रहमतों व बरकतों का महीना रमज़ान शुरु हो चुका है। इस तेज़ झुलसती गर्मी में रोज़ेदारों के हौसले हैं कि टूटने का नाम नहीं लेते। वे पूरी हिम्मत और पूरे प्यार से रोज़े रख रहे हैं। हर तरफ रमज़ान की रौनक और रमज़ान की बहारें नज़र आ रही हैं। लोग सुबह तीन बजे उठकर सहरी व तिलावत करने के बाद फर्ज की नमाज़ पढ़ते हैं। इसलिए रोज़े रखनेवाले हर शख्स के लिए सहरी और इफ्तारी का विशेष महत्त्व हैं। यदि सहरी और इफ्तारी में खाए जानेवाले भोजन का ध्यान ना रखा जाए, तो पाचन तंत्र से सम्बन्धी समस्याओं से आपको रुबरु होना पड़ सकता है। इन समस्याओं में सबसे आम तकलीफ है पेट की जलन, जो इन दिनों लोगों को बेहद परेशान करती है। आइये जानते हैं भोजन से जुड़ी उन बातों के बारे में, जो आपको पेट की जलन से छुटकारा दिला सकती है।

क्यों होती है पेट में जलन?

इस तकलीफ को इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम का नाम दिया गया है

सहरी और इफ्तार के दौरान हम क्या-क्या खाना पसंद नहीं करते, कभी पकौड़ियां, मसालेदार चिकन, बिरयानी से किचन महक उठता है। लेकिन ये मसालेदार आपके पाचन तंत्र को बेहद नुकसान पहुंचा सकता है। तेल और मसाले हमारा शरीर अच्छी तरह से सोख नहीं पाता, जिसकी वजह से ये सीधा आंतों में पहुंचता है, जिससे कई बार ये शौच में दिखाई देता है। यही वजह है कि पेट में हमें लम्बे समय तक जलन बनी रहती है। इस तकलीफ को इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम का नाम दिया गया है।

अपनाएं ये टिप्स

दूध और लस्सी में कैसिन नामक प्रोटीन होता है, जो पेट की जलन को कम करने में बेहद मददगार होता है

रमज़ान के दौरान यदि आप ज़्यादा तेल-मसालेवाला भोजन करते हैं, तो शरीर इस अतिरिक्त फैट को पचा नहीं सकता और इसलिए पेट में जलन की समस्या होती है। इसलिए अधिक तेल और मसाले से लैस भोजन खाने से बचना चाहिए। पेट भरने के लिए आप चाहें तो मेवों की मदद ले सकते हैं।

न्यूट्रिशनिस्ट रीमा द्विवेदी कहती हैं कि यदि आप हैवी भोजन करते हैं, तो आपको फायबर युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए। इससे खाना पचने में आसानी होती है। यदि मसाले से युक्त खाना आपकी मजबूरी हो, तो आपको खाने के बाद लस्सी और दूध का सेवन करना चाहिए। दूध और लस्सी में कैसिन नामक प्रोटीन होता है, जो पेट की जलन को कम करने में बेहद मददगार होता है।

नीम्बू भी एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो पेट की जलन को जल्द से जल्द ठीक कर सकता है। नीम्बू में ऐसे तत्व होते हैं, जो आंतों की सतह को ठीक करते हैं और इसलिए आपकी पेट की जलन ठीक हो जाती है। इसलिए हमेशा खाना खाने के बाद आपको नीम्बू का पानी पीना चाहिए।

नीम्बू की ही तरह दही भी पेट की जलन कम करने के लिए उपयोगी माना जाता है। दही में ऐसे गुण होते हैं, जो एसिडिटी को कम करते हैं। इससे पेट में जलन तो कम होती ही है, साथ ही इससे खाने को पचाने में मदद मिलती है।

यदि आपको एसिड रिफ्लेक्ट की समस्या होती है, तो आपको पपीते, बादाम और केले का सेवन करना चाहिए। खाने के बाद इन फलों को खाने से एसिडिटी कम हो जाती है और पेट की जलन से छुटकारा मिलता है।

इस तरह आप इफ्तारी और सहरी में खाने से जुड़ी इन टिप्स को अपनाएंगे, तो पेट की जलन से राहत मिल सकती है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..