जिस तरह पुरुषों में हृदयघात आम बीमारी है, उसी तरह ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम खास तौर पर महिलाओं को अपनी चपेट में लेने के लिए जाना जाता है। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम, जिसे आम भाषा में दिल टूटने की समस्या के नाम से जाना जाता है। वैसे तो ये समस्या हार्ट अटैक से कुछ कम खतरनाक है, लेकिन ये आपकी जान भी ले सकती है। आइये जानते हैं इस समस्या के बारे में कुछ और।

क्या है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम

इस स्थिति को डॉक्टर ताकोत्सुबो कार्डियोपैथी के नाम से जानते हैं

 

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यूरोपियन हार्ट जर्नल की जानकारी के अनुसार ये सिंड्रोम एक जानलेवा स्थिति है, जिसमें अचानक हुई किसी बुरी घटना का सदमा लगने की वजह से आपके दिल के बाएं हिस्से की मांसपेशियां शिथिल पड़ जाती है और इसकी वजह से आपको सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द की शिकायत हो सकती है। इस स्थिति को डॉक्टर ताकोत्सुबो कार्डियोपैथी के नाम से जानते हैं, जिसे ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का नाम भी दिया गया है। यह समस्या पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज़्यादा होती है, वो भी 40 से ज़्यादा उम्र की महिलाऐं इसकी चपेट में जल्दी आती है।

क्या हैं इस सिंड्रोम के लक्षण?

डॉ. आर जैन कहते हैं, “इस सिंड्रोम के लक्षण बिलकुल हार्ट अटैक की तरह होते हैं। इसमें सीने के बायीं ओर तीखा दर्द, सांस फूलना और वोमेटिंग सेंसेशन जैसी समस्या होती है। कई बार डॉक्टरों को भी समझने में मुश्किल होती है कि रोगी को हार्ट अटैक हुआ है या ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम से व्यक्ति ग्रसित है। यदि इसका समय पर सहीं इलाज ना किया जाए, तो यह रोगी के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह समस्या आम तौर पर गर्मियों में लोगों को अपना शिकार बनाती है।”

क्या इसका इलाज संभव?

इसके इलाज के तौर पर आपको प्राथमिक उपचार के बाद तनाव रहित रहने की हिदायत दी जाती है

 

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अक्सर लोग कहते हैं कि दिल एक बार टूट जाए, तो जुड़ नहीं सकता, लेकिन ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का इलाज मुमकिन है। दरअसल इस समस्या का सीधा ताल्लुक है आपकी भावनाओं से। यदि आप लम्बे समय से तनाव में हैं और आपको भावनात्मक रूप से धक्का लगा है, तो आप इस समस्या की चपेट में आ सकते हैं। लेकिन इसके इलाज के तौर पर आपको प्राथमिक उपचार के बाद तनाव रहित रहने की हिदायत दी जाती है।

इससे ग्रसित रोगी को अच्छे वातावरण में रहने की सलाह दी जाती है। दूसरी ओर उन्हें तनाव पैदा करनेवाले हार्मोन को कम करने की दवाइयां दी जाती है। एक बार इस समस्या के ठीक होने के बाद यह दोबारा पलट कर वापस आ सकती है, इसलिए आपको तनाव और भावनात्मक स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए जाते हैं। इसका पूरा इलाज करना बेहद ज़रूरी होता है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..