21 जून को विश्व योग दिवस है। योग हमारे शरीर के लिए कितना ज़रूरी है यह हम सब जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग के साथ ही यदि यौगिक आहार को डाइट में शामिल किया जाए तो इसके कई गुना फायदे हैं। यौगिक आहार ना सिर्फ हमारे शरीर, बल्कि हमारे मन, मस्तिष्क और विचारों पर भी गहरा प्रभाव डालता है। यह ना सिर्फ हमारे चित्त को शांत करता है बल्कि हमें रोग मुक्त भी बनाता है। भारतीय शास्त्रों में ऐसे खाने को सात्विक आहार भी कहा जाता है। आइये एक्सपर्ट्स से जानें कि खाने-पीने की कौन से ऐसी चीजें हैं जो यौगिक या सात्विक खाने की श्रेणी में आती हैं और इन्हें खाने से क्या संभावित फायदे हैं।

क्या है सात्विक भोजन

खुशीलाल आयुर्वेदिक संस्थान के डॉक्टर उमेश शुक्ला के मुताबिक, सात्विक भोजन ऐसे भोजन को कहा जाता है जिसकी मूल अवस्था को पूर्ण रूप से ना बदला गया हो, मसलन जिस भोजन को ज्यादा तला-भुना ना गया हो, जिसमें अत्यधिक मसालों का उपयोग ना किया गया हो, जिसे प्राकृतिक रूप में खाया जा सके, जिसमें मांसाहार ना हो आदि। ऐसा खाना पाचन में आसान होता है साथ ही शरीर को वात-पित्त की समस्या से भी दूर रखता है। इसके सेवन से मन एकाग्र रहता है और स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है।

आहार के प्रकार

मिताहार- सीमित मात्रा में लिया जाने वाला आहार

अपथ्यकारक- योग के दौरान सेवन ना किया जाने वाला आहार।

पथ्यकारक- योग के दौरान किया जाने वाला आहार।

आइये उपरोक्त गुणों के अनुसार जानते हैं सात्विक भोजन के अंतर्गत हम क्या खा सकते हैं।

यौगिक या सात्विक खाना क्या होता है? जानिए

अनाज भी करते हैं फायदा

Image Credit: lifealth.com

अनाज

धरती से पैदा होने वाले सभी प्रकार के अनाजों जैसे- गेहूं, चना आदि पाचन के लिहाज से सर्वोत्तम माना गया है। यही कारण है कि अनाजों को सात्विक भोजन की श्रेणी में जगह मिली है। आपको बता दें कि अनाजों में विटामिन बी-1, बी-2 और बी-3 पाए जाते हैं साथ ही इसमें अच्छी मात्रा में फाय्बर्स भी होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

चावल

चावल का सेवन करने से हमें अच्छी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और विटामिन मिलते हैं। चावल के सेवन से शरीर को पर्याप्त मात्रा में एनर्जी भी मिलती है जो दिन हमरे एक्टिव रहने के लिए बेहद ज़रूरी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, चावल का सेवन करने से ब्लड प्रेशर भी काफी हद तक कंट्रोल में रहता है।

जौ

जौ के पानी का सेवन करना बेहद फायदेमंद माना गया है। आपको बता दें कि जौ में अच्छी खासी मात्रा में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैगनीज, सेलेनियम, जिंक, कॉपर, प्रोटीन, अमीनो एसिड के साथ ही फाय्बार भी होता है। इसलिए सात्विक भोजन की श्रेणी में जौ का एक अहम् स्थान है।

पंचगव्य

गाय के दूध, दही, गोबर, घी और मूत्र को पंचगव्य कहा जाता है। जानकारों की मानें तो यह पांचों ही अमृत के समान हैं। गाय के दूध में कैरोटीन होता है जो हमारी हड्डियों को मजबूती देता है। गाय के गोबर का लेप लगाने से त्वचा रोगों में लाभ मिलता है। गौमूत्र के ऊपर तो ढेरों रिसर्च की गई हैं और इनसे पता चलता है कि यह कैंसर जैसे रोगों में भी विशेष लाभकारी है। वहीं, बात की जाए गाय के दूध से बने घी की तो इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, यानी हृदय संबंधी रोगों में यह खासा लाभदायक है और गाय के दूध से बना दही हमारे पाचन के लिए बेहद फायदेमंद बताया गया है।

दालें- मूंग, चना, मसूर, अरहर आदि

आहार में दालों का एक अलग ही स्थान है। इनका सेवन क्यों ज़रूरी है यह इस बात से ही समझा जा सकता है कि दालों में अच्छी मात्रा में प्रोटीन, फायबर्स, मैगनीशियम, आयरन और जिंक होता है। यह ना सिर्फ हमें ढेरों रोगों से लड़ने के लिए शक्ति प्रदान (इम्यून पॉवर) करता है, बल्कि ढेर सारी ऊर्जा भी प्रदान करता है।

This is aawaz guest author account