क्या आप जानते हैं कि स्लो मेटाबोलिज्म आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। अधिकांश लोगों को थकान, भूख नहीं लगना, वजन कम नहीं होना, मूड स्विंग आदि की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्या आप जानते हैं कि मेटाबोलिज्म धीमा होने के चलते भी यह परेशानियां होती हैं। हालांकि, आपको यह जानकर अच्छा लगेगा कि धीमे हो रहे मेटाबोलिज्म को सुधारा जा सकता है। आपको बस अपनी आदतों और लाइफस्टाइल में थोड़े बदलाव करना होंगे जिससे आप ना सिर्फ फिटनेस के अपने गोल्स को अचीव कर सकें, बल्कि मेटाबॉलिक रेट को भी रिसेट कर सकें। तो आइए जानते हैं क्या है एक्सपर्ट एडवाइज और कैसे रिसेट करें अपना मेटाबॉलिक रेट…

फिटनेस के अपने गोल्स को अचीव करने के लिए यूं बढ़ाएं मेटाबॉलिक रेट


खूब पानी पिएं

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भोपाल के डॉक्टर आरपी. पटेल के अनुसार, मेटाबोलिज्म को दुरुस्त करने के लिए पानी एक बेस्ट विकल्प है। सही मात्रा में दिन भर पानी का सेवन करने से गिरते मेटाबोलिज्म को नियंत्रित किया जा सकता है। ठंडा पानी पीना मेटाबोलिज्म बढ़ाने के लिए और भी अच्छा होता है क्यूंकि काम करने से शरीर का तापमान बढ़ता है और इस प्रक्रिया में अधिक कैलोरी बर्न हो जाती हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार जो लोग शुगर ड्रिंक्स के बजाय पानी पीते हैं, वे वजन कम करने में अधिक सफल होते हैं।हालिया स्टडी से पता चलता है कि लगभग 17 औंस (0।5 लीटर) पानी पीने से मेटाबोलिज्म रेट में घंटेभर के लिए 10-30% की वृद्धि होती है।

भरपूर मात्रा में प्रोटीन का सेवन करें

भोजन करने से आपका मेटाबोलिज्म कुछ घंटों के लिए बढ़ सकता है।इसे भोजन का थर्मिक प्रभाव (थर्मिक एफेक्ट ऑफ़ फ़ूड -TEF) कहा जाता है। प्रोटीन TEF में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण है। यह आपके मेटाबॉलिक रेट को 15-30% तक बढ़ा देता है। वहीं, कार्ब्स 5-10% और फैट्स के मामले में यह बढ़त 0–3% होती है। प्रोटीन आपके पेट को भरा-भरा रखता है और इससे आपको अधिक खाने से रोकने में मदद मिली है।एक्सपर्ट्स के अनुसार, अधिक प्रोटीन खाने से आपके मेटाबोलिज्म को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे आप अधिक कैलोरी जलाते हैं।

हाई-इंटेंसिटी व्यायाम

हाइ इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) इसके अंतर्गत इंटेंस वर्कआउट करवाया जाता है और इसे बहुत कम अंतराल में बार-बार दोहराना पड़ता है।यह आपके मेटाबोलिज्म रेट को बढ़ाकर आपको अधिक फैट बर्न करने में मदद कर सकता है और यह प्रोसेस एक्स्सरसाइज के बाद भी जारी रहती है।हाल ही में कुछ ओवरवेट युवाओं पर की गई स्टडी में पाया गया कि 12 सप्ताह के हाइ इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग वर्कआउट ने फैट मास को 4।4 पाउंड (2 किग्रा) तक कम कर दिया और पेट के फैट को 17% तक घटा दिया। एक्सपर्ट्स के अनुसार, व्यायाम के पैटर्न में थोड़े चेंजेस कर इसमें हाई-इंटेंसिटी व्यायाम शामिल करने से मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाया जा सकता है और फैट को भी अच्छी खासी मात्रा में कम किया जा सकता है।

अधिकतम समय खड़े होकर गुजारें

ज्यादा देर तक बैठना या लगातार बैठे रहना आपकी सेहत के लिए बुरा है।दरअसल, लंबे समय तक बैठने से कम कैलोरी बर्न होती है और वजन बढ़ सकता है।एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आप अधिकांश समय खड़े रहकर काम करेंगे तो आसानी से 174 कैलोरीज बर्न की जा सकती हैं। इसलिए यदि आपकी जॉब सिटिंग नेचर की है तो कोशिश करें कि जितना संभव हो खड़े रहकर अपना काम करने का प्रयास करें।

ग्रीन टी पिएं

स्टडीज में पाया गया है कि ग्रीन टी के सेवन से मेटाबॉलिज्म को 4-5% तक बढ़ाने में मदद मिलती है। ग्रीन टी आपके शरीर में जमा फैट को फ्री फैटी एसिड में बदलने में मदद करती है, जिससे फैट बर्निंग की गति 10 से 17% बढ़ जाती है। चूंकि ग्रीन टी में कैलोरी बहुत कम होती है इसलिए वेट लॉस के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।

भरपूर नींद लें

कम नींद लेने से मोटापा बढ़ने के चांसेज बढ़ जाते हैं।साथ ही पूरी नींद नहीं लेने से ब्लड में शुगर का लेवल भी बढ़ सकता है जो आगे चलकर टाइप 2 मधुमेह का कारण बनता है।नींद की कमी से आपके द्वारा बर्न की जाने वाली कैलोरी की संख्या कम हो सकती है और यह आपके मेटाबोलिज्म को प्रभावित कर सकता है। इसलिए एक्सपर्ट्स के अनुसार, अपने मेटाबॉलिक रेट को नियंत्रित रखने के लिए भरपूर नींद ज़रूर लें।

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