गर्मी की तपन में लोगों का बुरा हाल हो रहा है और अब घर में फ्रीज़र में पानी की बोतलें भर के रखने के दिन भी आ गए हैं। यही वजह है कि लोग बाहर से आते ही फ्रीज़र में रखा हुआ ठंडा पानी गले के नीचे उतारने के लिए व्याकुल हो जाते हैं। खास तौर पर रमज़ान में दिन भर पानी ना पीने के बाद ठंडा पानी ही लोगों को भाता है, इसलिए लोग रोज़ा खोलते हुए ठंडा पानी या बर्फ के साथ रखे हुए शरबत और जूस को पीने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फ्रिज में ठंडे किये गए जिन पेयों को पीने के लिए हम इतने उतावले रहते हैं, वह असल में हमारी सेहत को बेहद नुक्सान पहुंचाता है। कैसे? आज हम जानेंगे।

दिल के लिए नुक्सानदेह

दरअसल ठंडा पानी दिल और पेट के पास से गुज़रनेवाली वेगस नर्व्स को प्रभावित करता है

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आपको जान कर हैरानी होगी कि ठंडा पानी या फ्रिज में रखे गए पेय भले ही हमारे मन को सुकून देते हों, लेकिन ये हमारे दिल के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। दरअसल ठंडा पानी दिल और पेट के पास से गुज़रनेवाली वेगस नर्व्स को प्रभावित करता है और इससे दिल की गति सामान्य से कम हो जाती है। जो आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

गले पर असर

आपने आपकी दादी-नानी से ये कहते सुना होगा कि ठंडा पानी पीने से गला खराब हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है? ठंडा पानी रोज़ों के बाद भले ही आपकी प्यास जल्दी बुझाने में मदद करता हो, लेकिन यह आपके गले पर रहम नहीं कर पाता। ठंडा पानी पीने से गले के नाज़ुक अंगों पर परत की तरह काम करनेवाली म्यूकोसा मेम्ब्रेन सिकुड़ जाती है, जिसकी वजह से गले के नाज़ुक भागों पर बुरा असर पड़ता है। यही वजह है कि आपके गले में खराश उत्पन्न होती है और गले के अंदरूनी भाग में दर्द की शिकायत हो सकती है।

खाना पचाने में दिक्कत

पेट की नसें ठंडे पानी से सिकुड़ जाती हैं और इसलिए पेट को खाना पचाने में मुश्किल होती है

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हो सकता है आपने पहले कभी ये बात नहीं सुनी होगी, लेकिन ठंडा पानी आपके पाचन तंत्र के लिए भी बेहद खराब माना जाता है। रोज़े के बाद जब आप इफ्तार करते हैं, तो उस वक्त आपके पाचन तंत्र को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यदि आप इस दौरान ठंडा पानी पीते हैं, तो पाचन तंत्र कमज़ोर हो जाता है। पेट की नसें ठंडे पानी से सिकुड़ जाती हैं और इसलिए पेट को खाना पचाने में मुश्किल होती है। ऐसे में आपको अपच और गैस की शिकायत हो सकती है। साथ ही पेट में मौजूद खाने को ठंडा पानी सख्त बना देता है, जिसकी वजह से आपको कब्ज़ की भी समस्या हो सकती है।

पोषक तत्वों में कमी

जैसा कि आप सभी जानते हैं रोज़ों के दौरान आपको आदिक ऊर्जा और पोषक तत्वों की ज़रुरत पड़ती है, ऐसे में ठंडा पानी आपसे इन पोषक तत्वों को छीन लेता है। जब आप दिन भर भूखे रहने के बाद खाना खाते हैं, तो शरीर ज़्यादा से ज़्यादा पोषक तत्वों को खाने से लेने की कोशिश करता है। ये पोषक तत्व आपके शरीर को ऊर्जा देते हैं। शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री होता है। लेकिन जब आप इफ्तार के दौरान ठंडा पानी पीते हैं, तो शरीर इसका तापमान अपने तापमान पर लाने के लिए ऊर्जा खर्च करता है। यह ऊर्जा असल में खाने से पोषक तत्व अवशोषित करने के लिए इस्तेमाल होती है। ज़ाहिर है शरीर खाने से पोषक तत्व ठीक तरह से नहीं ले पाता।

इस तरह रोज़ों के दौरान ठंडा पानी आपके लिए परेशानियां खड़ी कर सकता है। बेहतर सेहत के लिए इफ्तार और सहरी के दौरान घड़े का ठंडा पानी पीना आपके लिए फायदेमंद होगा।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..