आज ही के दिन सावन के महीने की शिवरात्रि यानी कि सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। मंगलवार का यह शुभ दिन भगवान शिव को समर्पित किया गया है। सावन सोमवार का व्रत कर रहे लोगों के लिए यह शिवरात्रि बेहद मायने रखती है। आज ही दिन भक्तगण भगवान शिव की आराधना करते हैं, इससे भगवान शिव प्रसन्न होकर उनकी मनोकामना पूरी करते हैं। यदि आप भी सावन सोमवार के व्रत रखते आए हैं और आज के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करना चाह रहे हैं, तो आज हम आपको कुछ ऐसी सामग्रियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो भगवान शिव का बेहद प्रिय है। यदि आप इन सामग्रियों को भगवान शिव को अर्पित करते हैं, तो आपकी मनोकामना जल्द से जल्द पूरी हो सकती है। आइए जानते हैं शिवजी की वे पसंदीदा चीज़ें, जो सावन शिवरात्रि के दौरान उन्हें अर्पित की जाती हैं।

जल का महत्व

जब समुद्र मंथन के दौरान विष बाहर आया था, तब शिवजी ने अग्नि के समान विष को पी लिया था। इससे उनका कंठ नीला पड़ गया था
जब समुद्र मंथन के दौरान विष बाहर आया था, तब शिवजी ने अग्नि के समान विष को पी लिया था। इससे उनका कंठ नीला पड़ गया था

जल का उपयोग शिवजी के अभिषेक के लिए खास तौर पर किया जाता है। शिव पुराण में भगवान शिव को स्वयं जल कहा गया है। इसके पीछे का कारण समुद्र मंथन से जुड़ा हुआ है। जब समुद्र मंथन के दौरान विष बाहर आया था, तब शिवजी ने अग्नि के समान विष को पी लिया था। इससे उनका कंठ नीला पड़ गया था। इस विश्व की उष्णता को कम करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने शिवजी को जल चढ़ाया था, इसीलिए शिवजी की आराधना में जल का अभिषेक बेहद महत्व रखता है।

बेलपत्र है प्रिय

बेलपत्र भगवान शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक माना जाता है, इसीलिए तीन पत्तियों वाला यह बेलपत्र शिवजी को बेहद पसंद है। शिवजी के पूजन में जल से अभिषेक के बाद बेलपत्र सबसे पहले चढ़ाया जाता है। हमारे पुराणों में ऋषि-मुनियों ने कहा है कि बेलपत्र को चढ़ाने पर एक करोड़ कन्याओं के कन्यादान का फल मिलता है। इससे साफ पता चलता है कि शिवजी को बेलपत्र कितना प्रिय है।

धतूरा- एक औषधि

भगवान शिव का घर कैलाश माना जाता है
भगवान शिव का घर कैलाश माना जाता है

धतूरा एक ऐसा फल है जो शिवजी को बेहद पसंद है। पुराणों में तो इसका उल्लेख किया ही गया है, लेकिन वहीं यह स्वास्थ्यवर्धक भी माना जाता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं, भगवान शिव का घर कैलाश माना जाता है, जहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। ऐसे में आहार के साथ-साथ औषधि की भी जरूरत होती है। धतूरा शरीर को अंदर से गर्म रखता है, इसीलिए इसका महत्व ज़्यादा माना है। यही वजह है कि शिव जी को धतूरा प्रिय है।

भांग- पसंदीदा पेय

हर शिवरात्रि के दिन भक्तों में भांग को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। यह भांग शिवजी की बेहद प्रिय है। भांग पीने से ध्यान करने में मदद मिलती है और यही वजह है कि शिवजी भांग पीकर हमेशा परमानंद में लीन रहते हैं। समुद्र मंथन के दौरान विष पीने की वजह से शिवजी का गला जलने लगा था, तब अश्विनी कुमारों ने इसी भांग की औषधि बनाकर शिव जी को दिया था। यही वजह है शिवजी भांग बेहद पसंद करते हैं।

कपूर की महक

शिवजी के अभिषेक के दौरान कपूर का इस्तेमाल ज़रूर किया जाता है
शिवजी के अभिषेक के दौरान कपूर का इस्तेमाल ज़रूर किया जाता है

कपूर एक ऐसा पदार्थ है, जिसके जलते ही घर की दूषित हवा साफ हो जाती है। इसकी सुगंध वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाती है। यही वजह है कि भगवान भोलेनाथ को इसकी महक से बेहद प्यार है। इसीलिए शिवजी के अभिषेक के दौरान कपूर का इस्तेमाल ज़रूर किया जाता है।

चंदन की शीतलता

जैसा कि आप सभी जानते हैं चंदन आपके शरीर को शीतलता प्रदान करता है, इसीलिए भगवान शिव माथे पर चंदन का त्रिपुंड बनाते हैं। चंदन का प्रयोग हवन में भी किया जाता है, जिससे इसकी खुशबू हवा को स्वच्छ और पवित्र बनाती है, इसीलिए शिवजी के अभिषेक में चंदन का इस्तेमाल करना अनिवार्य माना जाता है।

यदि आप इन चीज़ों को भगवान शिव को समर्पित करते हैं, तो आपकी मनोकामना ज़रूर पूरी होती है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..