिन लेते हैं तो उस हिसाब से एक साल में दो किलो वजन घटा सकते हैं इसलिए इन फलों को भरपूर मात्रा में खाएं।

पॉपकॉर्न: यह फाइबर से भरपूर होती है इसलिए कई वेट लॉस प्रोग्राम्स में इसे जगह दी जाती है क्योंकि इसे खाने के बाद पेट काफी समय तक भरा हुआ लगता है और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं।

शकरकंद: एक मीडियम शकरकंद में 27 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप इसे खाने से परहेज करने लग जाएं। इसे खाने से हॉर्मोन एडिपोनेक्टिन का स्तर बढ़ता है जो कि ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित करता है और आपके मेटाबॉलिज्म पर भी नज़र रखता है।

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