यह सभी जानते हैं कि एक अनहेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से वज़न बढ़ता है। इसके बावजूद अगर आप शरीर की कैलोरी घटाने के बजाय अनहेल्दी खाना खाकर शरीर में कैलोरी बढ़ाते हैं, तो उससे शरीर को ज़्यादा नुकसान पहुंचता है। लेकिन कभी-कभार ऐसा भी होता है कि सेहतमंद आहार लेने के बावजूद आपका वज़न बढ़ता है। क्या आपको इसका कारण पता है?

कभी-कभी, बढ़ते वज़न का कारण केवल अनहेल्दी भोजन खाना नहीं होता है, बल्कि वज़न बढ़ने के और भी कई सारे कारण होते हैं, जो आपके जीवन जीने के तरीकों से भी जुड़े हुए होते हैं। आज हम आपको ऐसे ही 7 कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1. तनाव

जब आप तनाव में होते हैं, तब आपका शरीर ‘कोर्टिसोल’ नामक एक स्ट्रेस हॉर्मोन रिलीज़ करता है। कोर्टिसोल के कारण आपकी भूख बढ़ सकती है और आपको फैट्स से भरपूर पदार्थ खाने का मन करता है जिस वजह से आपका वज़न बढ़ता है। लंबे समय तक तनाव में रहने में आपका मोटापा बढ़ता ही जाता है।

2. डिप्रेशन

डिप्रेशन से पीड़ित लोग भावनात्मक और शारीरिक रूप से बहुत परेशान रहते हैं। इसके अलावा, डिप्रेशन के कारण आपका वज़न भी बढ़ सकता है। यह आपके वजन के लिए भी अच्छा नहीं है। एक स्टडी के अनुसार एक डिप्रेस्ड व्यक्ति इमोशनल इटिंग का शिकार हो जाता है। इमोशनल ईटिंग का अर्थ है उन खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करना, जिनमे भरपूर मात्रा में फैट्स और कार्ब्स होते हैं।

3. दवाएं

आपकी दवाइयां भी आपके बढ़ते वज़न का कारण हो सकती है। वजन बढ़ने को एंटीसाइकोटिक्स, एंटीडिप्रेसेंट्स, इंसुलिन, ब्लड प्रेशर की दवाओं आदि से वज़न बढ़ने की संभावना होती है। डिप्रेशन के साथ-साथ उससे उभरने के लिए खाई जानेवाली एंटीडिप्रेसन्ट दवाएं भी आपको मोटा कर सकती है।

4. पीसीओस

मोटापा, पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम यानी पीसीओएस से काफी हद तक जुड़ा हुआ होता है। पीसीओस का प्रभाव कई महिलाओं पर देखा गया है। पीसीओस के कारण आपको पीरियड्स अनियमित रूप से होते हैं, शरीर पर बाल ज़्यादा उगते हैं, मुंहासे होते हैं और कमर के आसपास वसा पैदा होती है। पीसीओस के कारण शरीर ग्लूकोज़ को एनर्जी में नहीं बदल पाता है। इस वजह से शरीर में इंसुलिन पैदा होता है। इस इन्सुलिन के कारण शरीर में मेल हार्मोन, ‘एण्ड्रोजन’ का उत्पादन बढ़ाता है। इन्ही कारणों से आपका वज़न बढ़ता है।

5. विटामिन डी की कमी

क्या आपको पर्याप्त धूप मिलती है? कुछ विशेष स्टडीज़ से पता चला है कि विटामिन डी की कमी से शरीर में फैट्स की मात्रा बढ़ती है।

6. नींद की कमी

आज के दौर में नींद की कमी से बच्चों और युवाओं दोनों को मोटापे का सामना करना पड़ता है। नींद पूरी ना होने के कारण आपकी भूख के हार्मोनल रेगुलेशन पर प्रभाव पड़ता है, जिससे आप ज़रूरत से ज़्यादा खाना शुरू कर देते हैं और ऐसा भोजन खाने लगते हैं जिसमें भारी मात्रा में फैट्स होते हैं

7. अपने दिन का ज़्यादातर समय काम को देना

आपका रोज़गार आपके वज़न को प्रभावित कर सकता है। एक स्टडी के अनुसार, ज़्यादा घंटो के लिए काम करने से महिलाओं का वज़न बढ़ सकता है। साथ ही, ज़्यादातर एम्प्लॉयड महिलाओं का वज़न इसलिए भी बढ़ता है क्योंकि उनकी लाइफस्टाइल सही नहीं होती है।

फिट रहने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में बस कुछ सरल बदलाव लाने हैं।

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