आज राम नवमी का त्यौहार भारत के अलग-अलग स्थानों में मनाया जा रहा है। भगवान राम की जयंती के रूप में इसे मनाया जाता है। इस साल मुहूर्त के अनुसार नवमी दो दिनों तक मनाई जा रही है। इस दिन सभी चैत्र नवरात्रि का उपवास तोड़ते हैं और भगवान के भोग का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दिन की ख़ासियत यह है कि चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भारत के कई स्थानों में कंजक पूजन का रिवाज़ है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों को पूजा जाता है और कंजक पूजन के साथ इस पूजा का उद्यापन किया जाता है। इस दिन मां के पसंदीदा भोग को तैयार किया जाता है। आइए जानते हैं कंजक पूजन के बारे में खास बातें।

क्या है कंजक पूजन?

कंजक पूजन भारत के कई हिस्सों में मनाया जाता है, लेकिन इसका प्रचलन खास तौर पर उत्तर भारत में ज़्यादा है। कंजक पूजन अष्टमी और नवमी दोनों दिन किया जाता है। इस दिन मां आदिशक्ति का पसदंदीदा भोग बनाया जाता है। इस दिन नौ कन्याओं को मां के नौ रूपों का प्रतीक मानकर पूजा जाता है और उन्हें भोग का प्रसाद खिलाया जाता है। इस भोग में खास तौर पर मां के लिए चने का साग, पूरी और सूजी के हलवे का भोग बनाया जाता है। इसके अलावा कन्याओं की पसंद के अनुसार और भी खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं, जिसमें आलू-टमाटर की सब्ज़ी, फल, खीर, इत्यादि शामिल हैं। आइये जानते हैं मां के पसंदीदा भोग की खासियत।

पूरी

गुड़ की मीठी पूरी भी लोग घर पर बनाना पसंद करते हैं

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बड़े पैमाने पर भारत में लोग पूरी खाना पसंद करते हैं। गेंहू के आटे से बनी ये पूरियां रोटी की तरह सेक कर नहीं, बल्कि तलकर बनाई जाती हैं। छोटी-छोटी, मुलायम और गरमा-गर्म पूरियां किसी के भी भोजन का स्वाद दुगुना कर सकती हैं। पूरी कई तरह से बनाई जाती है, इसमें मेथी, पालक, मसाला और गुड़ की मीठी पूरी भी लोग घर पर बनाना पसंद करते हैं। वहीं सादी पूरी बनाने के लिए आपको गेंहू के आटे में तेल और नमक डालकर गूंथना होता है और फिर इसकी लोई बनाकर इसे बेलना होता है। इसके बाद गर्म तेल में इसे तलकर पूरी तैयार होती है।

चने का साग

नवरात्रि के मौके पर लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थो का उपयोग खाना बनाने में नहीं किया जाता

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कठोर काला चना, जिसकी बनी सब्ज़ी बेहद स्वादिष्ट होती है, यह नवरात्रि में खास तौर पर बनाई जाती है। इसे बनाने के लिए आपको रात भर पानी में काले चनों को भिगाकर रखना होता है। इसके बाद आपको इसे उबालना होता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं नवरात्रि के मौके पर लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थो का उपयोग खाना बनाने में नहीं किया जाता, इसलिए इस सब्ज़ी में करी पत्ता,टमाटर, धनिया, हरी मिर्च, नारियल और सूखे मसाले, जैसे हल्दी, लाल मिर्च, चना मसाला और नमक का इस्तेमाल किया जाता है। आप काले चनों का साग दो तरह से बना सकते हैं, ग्रेवी वाला और सूखा दोनों साग खाने में स्वादिष्ट लगता है।

सूजी का हलवा

इस हलवे को बनाने के लिए शुद्ध देसी घी में सूजी को भूना जाता है

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वैसे तो भारतीय घरों में सूजी का हलवा तीज-त्यौहारों, शादी-ब्याह, पूजा-पाठ को लेकर सभी प्रकार के उत्सवों में बनाया जाता है। लेकिन फिर भी सूजी का हलवा सब को बेहद पसंद आता है। यह बनाने में काफी आसान होता है और इसे बनाने में अधिक समय भी नहीं लगता। खास तौर पर कन्या पूजन के लिए इसे बनाने का प्रचलन है। इस हलवे को बनाने के लिए शुद्ध देसी घी में सूजी को भूना जाता है। इसके बाद एक तीन चौथाई दूध में एक चौथाई पानी मिलकर उसे भूनी हुई सूजी में डाला जाता है। यह मिश्रण गाढ़ा होने के बाद इसमें शक्कर मिलाई जाती है और मेवों को डालकर इसे सर्व किया जाता है। यह खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है और इसके बिना कोई भी भोज पूरा नहीं होता।

यह भोज खास तौर पर कंजक पूजन के लिए तैयार किया जाता है। तो इस राम नवमी के दिन आप भी मां का पसंदीदा भोज तैयार करें।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..